Sunday, June 28, 2026
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UP : बलिया में बुझ गए एक ही परिवार के दो चिराग, गंगा नदी में नहाते समय डूबे चचेरे भाई

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बलिया में एक दर्दनाक हादसे में एक साथ एक ही परिवार को दो चिराग बुझ गए. यहां गंगा नदी में नहाते समय दो किशोर चचेरे भाई डूब गए. हालांकि दोनों के शव बरामद नहीं हुए हैं लेकिन उनका पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के बलिया में एक दर्दनाक हादसे में एक साथ एक ही परिवार को दो चिराग बुझ गए. यहां गंगा नदी में नहाते समय दो किशोर चचेरे भाई डूब गए. हालांकि दोनों के शव बरामद नहीं हुए हैं लेकिन उनका पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं.

दोनों चचेरे भाई मंगलवार को शिवपुर ग्राम पंचायत के अंतर्गत सेमरिया डेरा पुरवा गांव में एक शादी में शामिल होने आए थे, तभी शाम को यह घटना घटी. अधिकारियों ने बताया कि जय प्रकाश नगर के नई बस्ती दलजीत टोला निवासी 16 साल के प्रियांशु कुमार यादव और उसका 15 साल का चचेरा भाई डबलू यादव अपनी मौसी के घर आए थे. घटना उस समय हुई जब दोनों लड़के गंगा नदी में नहाने गए और कथित तौर पर गहरे पानी में चले गए.

बैरिया के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) मोहम्मद फहीम कुरैशी ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू किया. तलाशी अभियान अभी भी जारी है और शव बरामद नहीं हुए हैं.

CNN को दिए इंटरव्यू में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले को ‘सबसे जघन्य आतंकी घटना’ बताया और कहा कि भारत की ओर से की गई कार्रवाई ‘सटीक, योजनाबद्ध और संतुलित प्रतिक्रिया’ थी. क्वात्रा ने कहा, ‘हम आतंकवादियों के खिलाफ युद्ध में हैं और हमारा पहला उद्देश

ENTERTAINMENT : क्यों अटक गई अनुष्का शर्मा की ‘चकदा एक्सप्रेस’? जानें झूलन गोस्वामी ने क्या बताया

अनुष्का शर्मा की फिल्म चकदा एक्सप्रेस साल 2023 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली थी. लेकिन अब तक फिल्म रिलीज नहीं हो पाई है. वहीं तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने अपने जीवन पर बन रही इस फिल्म की रिलीज में हो रही देरी पर रिएक्शन दिया है.

एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा को करीब 7 सालों से फिल्मी दुनिया से दूर हैं. उन्हें आखिरी बार शाहरुख खान की फिल्म जीरो (2018) में देखा गया था. इसके बाद से ही अनुष्का शर्मा ने कोई फिल्म नहीं की है. वो फिल्म ‘चकदा एक्सप्रेस’ से कमबैक करने वाली थी. जिसका पोस्टर और फर्स्ट लुक भी जारी हुआ था. ये फिल्म 2023 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली थी. लेकिन अब तक फिल्म रिलीज नहीं हो पाई है.

वहीं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने अपने जीवन पर बन रही फिल्म की रिलीज में हो रही देरी पर रिएक्शन दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म को अक्टूबर 2023 में ओटीटी पर प्रीमियर होना था लेकिन 2025 आने तक भी ये रिलीज नहीं हो पाई है.पूर्व भारतीय क्रिकेटर झूलन गोस्वामी से जब उनकी बायोपिक पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि ‘उन्हें किसी ने भी रिलीज के बारे में नहीं बताया है. मेरे पास इसकी कोई खबर नहीं है और सब मुझे कॉल कर रहे हैं. मुझे इस पर कोई कमेंट नहीं करना.

फिल्म चकदा एक्सप्रेस के एडिटर मानस मित्तल ने मीडिया से बात करते हुए बताया था कि फिल्म को क्रिकेट वर्ल्ड कप से पहले रिलीज करने की प्लानिंग थी लेकिन ये पॉसिबल नहीं हो सका. वहीं दूसरी वजह नेटफ्लिक्स और Slate Filmz के बीच अनबन की वजह से भी फिल्म डिले हो रही है. अब ये कब रिलीज होगी पता नहीं. वहीं अनुष्का शर्मा ने भी इस फिल्म को लेकर चुप्पी साधी हुई है.

भारतीय महिला क्रिकेटर झूलन गोस्वामी की बायोपिक है. जिनका रोल अनुष्का शर्मा निभा रही हैं. प्रोसित रॉय के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में रेणुका शहाणे, अंशुल चौहान,कौशिक सेन और महेश ठाकुर भी अहम भूमिका में हैं.

BIHAR : औरंगाबाद में मां ने चार बच्चों के साथ खाया जहर, घरेलू कलह में उठाया खौफनाक कदम

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औरंगाबाद में महिला ने चार बच्चों के साथ जहर खा लिया है. जहर खाने की सूचना से रेलवे स्टेशन पर हड़कंच मच गया. चार बच्चे और मां को अस्पताल ले जाया गया. मां और तीन बच्चों की मौत हो गई.

बिहार के औरंगाबाद जिले से दर्दनाक खबर सामने आई है. रफीगंज रेलवे स्टेशन परिसर में बुधवार (14 मई, 2025) को मां ने चार बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया. पांचों को तड़पता देख आरपीएफ के जवान मौके पर दौड़े. स्थानीय लोगों की भी भीड़ जुट गई. आनन फानन फानन पीड़ितों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. इलाज के दौरान तीन बच्चों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

मृतकों की पहचान 5 साल की सूर्यमणि कुमारी, 3 साल की राधा कुमारी, एक साल की शिवानी कुमारी के रूप में की गई. इलाज के दौरान 40 वर्षीय महिला सोनिया देवी की भी मौत हो गई. 6 साल के बेटे रितेश कुमार की हालत खराब है. दोनों मां बेटे को औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर किया गया था. सोनिया देवी गोह प्रखंड अंतर्गत बंदेया थाना क्षेत्र के झिकटिया गांव निवासी रवि बिंद की पत्नी थी. रितेश कुमार को मगध मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल बेहतर इलाज के लिए ले जाया गया है. महिला के देवर राम सूरज बिंद ने बताया कि मंगलवार की रात पति-पत्नी में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था.

अगली सुबह बुधवार को पति काम पर चला गया. इस दौरान पत्नी भी चारों बच्चों को लेकर घर से निकली. रफीगंज स्टेशन से सूचना मिली कि सोनिया देवी ने बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया है. मां और बच्चों के जहरीला पदार्थ खाए जाने की सूचना से हड़कंप मच गया. रफीगंज थानाध्यक्ष शंभू कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर राम सुमेर, एस आई इंदल कुमार दल बल के साथ अस्पताल पहुंचे. उन्होंने गंभीर स्थिति में मां और बच्चों को सदर अस्पताल भिजवाया.

तीन बच्चे और मां की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. चाचा राम सूरज बिंद और मौसी बेबी देवी मासूम बच्चों की मौत से सदमे में थे. आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि जवानों को सूचना मिली कि डाउन प्लेटफार्म पर एक महिला और चार बच्चे छटपटा रहे हैं. पांचों को ऑटो में लादकर रफीगंज अस्पताल लाया. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि जहरीला पदार्थ मां ने चारों बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया है. तीन बच्चों की मौत इलाज के दौरान हो गई. एक बेटा रितेश कुमार और मां सोनिया देवी की स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर कर दिया गया है.

 

NATIONAL : उत्तराखंड में UCC लागू होने पर शादीशुदा लोग काफी परेशान, सालों पुरानी इस चीज को रहे हैं ढूंढ

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नागरिकों को अब विवाह का पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराना पड़ रहा है. हजारों दंपतियों को वर्षों पुरानी अपनी शादी का प्रमाण जुटाना पड़ रहा है, जिन्होंने अब तक पंजीकृत नहीं कराया था.

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) के लागू होने के बाद, राज्य के नागरिकों को अब विवाह का पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराना पड़ रहा है. इस नियम के चलते ऐसे हजारों दंपतियों को वर्षों पुरानी अपनी शादी का प्रमाण जुटाना पड़ रहा है, जिन्होंने अब तक अपनी शादी को कानूनी रूप से पंजीकृत नहीं कराया था. विवाह को प्रमाणित करने के लिए लोग शादी के कार्ड, पुरानी तस्वीरें, वीडियो और शपथपत्र तक का सहारा ले रहे हैं.

दीपिका और प्रदीप तिवारी की शादी को 14 वर्ष बीत चुके हैं. उनके दो बच्चे भी हैं और वे सुखी वैवाहिक जीवन बिता रहे हैं. लेकिन अब उन्हें विवाह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अपने विवाह के साक्ष्य जुटाने पड़ रहे हैं. क्योंकि 2010 के पहले जिन लोगों की शादी हुई थी, उनमें से अधिकांश ने विवाह का पंजीकरण नहीं कराया था. अब नए कानून के तहत सभी दंपतियों को विवाह का प्रमाण देना अनिवार्य है, ताकि विवाह कार्ड छपवाकर पंजीकरण किया जा सके.

चूंकि पुरानी शादियों के कई मामलों में लोगों के पास ना तो विवाह कार्ड हैं और ना ही विवाह की तस्वीरें या वीडियो, ऐसे में उन्हें अपने विवाह को प्रमाणित करने के लिए गवाहों का सहारा लेना पड़ रहा है. यहां तक कि कई लोग उन पंडितों से भी संपर्क कर रहे हैं, जिन्होंने उनका विवाह सम्पन्न कराया था. पंडित या अन्य गवाहों के शपथ पत्र से शादी को प्रमाणित किया जा रहा है.

विवाह प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने से पहले लोगों को संबंधित राजस्व अधिकारी (पटवारी, नायब तहसीलदार या तहसीलदार) के समक्ष शपथ पत्र प्रस्तुत करना होता है. इस शपथ पत्र में यह प्रमाणित किया जाता है कि संबंधित पति-पत्नी वास्तव में पति-पत्नी हैं और इतने वर्षों से साथ रह रहे हैं. यह दस्तावेज विवाह पंजीकरण प्रक्रिया का हिस्सा बनता है. पिथौरागढ़ जिले में प्रतिदिन 10 से 12 लोग विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन कर रहे हैं. प्रत्येक कार्ड के लिए लगभग 80 से 120 रुपये तक का प्रिंटिंग खर्च आ रहा है. जिले में अब तक लगभग 1100 लोग विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त कर चुके हैं. कई मामलों में यह प्रक्रिया दिन भर का काम साबित हो रही है.

विवाह पंजीकरण कार्य में जुटे सहायक नगर आयुक्त राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि विवाह की पुष्टि के लिए किसी न किसी दस्तावेज का होना आवश्यक है. अधिकतर लोग शादी के कार्ड या तस्वीरें पेश कर रहे हैं, लेकिन जिनके पास ये भी नहीं है, उन्हें शपथपत्र दाखिल करना पड़ रहा है. कई बार विवाह स्थल के स्थानीय लोगों को भी बतौर गवाह शामिल किया जा रहा है.

राज्य सरकार के इस नियम को लागू करने के पीछे उद्देश्य समाज में पारदर्शिता और विवाह संबंधों को कानूनी रूप देने का है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को कानूनी सुरक्षा मिल सके. लेकिन इसके साथ ही लोगों के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं. जिन लोगों की शादियां दशकों पहले हो चुकी हैं, वे अब पुराने दस्तावेज खोजने में लगे हैं. कहीं कार्ड मिल नहीं रहे, तो कहीं गवाह ढूंढना मुश्किल हो रहा है.

लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से तहसील, नगर पालिका कार्यालय और ब्लॉक स्तर पर विवाह पंजीकरण सहायता केंद्र बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर आवेदन की प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच और प्रमाण पत्र जारी करने का कार्य किया जा रहा है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को और आसान बनाया जाएगा.

नवविवाहित जोड़ों के लिए अब विवाह पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया गया है. अगर कोई विवाह पंजीकृत नहीं कराया जाता है तो संबंधित दंपति को कानूनी रूप से पति-पत्नी नहीं माना जाएगा. इस व्यवस्था के तहत सभी धर्मों, जातियों और वर्गों के लिए एक समान नियम लागू होंगे. विवाह की तारीख के 60 दिनों के भीतर पंजीकरण अनिवार्य होगा.

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण की यह अनिवार्यता समाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और महिला अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक ठोस कदम है. हालांकि पुराने विवाहों के मामलों में लोगों को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टिकोण से यह निर्णय समाज को अधिक संगठित और कानूनी रूप से संरक्षित बनाएगा. अब राज्य के नागरिकों को चाहिए कि वे समय रहते अपने विवाह का पंजीकरण करवाएं ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या सामाजिक जटिलताओं से बचा जा सके.

UP : लखनऊ चिड़ियाघर समेत उत्तर प्रदेश के सभी प्राणी उद्यान बंद, जानें क्या है वजह

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लखनऊ चिड़ियाघर के साथ ही इटावा में लायन सफारी समेत सभी प्राणी उद्यान एक हफ्ते के लिए बंद कर दिए गए हैं. गोरखपुर में एक टाइगर की मौत के बाद और सतर्कता बढ़ा दी गई है.

उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू की खबर के बाद वन विभाग अलर्ट पर है. लखनऊ चिड़ियाघर के साथ ही इटावा में लायन सफारी समेत सभी प्राणी उद्यान एक हफ्ते के लिए बंद कर दिए गए हैं. सभी जगह जरुरी एहतियात बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं. गोरखपुर में एक टाइगर की मौत के बाद और सतर्कता बढ़ा दी गयी है.

यूपी के वन मंत्री अरुण सक्सेना ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि जब से गोरखपुर में एक टाइगर की मौत हुई और भोपाल के वायरोलॉजिकल लैब में हुई जांच में उसमें बर्ड फ्लू पॉजिटिव आया तब उसके बाद से मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कार्रवाई के आदेश दिए और एक हफ्ते के लिए सभी जू और इटावा की लाइन सफारी बंद की गई है. इसके साथ ही सभी जगह जांच कराई जा रही है कि कोई भी जानवर जो किसी भी तरीके से पीड़ित है उसके तुरंत इलाज की व्यवस्था की जा रही है.

इसके साथ ही यह आदमियों में ना फैले इसके लिए प्राणी उद्यान के अंदर लोगों का जाना बंद कर दिया गया है. वहीं जो लोग वहां काम करने के लिए जा रहे हैं उनको वहां मास्क पहन के जाने के लिए कहा गया है. उनको पीपीई किट और गाउन पहन कर जाने के लिए कहा गया है. जिससे उनको किसी तरीके का इन्फेक्शन ना हो, साथ ही वहां सफाई और पानी का विशेश ध्यान दिया जा रहा है .साथ ही साथ इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि वन्य जीवों को जो खाना मिल रहा है वह कहां से आया और जो खाना आता है उसकी भी जांच कराई जा रही है कि वहां से तो कोई इंफेक्शन नहीं आया है.

मंत्री ने कहा, इस बीमारी का इंसानों में भी फैलने का डर है. उन्होंने कहा है कि यह बीमारी पशुओं से इंसान में भी फैल सकती है. इसके लिए आम लोगों को अंदर जाने से रोक दिया गया है. जिससे बच्चे और अन्य लोग जो जू में जानवरों को देखने आते हैं, उनमें इन्फेक्शन ना पहुंचे. इसके साथ ही जो हमारे लोग काम कर रहे हैं, वो मास्क और पीपीई किट पहन कर जाएं. जिससे उनको कोई दिक्कत ना हो. ,वहीँ हम आम आदमी को जागरूक भी कर रहे हैं कि वह अपने हाथ साबुन से बार-बार धोते रहे और मास्क लगा करके ही अंदर जाएं. इसके साथ ही अगर किसी भी जानवर को कुछ होने का अंदेशा है तो उसपर तुरंत एक्शन लिया जाए.

एक हफ्ते हो जाने के बाद एक बार दोबारा से जांच की जाएगी कि क्या स्थिति है कहीं ऐसी बात तो नहीं है और अगर सब ठीक निकलता है तो फिर उसी हिसाब से आगे की कार्यवाई की जाएगी.

 

UP : अलीगढ़ में खनन माफिया के हौसले बुलंद, युवक को घर से बुलाकर डंपर चढ़ाकर उतारा मौत के घाट

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अलीगढ़ की कोतवाली खेर क्षेत्र के गांव में मिट्टी खनन माफियों द्वारा एक युवक को घर से बुलाकर उसके ऊपर मिट्टी का डंफर चढ़ाकर मौत के घाट उतारने की घटना सामने आई है.

उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ की कोतवाली खेर क्षेत्र के गांव पला जरारा में बुधवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. यहां मिट्टी खनन माफियों द्वारा एक युवक को घर से बुलाकर उसके ऊपर मिट्टी का डंफर चढ़ाकर मौत के घाट उतार दिया. खनन माफिया युवक को मौत की नींद सुलाने के बाद ट्रैक्टर ट्राली और डंफर समेत मौके से फरार हो गए. सुनसान जंगल के बीच युवक की डंपर चढ़कर हत्या किए जाने की सूचना मिलते ही परिजनों समेत सैकड़ो की संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और सूचना पुलिस को दी.

सूचना पर इलाका थानाअध्यक्ष समेत पुलिस के उच्च अधिकारी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए. जहां मृतक युवक के परिजनों द्वारा खनन माफियों के ऊपर उसके बेटे को घर से बुलाकर हत्या किए जाने का आरोप लगा है. जिसके बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजते हुए अग्रिम विधिक कार्रवाई करने में जुटी है.

दरअसल पूरा मामला कोतवाली खेर क्षेत्र के गांव पला जरारा का है. यहां एक युवक की लाश सुनसान जंगल के बीच खाली खेतों में पड़ा हुआ मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की मौत को लेकर मौके पर पहुंचे धुंदी नगला गांव निवासी मृतक के चाचा कंचन ने अपने भतीजे के साथ हुई घटना को लेकर बताया कि मंगलवार की देर रात गांव के ही रहने वाले दो युवक निक्की और छोटे फौजी उनके घर पहुंचे और उसके भतीजे पवन को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए. लेकिन पूरी रात गुजारने के बाद भी पवन अपने घर वापस नहीं पहुंचा.

इस दौरान उनके भतीजे को अपने साथ बुला कर ले गया युवक निक्की सुबह उनके घर पहुंचा और परिवार के लोगों को सूचना दी कि मिट्टी के डंफर के नीचे कुचलने के चलते पवन की मौत हो गई है और उसकी लाश खेतों में पड़ी हुई है. भतीजे की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में चीख पुकार मच गई और मृतक के परिजनों समेत स्थानीय ग्रामीणों का जमावड़ा घटनास्थल पर लग गया. जहां बदहवास परिवार के लोगों ने उनके भतीजे को घर से बुलाकर ले गए निक्की और छोटे फौजी पर साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाते हुए सूचना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही इलाका पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई.

मामले में क्षेत्राधिकारी खैर वरुण सिंह ने घटना को लेकर बताया कि बुधवार की सुबह करीब 7:30 बजे पला जरारा गांव के एक खाली खेत में 22 वर्षीय युवक पवन का शव पड़ा हुआ मिलने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी. सूचना पर तत्काल इलाका पुलिस और फील्ड यूनिट टीम के द्वारा मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मौका मुआयना किया गया.

वही पुलिस ने मृतक युवक पवन के शव का पंचायतनामा भरकर डेडबॉडी को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है. जबकि मृतक युवक पवन के परिजनों का आरोप है कि उक्त व्यक्ति की मृत्यु डंफर से कुचलने के कारण हुई है. उक्त घटना की जांच पुलिस द्वारा सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है. मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है.

ENTERTAINMENT : पकड़ी गई आमिर खान की चोरी? रीमेक निकली ‘सितारे जमीन पर’, हर एक सीन है कॉपी

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान की मचअवेटेड फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है. हालांकि फिल्म को कुछ लोग आमिर की कमबैक फिल्म बता रहे हैं तो वहीं लोगों ने इसे रीमेक कहकर ट्रोलिंग भी शुरू कर दी है.

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान की मचअवेटेड फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है. फिल्म में आमिर दिव्यांग खिलाड़ियों की बास्केटबॉल टीम के कोच के रूप में दिखाई दे रहे हैं. ट्रेलर में जबरदस्त कॉमेडी के साथ ही इमोशनल तड़का भी देखने को मिल रहा है. वहीं सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर लोगों के मिले-जुले रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं. कुछ लोग जहां इसे आमिर की कमबैक फिल्म बता रहे हैं तो वहीं लोगों ने इसे रीमेक कहकर ट्रोलिंग भी शुरू कर दी है.

जानकारी के मुताबिक ‘सितारे जमीन पर’ पिछले साल 2024 में रिलीज होनी थी लेकिन कुछ कारणों के चलते ये पोस्टपोन हो गई थी. फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ के सुपर फ्लॉप होने के बाद आमिर इस फिल्म से कमबैक कर रहे हैं. ट्रेलर ने लोगों के बीच एक्साइटमेंट तो बढ़ा दी है लेकिन रीमेक वाली बात आमिर के लिए परेशानी बन सकती है.

बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि आमिर खान की फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ जेवियर फेसर की 2018 में आई स्पैनिश फिल्म ‘कैंपियोन्स’ (Campeones) की ऑफिशयल रीमेक है. इस फिल्म को इंग्लिश में साल 2023 में ‘चैंपियंस’ (Champions) के नाम से रिलीज किया गया था. फिल्म के एक्टर वुडी हैरेलसन थे. अब ‘सितारे जमीन पर’ का ट्रेलर आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दोनों ही फिल्मों का फ्रेम-बाय-फ्रेम कंपेरिजन तक कर दिया. जो अब वायरल हो रहा है.

दरअसल सोशल मीडिया यूजर्स ने चैंपियन और सितारे जमीन पर के कुछ सीन को शेयर किया है. जिसमें दिखाया गया हर सीन आमिर की फिल्म से मेल खा रहा है. फिर में आमिर का शराब पीकर गाड़ी चलाना हो या कोर्ट रूम में जज के साथ बहस हो या फिर दिव्यांग खिलाड़ियों का बास्केटबॉल खेलना. इसे ही लेकर अब सोशल मीडिया पर आमिर खान की ट्रोलिंग हो रही है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने हॉलीवुड फिल्म ‘चैंपियन’ का वीडियो अपलोड़ कर लिखा कि ‘सितारे जमीन पर’ का ट्रेलर खराब था और हर सीन ओरिजनल फिल्म चैम्पियंस ट्रेलर की नकल लग रहा था. वहीं एक यूजर ने लिखा कि मैं ‘सितारे जमीन पर’ के अच्छे प्रदर्शन की कामना कर रहा हूं (रीमेक होने के बावजूद). इसका कारण यह है कि बड़े अभिनेताओं को अच्छे कंटेंट वाले छोटे प्रोजेक्ट पर काम करना सामान्य बात है.

एक यूजर ने लिखा कि सितारे जमीन पर का ट्रेलर ने निराश कर दिया है. आमिर इमोशन और एक्साइटमेंट करने में फेल रहे. ये रीमेक फिल्म डिजास्टर है. आमिर खान अभी भी उस PK टोन में फंसे हुए हैं.

मूवी में आमिर बास्केटबॉल कोच बने हैं. वो फिल्म में 10 दिव्यांग खिलाड़ियों को ट्रेन करने की जिम्मेदारी उठाते हैं. इन 10 दिव्यांगों को आमिर नेशनल के लिए तैयार करते हैं. कॉमेडी, स्ट्रगल और इमोशंस के डोज के साथ कहानी आगे बढ़ती है. ये फिल्म टीमवर्क, स्पोर्ट्समैन स्प्रिट, खुद की कमियों से लड़ना और हर मुश्किल फेज को हंसते हुए जीने की कोशिश को दिखाती है. फिल्म 20 जून को रिलीज होगी. इसे आर. एस. प्रसन्ना ने इसे डायरेक्ट किया है. फिल्म में आमिर के साथ जेनेलिया डिसूजा की जोड़ी बनी है.

UP : मर्दों से है नफरत… बदायूं में दो लड़कियों ने आपस में की शादी, मंदिर में एक दूसरे को पहनाई वरमाला, कहानी आशा और ज्योति की

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लड़कियों ने कहा कि हम लोग आपस में सहेलियां हैं और लगभग 3 महीने से एक साथ रह रहे हैं. आगे भी हम दोनों पति-पत्नी के रूप में एक साथ जीवन भर रहना चाहते हैं. लेकिन एक ही लिंग के होने की वजह से कानूनन शादी नहीं हो पाई, जिसके चलते कलेक्ट्रेट स्थित शिव मंदिर में एक दूसरे को जयमाला पहनाकर शादी रचाई और जिंदगी भर एक दूसरे के साथ रहने की कसम खाई.

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में दो लड़कियों ने आपस में शादी रचा ली. इसमें आशा नाम की लड़की पति बनी, जबकि ज्योति नाम की लड़की पत्नी बनी. उन्होंने मंदिर में एक दूसरे को वरमाला पहनाकर साथ जीने मरने की कसम खाई. फिलहाल, इलाके में आशा और ज्योति की शादी चर्चा का विषय है. आइए जानते हैं पूरा मामला…

दरअसल, बदायूं के थाना सिविल लाइंस स्थित कचहरी परिसर में बीते दिन एक अनोखा मामला देखने को मिला. यहां दिवाकर वर्मा नामक एडवोकेट के चेंबर के समीप शिव मंदिर में दो लव जिहाद की शिकार सहेलियों आशा और ज्योति ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर शादी कर ली. उन्होंने एडवोकेट दिवाकर से आपस में शादी करने की इच्छा प्रकट की थी, जिसके बाद एडवोकेट ने उनकी मदद की.

लड़कियों ने कहा कि हम लोग आपस में सहेलियां हैं और लगभग 3 महीने से एक साथ रह रहे हैं. आगे भी हम दोनों पति-पत्नी के रूप में एक साथ जीवन भर रहना चाहते हैं. लेकिन एक ही लिंग के होने की वजह से कानूनन शादी नहीं हो सकी, जिसके चलते कलेक्ट्रेट स्थित शिव मंदिर में एक दूसरे को जयमाला पहनाकर शादी रचाई और जिंदगी भर एक दूसरे के साथ रहने की कसम खाई.

ज्योति से शादी कर पति बनी आशा ने बताया कि वह पुरुष समाज से नफरत करती है. दो गैर समुदाय के लड़कों ने अपना नाम बदलकर उनसे प्यार का नाटक किया, शादी का वादा किया, आखिर में धोखा दे दिया. कानून ने भी उन दोषियों को कोई सजा नहीं दी. इसलिए अब हम पुरुष से शादी ही नहीं करना चाहते. भले ही कानून हमें शादी करने की इजाजत नहीं देता, लेकिन हमने मंदिर परिसर में शादी कर ली है.

वहीं, पत्नि बनी युवती ज्योति ने कहा कि भले ही कानूनी रूप से हमारी शादी वैध ना हो लेकिन हम दोनों अब जीवन भर साथ-साथ रहेंगे. पति-पत्नी के रूप में एक दूसरे का सहारा बनेंगे. ज्योति ने आगे कहा कि हम यह कदम पुरुषों से नफरत होने के कारण उठा रहे हैं. हम लोगों को गैरसमुदाय के लड़कों ने धोखा दिया है.

दोनों युवतियों का यह भी कहना है कि अगर परिवार वाले उनसे संबंध रखते हैं तो ठीक है वरना वह दोनों एक दूसरे के सहारे पूरा जीवन काट लेंगी. सरकार लव जिहाद पर भले ही कितनी भी सख्त हो मगर उनको धोखा देने वालों को सजा नहीं मिली है.

मामले में आशा और ज्योति के वकील दिवाकर वर्मा ने बताया कि दोनों लड़कियां मेरे पास आई थीं और उन्होंने कहा कि हम शादी करना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि हम मर्दों से बहुत ज्यादा नफरत करते हैं. मर्दों ने हमारे साथ बहुत अत्याचार किया है. मुस्लिम लड़कों ने उनको प्यार में धोखा दिया, दोनों लव जिहाद का शिकार हुई हैं. उनकी बातें सुनने के बाद कचहरी परिसर के मंदिर में शादी करवा दी.

NATIONAL : ‘परमाणु धमकियों के बारे में PM मोदी…’, ऑपरेशन सिंदूर के बाद साध्वी प्राची की PAK को चेतावनी

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विहिप नेता साध्वी प्राची ने कहा पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और वह लाखों लोगों की हत्या कर चुका है, इसलिए उसका जवाब ऐसे ही ऑपरेशन से देना पड़ेगा.

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की नेता साध्वी प्राची ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए भारतीय सेना और केंद्र सरकार की तारीफ की. उन्होंने कहा कि आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा, जिसका जवाब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए दिया गया. विहिप नेता साध्वी प्राची ने एक बयान में कहा, “पीएम मोदी मजबूत दोस्ती निभाने और दुश्मनों को करारा जवाब देने के लिए जाने जाते हैं. यह बात पूरा देश और दुनिया जानती है. परमाणु धमकियों के बारे में पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि भारत किसी भी तरह की धमकी बर्दाश्त नहीं करेगा.”

उन्होंने आगे कहा, “पीएम मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ करके पूरे विश्व को अपनी ताकत का एहसास करा दिया है. जिन्होंने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा, उसका जवाब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए दिया गया. पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और वह लाखों लोगों की हत्या कर चुका है, इसलिए उसका जवाब ऐसे ही ऑपरेशन से देना पड़ेगा. यही वजह है कि पीएम मोदी ने उन्हें घर में घुसकर मारा है. पाकिस्तान को भारत की ताकत का पता चल गया है.”

साध्वी प्राची ने कहा, “हिंदुस्तान ने पूरे विश्व को दिखा दिया कि ये नया भारत है. ये पीएम मोदी, अमित शाह और अजीत डोभाल का भारत है. ये 2025 का भारत है, जो आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देना जानता है. मैं ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने वाले भारतीय सैनिकों का आभार व्यक्त करती हूं.”

साध्वी प्राची ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, “इंदिरा गांधी को आयरन लेडी बोलने वाले लोग कान खोलकर सुन लें कि उन्हें सिर्फ पाकिस्तान से प्यार था. इंदिरा गांधी ने 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को तुरंत छोड़ दिया था, जबकि 53 हजार हिंदुस्तान के सैनिकों में से एक को भी आयरन लेडी बचाकर नहीं लाई थीं. नेहरू-गांधी खानदान हमेशा से पाकिस्तान और आतंकवादियों से प्यार करता रहा है. जब बाटला कांड हुआ था, तब सोनिया गांधी रोई थीं.”

 

NATIONAL : सरकारी आवास में मिले पति-पत्नी और दो बच्चों के शव… हत्या या आत्महत्या? जांच में जुटी पुलिस

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छत्तीसगढ़ के महासमुंद में सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां एक सरकारी कर्मचारी, उसकी पत्नी और उनके दो बच्चे आज बुधवार को घर में मृत पाए गए. पुलिस को शक है कि कर्मचारी ने अपनी पत्नी और दो बच्चों की हत्या के बाद खुदकुशी कर ली. यह घटना तब सामने आई, जब पड़ोसियों ने घर में किसी प्रकार की हलचल न होते देख पुलिस को सूचना दी.

छत्तीसगढ़ में महासमुंद जिले के बागबहरा कस्बे में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक सरकारी कर्मचारी, उसकी पत्नी और उनके दो बच्चे घर में मृत पाए गए. पुलिस का कहना है कि यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, जिसमें व्यक्ति ने पहले अपने परिवार के तीन सदस्यों की हत्या की और फिर खुदकुशी कर ली. फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है.

एजेंसी के अनुसार, मृतकों की पहचान 41 वर्षीय बसंत पटेल, उनकी पत्नी 38 वर्षीय भारती, 11 वर्षीय बेटी सेजल और 4 साल के बेटे कियांश के रूप में हुई है. बसंत पटेल राज्य के आदिवासी कल्याण विभाग में बागबहरा विकास ब्लॉक कार्यालय में कार्यरत थे. वह Housing Board Colony में स्थित सरकारी आवास में रहते थे.

आज बुधवार को जब देर तक उनके घर से कोई गतिविधि नहीं देखी गई तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी. जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जायजा लिया. दरवाजा तोड़कर पुलिस घर में घुसी तो देखा कि बसंत पटेल को छत से लटका हुआ पाया, जबकि अन्य तीन शव बिस्तर पर पड़े हुए थे.

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बसंत पटेल ने पहले अपनी पत्नी और दो बच्चों को जहर देकर मारा और फिर आत्महत्या कर ली. इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है, ताकि घटना की असली वजह का पता चल सके.पुलिस का कहना है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया और जायजा लिया. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए हैं. हालांकि अभी तक इस मामले में कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस का मानना है कि घरेलू झगड़े या मानसिक तनाव के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता चल सके.

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