Sunday, June 28, 2026
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BUSINESS : तुर्की के फलों का बॉयकॉट, मार्बल कारोबारी और ट्रेवल कंपनियां भी हुईं खिलाफ… पाकिस्तान के मददगार का शुरू हुआ बहिष्कार

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भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के इस दौर में तुर्की के रुख ने भारतीय व्यापारियों को नाराज किया है. तुर्की अक्सर पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है. ऐसे में उदयपुर के मार्बल व्यापारियों द्वारा उठाया गया यह कदम सिर्फ एक आर्थिक फैसला नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश है कि भारत अब हर स्तर पर अपने विरोधियों को जवाब देने को तैयार है.

पिछले दिनों भारत और पाकिस्तान के बीच बेहद तनावपूर्ण हालात बन गए थे. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए तुर्की के 350 से ज्यादा ड्रोन का इस्तेमाल किया. तो क्या तुर्की भी पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत से लड़ाई लड़ रहा था? तुर्की के सैन्यकर्मी भारत के खिलाफ ड्रोन हमले कराने के लिए पाकिस्तान में मौजूद रहे यानी ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत पर ड्रोन हमले कराने में तुर्की के सलाहकारों ने पाकिस्तानी सेना की मदद की.

आई इस खबर को इस बात से पुख्ता किया जा सकता है कि तुर्की के दो ड्रोन ऑपरेटरों का पाकिस्तान में भारत के हमले में मारे जाने का दावा है, जिसे पाकिस्तान छिपा ले गया. तुर्की की तरफ से पाकिस्तान को दी गई मदद पर अब भारत की नजर है. कल ही विदेश मंत्रालय ने इस बात को साफ कहा है. वहीं हमारे देश में तुर्की को पर्यटन से लेकर सेब और मार्बल व्यापार जैसी दूसरी जगहों से अब बायकॉट करने की मांग उठने लगी है.

तुर्की द्वारा पाकिस्तान का खुलेआम समर्थन करने के बाद देशभर में ‘बॉयकॉट तुर्की’ अभियान ने जोर पकड़ लिया है. महाराष्ट्र के पुणे से लेकर राजस्थान के उदयपुर तक व्यापारियों ने तुर्की से आयातित वस्तुओं का बहिष्कार कर तुर्की को आर्थिक मोर्चे पर जवाब देने का ऐलान कर दिया है. एजेंसी के अनुसार, महाराष्ट्र के पुणे में व्यापारियों ने तुर्की से आयात होने वाले सेबों की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी है. स्थानीय बाजारों से ये सेब गायब हो गए हैं और ग्राहकों ने भी इसका बहिष्कार कर दिया है. हर साल पुणे के फलों के बाजार में तुर्की सेबों की हिस्सेदारी लगभग 1000-1200 करोड़ रुपये की होती है, लेकिन अब यह कारोबार ठप हो गया है. गाजियाबाद के साहिबाबाद फल मंडी के व्यापारियों ने भी तुर्की से सेब और अन्य फलों के आयात का बहिष्कार करने का फैसला किया है.

एशिया के सबसे बड़े मार्बल व्यापार केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले उदयपुर के व्यापारियों ने तुर्की से मार्बल का आयात बंद करने का फैसला किया है. इसका कारण है- तुर्की का पाकिस्तान को समर्थन देना. उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स कमेटी के अध्यक्ष कपिल सुराना ने बताया कि कमेटी के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि जब तक तुर्की पाकिस्तान का समर्थन करता रहेगा, तब तक उससे व्यापार नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि भारत में आयात होने वाले कुल मार्बल का करीब 70% हिस्सा तुर्की से आता है, लेकिन अब यह आयात बंद किया जा रहा है.

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के इस दौर में तुर्की के रुख ने भारतीय व्यापारियों को नाराज किया है. तुर्की अक्सर पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है. ऐसे में उदयपुर के मार्बल व्यापारियों द्वारा उठाया गया यह कदम सिर्फ एक आर्थिक फैसला नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश है कि भारत अब हर स्तर पर अपने विरोधियों को जवाब देने को तैयार है.

ट्रैवल कंपनी Make My Trip ने बयान जारी कर कहा, ‘पिछले एक हफ्ते में भारतीय यात्रियों की भावनाओं में स्पष्ट बदलाव देखने को मिला है. अजरबैजान और तुर्की के लिए बुकिंग में 60% की गिरावट आई है, जबकि इन्हीं दो देशों के लिए कैंसलेशन 250% तक बढ़ गए हैं.’

कंपनी ने कहा, ‘हम अपने देश के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं और सशस्त्र सेनाओं के प्रति गहरी श्रद्धा के साथ इस भावना का पूर्ण समर्थन करते हैं. हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि वे अजरबैजान और तुर्की की अनावश्यक यात्रा से बचें. हमने पहले ही अपने प्लेटफॉर्म से इन दोनों देशों से जुड़े सभी प्रचार और ऑफर बंद कर दिए हैं, ताकि इन देशों की ओर पर्यटन को कम किया जा सके.’

सवाल यह है कि दो साल पहले भयानक भूकंप आने पर भारत ने जिस देश की मदद की थी, वो आज अपनी वॉरशिप में ड्रोन वाली मदद लेकर पाकिस्तान के पाास क्यों गया. तुर्की में आए भीषण भूकंप के बाद हिंदुस्तान उसे मदद भेजने वाले मुल्कों में सबसे आगे था. फिर तुर्की ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की मदद क्यों की? क्यों उसकी तरफ से पाकिस्तान को अपने खतरनाक ड्रोन दिए गए, जिन्हें हिंदुस्तान ने ठिकाने लगा दिया?

एर्दोगन के नेतृत्व में तुर्की लगातार भारत विरोधी हरकतें कर रहा है, लेकिन इस बार तो उसने हद पार कर दी है. 8 मई की रात देश ने तुर्की में बने ड्रोन्स को हिंदुस्तान की तरफ आते हुए देखा. इतने बड़े पैमाने पर हवाई घुसपैठ का संभावित उद्देश्य हवाई रक्षा प्रणालियों का परीक्षण करना और खुफिया जानकारी इकट्ठा करना था. ड्रोन के मलबे की फॉरेंसिक जांच में पता चला कि ये तुर्की के एसिसगॉर्ड सोनगार ड्रोन हैं.

सोनगार ड्रोन्स हथियार ले जाने में सक्षम यूएवी यानी मानव रहित हवाई वाहन हैं जिनके पास टारगेट को पहचानने और उसे नष्ट करने की विशेष क्षमता होती है. ये तुर्की का पहला राष्ट्रीय हथियारबंद ड्रोन सिस्टम है जिसे क्रॉस बॉर्डर सैन्य अभियानों में इस्तेमाल किया जाता है. इसकी रेंज 5 से 10 किलोमीटर होती है. इसमें कैमरे और ऑटोमैटिक मशीनगन लगी होती है. इसे 2020 में पहली बार तुर्की की सशस्त्र सेना में शामिल किया गया था.

पाकिस्तान की तरफ से कामिकाजे ड्रोन भी भारत के खिलाफ इस्तेमाल किए गए. ऐसे ही एक ड्रोन का मलबा नौशेरा में मिला. इस ड्रोन से रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया था. लेकिन भारत के आकाश जैसे मेड इन इंडिया प्लैटफॉर्म के आगे इनकी एक न चली.

इस तरफ तुर्की ने पाकिस्तान को भारत पर हमले के लिए ड्रोन दिए तो वहीं उसके राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहबाज शरीफ से बात की और तनाव बढ़ने पर चिंता जताई, लेकिन पहलगाम हमले पर एक शब्द नहीं बोला. तुर्की दुनिया का इकलौता मुल्क है, जिसने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से पहलगाम हमले के बाद न सिर्फ मुलाकात की बल्कि आतंकी हमले को लेकर कुछ नहीं कहा. लेकिन उसकी हरकतें नहीं रुकीं और ऑपरेशन सिंदूर से ऐन पहले उसका C-130 हरक्यूलिस सैन्य विमान पाकिस्तान पहुंचा, जिसमें गोला-बारूद न होने का दावा किया गया, लेकिन भारत की सरहदों में घुसे तुर्की के ड्रोन ने बता दिया कि उसमें क्या था.

तुर्की यहीं नहीं रुका और उसकी तरफ से पाकिस्तान को खुलकर मदद करने के लिए एक युद्धपोत भी कराची भेज दिया गया. भारत से तनाव के बीच तुर्की का इस तरह से युद्धपोत भेजना सबकुछ कह गया. अब सवाल ये है कि तुर्की और उसके राष्ट्रपति भारत से किस बात की दुश्मनी निकाल रहे हैं? एर्दोगन को भारत से क्या परेशानी है?

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन अपने देश को मुस्लिम देशों का नेता बनाना चाहते हैं. इसी चाहत में वो कभी कतर की घेराबंदी पर सऊदी अरब को धमकाते हैं, तो कभी गाजा पट्टी की घेराबंदी के दौरान वहां के फिलिस्तीनियों की मदद के लिए जहाज से सहायता भेजते हैं. कभी वो हाविया सोफिया को मस्जिद बनाकर अपने आपको इस्लामी ताकत बनाने की कोशिश करते हैं. तो कभी मुसलमानों के मानवाधिकारों के कथित दमन वाले मुद्दों को जोर-शोर से उठाते हैं.

इजरायल, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात से भारत की नजदीकी भी तुर्की को नहीं पचती इसीलिए भीषण भूकंप में सबसे पहले आकर मदद करने वाले भारत को वो भूल गया. भारत हमेशा से तुर्की की मदद की. 2023 के भूकंप में भारत पहला देश था जो मदद के लिए आगे आया. अब तुर्की के खिलाफ लोगों में गुस्सा है और उसे सबक सिखाने की मांग उठ रही है. तुर्की से इंपोर्ट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की मांग उठी है. सबसे बड़ी मांग ये हो रही है कि भारतीय अब तुर्की घूमने न जाएं.

ENTERTAINMENT : माधुरी दीक्षित के इस गाने पर लगा था अश्लीलता फैलाने का आरोप, मिला होम ब्रेकअर का टैग, विवादों में खूब रहा धक-धक गर्ल का नाम

माधुरी दीक्षित अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ पर्सनल लाइफ को लेकर भी खूब सुर्खियों में रहीं. एक वक्त था एक्ट्रेस पर गाने के जरिए अश्लीलता फैलाने से लेकर घर तोड़ने तक का आरोप लगा था.

माधुरी दीक्षित की गिनती 90 के दशक की टॉप एक्ट्रेस में हुआ करती थी. अपनी शानदार एक्टिंग और डांस के लिए एक्ट्रेस ने इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई. एक्टिंग में माहिर, बेहतरीन डांसर, सोशल वर्कर समेत अन्य कई खूबियों से लबरेज ‘धक-धक गर्ल’ 15 मई को अपना 58वां जन्मदिन मनाने वाली हैं. हालांकि, कई ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाली माधुरी का विवादों से भी गहरा नाता रहा है.

साल 1993 में माधुरी की फिल्म’खलनायक’ रिलीज हुई थी, जिसमें उनके साथ संजय दत्त और जैकी श्रॉफ अहम भूमिका में नजर थे. ‘खलनायक’ को सुभाष घई ने निर्देशित किया था और ये उस साल की ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक बन गई थी. हालांकि, फिल्म के सॉन्ग ‘चोली के पीछे क्या है’ को लेकर खूब बवाल मचा था. माधुरी पर फिल्माए गए इस गाने पर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगा था. साथ ही लोगों ने गाने को बैन करने और फिल्म की रिलीज को रोकने की मांग की थी. हालांकि, जब मामला कोर्ट में पहुंचा तो ये कहकर आरिज कर दिया गया कि इसमें कुछ आपत्तिजनक नहीं है.

 

RAJASTHAN : पाकिस्तान बढ़ा रहा मोबाइल टावरों की रेंज, जासूसी का खतरा, जैसलमेर-श्रीगंगानगर में पाक सिम पर रोक

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राजस्थान में भारत-पाक सीमा पर जासूसी की आशंका के चलते सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. जैसलमेर और श्रीगंगानगर में पाक सिम पर रोक लगी है. BSF ने ड्रोन चेतावनी दी है. कई जिलों को संवेदनशील घोषित कर सायरन लगाने के निर्देश दिए गए हैं. बम की धमकियों के बीच जनजीवन सामान्य हो रहा है और उड़ानें फिर से शुरू हुई हैं.

भारत-पाकिस्तान सीमा पर जासूसी की आशंकाओं के चलते राजस्थान प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है. खासकर जैसलमेर और श्रीगंगानगर जिलों में पाकिस्तानी सिम कार्ड के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. जैसलमेर के कलेक्टर प्रताप सिंह ने बुधवार को बताया कि पाकिस्तान की ओर से सीमा के पास मोबाइल टावरों की रेंज बढ़ाई जा रही है, जिससे अवैध संचार और जासूसी की संभावना बढ़ गई है. इसी को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है. श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर ने भी इसी तरह का आदेश जारी किया है.

सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित गांवों में बाहरी लोगों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. बीएसएफ और स्थानीय पुलिस हाई अलर्ट पर हैं और संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है.बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट (इंटेलिजेंस) महेश चंद्र जात ने आम लोगों को ड्रोन गतिविधियों के बारे में जागरूक करने के लिए एक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया. उन्होंने चेताया कि सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों में इजाफा हो सकता है और लोगों को इसकी पहचान और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी होनी चाहिए.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटा और अजमेर सहित बॉर्डर जिलों — बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर और जोधपुर को संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया है. नागरिक सुरक्षा निदेशालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों में इन क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक सायरन लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से संचालित किया जाएगा.

इस बीच, जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम को एक बार फिर बम की धमकी मिली है. इसी तरह की धमकी प्रतापगढ़ मिनी सचिवालय और बारां जिला प्रशासन को भी ईमेल के जरिए मिली है. पुलिस साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से जांच कर रही है और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.हालांकि, सीमावर्ती इलाकों में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है. बाजार फिर से खुल गए हैं और दैनिक गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हैं. बीकानेर, जोधपुर और किशनगढ़ हवाई अड्डों पर उड़ान सेवाएं भी बहाल हो गई हैं. शिक्षा विभाग ने सीमा क्षेत्र में परीक्षा कार्यक्रम में हुए व्यवधानों के बाद नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

NATIONAL : चेन्नई के IT हब में महिला कर्मचारी से यौन उत्पीड़न, होटल कर्मी गिरफ्तार

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चेन्नई के थोरइपक्कम में एक महिला आईटी कर्मचारी से यौन उत्पीड़न की घटना सामने आई है. घटना 12 मई की रात हुई जब महिला ऑफिस से लौट रही थी. आरोपी होटल कर्मचारी ने उस पर हमला किया. महिला के चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने मदद की और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

चेन्नई के आईटी हब थोरइपक्कम में एक आईटी महिला कर्मचारी के साथ यौन उत्पीड़न की चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यह घटना 12 मई की रात करीब 10 बजे हुई जब महिला ऑफिस से अपने पीजी लौट रही थी.

जैसे ही वह अपने पीजी के पास पहुंची, एक होटल कर्मचारी योगेश्वरन ने उस पर हमला किया. उसने महिला का मुंह दबाने की कोशिश की और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया. महिला ने जोर से चिल्लाना शुरू किया. उसकी आवाज सुनकर पास ही फुटबॉल खेल रहे लड़के और आस-पास के लोग तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़े.

आरोपी की पहचान योगेश्वरन के रूप में हुई है जो तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले का रहने वाला है. मौके पर लोगों के पहुंचने के बाद आरोपी वहां से भाग नहीं सका. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया. घटना के बाद से महिला काफी डरी हुई है, पुलिस द्वारा उसकी काउसलिंग की जा रही है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी को आज सुबह अदालत में पेश किया गया और उसे रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. यह घटना चेन्नई जैसे सुरक्षित माने जाने वाले आईटी हब में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है.

NATIONAL : सोफिया कुरैशी पर बयान देकर बुरे फंसे बीजेपी के मंत्री, अब अखिलेश यादव ने लगाई क्लास

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भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा दिए गए बयान पर बवाल मचा हुआ है. इसी बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपी मंत्री विजय शाह के एक विवादास्पद बयान पर प्रतिक्रिया दी है और इसे हर नारी और सेना का अपमान बताया है.

सपा चीफ अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-“मप्र बीजेपी के एक मंत्री जी का अति निंदनीय बयान केवल एक उच्च सैन्य महिला अधिकारी ही नहीं बल्कि देश की हर नारी और सेना का अपमान है. ये महानुभाव सदैव से भाजपाई और उनके संगी-साथियों की ‘नारी विरोधी’ सोच के मुखपत्र रहे हैं. कुछ वर्षों पहले इन्होंने ही देश की एक प्रतिष्ठित अभिनेत्री के कार्य में बाधा डाली थी. बीजेपी की ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ जैसी झूठी घोषणाओं का सच ऐसे लोगों के दुष्विचार खोल देते हैं. ऐसे लोग मंत्री तो क्या, किसी गली-मोहल्ले तक के भी जन प्रतिनिधि नहीं बनने चाहिए. सवाल ये है कि इन्हें बीजेपी वाले स्वयं हटाएंगे या इनके खिलाफ एकजुट नारी शक्ति और जनता.”

बता दें कि बीजेपी नेता और मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने कथित तौर पर कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर एक टिप्पणी की थी. उनके इस बयान को लेकर काफी हंगाम हुआ और इसके साथ ही जबलपुर हाईकोर्ट ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए बीजेपी नेता के खिलाफ जल्द से जल्द FIR दर्ज करने का आदेश दिया.

इससे पहले कर्नल सोफिया कुरैशी पर बीजेपी नेता और मंत्री विजय शाह की बयान को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भी लिखा था. कांग्रेस नेता ने कहा था कि मप्र बीजेपी सरकार के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की वीरांगना कर्नल सोफिया कुरैशी को “आतंकवादियों की बहन” कहकर किया गया घृणित और राष्ट्र-विरोधी बयान, न केवल एक गंभीर अपराध है.

BIHAR : शहीद रामबाबू सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा, तेजस्वी यादव ने दी श्रद्धांजली, नहीं दिखे CM-मंत्री

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बिहार सरकार की ओर से किसी मंत्री या सीएम के उपस्थित नहीं होने पर तेजस्वी यादव ने कहा कि सभी लोगों को रहना चाहिए. निश्चित तौर पर इन सब मामलों पर गंभीर होना चाहिए.

भारत-पाक तनाव के दौरान पाकिस्तान के हमले में बिहार के सीवान के रहने वाले बीएसएफ के जवान रामबाबू सिंह शहीद हो गए थे. पाकिस्तान की ओर से हुए हमले में 12 मई को उन्होंने देश के लिए बलिदान दे दिया. बुधवार (14 मई, 2025) को उनका पार्थिव शरीर पटना पहुंचा. पटना एयरपोर्ट पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने श्रद्धांजलि दी.

तेजस्वी यादव के अलावा बीजेपी के वरिष्ठ नेता महाचंद्र सिंह ने भी शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी. हालांकि सबसे हैरान करने वाली बात है कि इस मौके पर ना तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे और ना ही दोनों उप मुख्यमंत्री पहुंचे. इतना ही नहीं बल्कि बिहार सरकार का कोई मंत्री नहीं पहुंचा था. पटना एयरपोर्ट से पार्थिव शरीर को शहीद जवान के गृह जिले सीवान के लिए भेज दिया गया. गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा.

शहीद जवान रामबाबू सिंह को श्रद्धांजलि देने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारे देश के साथ कोई भी परिस्थिति हो हर परिस्थिति में बिहार का लाल, बिहार का नौजवान खड़ा रहता है. हम उन्हें सलामी देते हैं. उन्होंने कहा कि सभी लोगों को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए जो भी सीमा पर हैं या जहां भी हैं, चाहे वह बीएसएफ के हैं, सीआरपीएफ के हैं, सीआईएसएफ के हैं या आर्मी के हैं. हम देश के गृह मंत्री को आज ही पत्र लिखने जा रहे हैं.

एक सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि कोई तीसरा देश आकर अगर पंचायती करेगा तो यह हम लोगों को कबूल नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका कौन होता है सीजफायर करने वाला? उन्होंने कहा कि सेना को अगर मौका मिला तो पाकिस्तान का नक्शा खत्म कर दिया जाएगा. आज रामबाबू गुप्ता के शोक सभा में बिहार सरकार के किसी मंत्री के नहीं रहने पर कहा कि सभी लोगों को रहना चाहिए. बिहार में दो-दो उप मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर इन सब मामलों पर गंभीर होना चाहिए.

बता दें कि शहीद जवान रामबाबू सिंह जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर तैनात थे. वे 27-28 साल के ही थे. जीबी नगर थाना क्षेत्र के वसिलपुर गांव के रहने वाले थे. कुछ महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी.

PUNJAB : अमृतसर SGPC जल्द लेगी भाई राजोआना की याचिका पर फैसला, पुंछ पीड़ितों को आर्थिक सहायता का ऐलान

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SGPC ने भाई बलवंत सिंह राजोआना को लेकर दायर याचिका पर जल्द निर्णय की घोषणा की. पुंछ हमले में मारे गए सिखों के परिजनों को 5 लाख की मदद और लंगर मार्ग के सौंदर्यीकरण का फैसला लिया गया.

अमृतसर के शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भाई बलवंत सिंह राजोआना को लेकर दायर याचिका पर विचार कर जल्द ही फैसला लेने की घोषणा की है. SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई आंतरिक समिति की बैठक में समिति ने भाई बलवंत सिंह राजोआना ने SGPC अध्यक्ष को लिखे गए 3 पन्नों के पत्र पर गंभीरता से विचार किया और इस राष्ट्रीय मुद्दे की गंभीरता के अनुरूप शीघ्र ही निर्णय लेने की प्रतिबद्धता व्यक्त की.

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए एडवोकेट धामी ने कहा कि भाई राजोआना ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को एक लंबा पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने सरकारों से सिखों के साथ किए जा रहे भेदभाव का जिक्र किया है. इस पत्र में भाई राजोआना ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने उनके संबंध में दायर याचिका को वापस लेने का भी जिक्र किया है.

उन्होंने कहा कि यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है जिसके संबंध में शिरोमणि कमेटी सिख पंथ, निहंग सिंहों और टकसालों के प्रतिनिधि संगठनों के साथ बैठकें करके राष्ट्रीय राय बनाने का प्रयास कर रही है. इस संबंध में 2 बैठकें हो चुकी हैं और 17 मई को चंडीगढ़ में सिख जजों व वकीलों के साथ बैठक होगी. इसके बाद पंथिक प्रतिनिधियों की एक सभा बुलाई जाएगी और सिख कौम की भावनाओं के अनुसार निर्णय लिया जाएगा.

बैठक के दौरान लिए गए अन्य फैसलो की जानकारी देते हुए एडवोकेट धामी ने बताया कि पिछले दिनों जम्मू के पुंछ में हुए हमले के दौरान मारे गए सिखों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि यह समय पीड़ित परिवारों के लिए अत्यंत दुखदायी है तथा शिरोमणि कमेटी उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी.

एक अन्य फैसले की जानकारी देते हुए एडवोकेट धामी ने बताया कि लंगर श्री गुरु रामदास जी से बाबा अटल राय साहिब तक के मार्ग का सौंदर्यीकरण किया जाएगा. यहां दोनों ओर सुंदर पेड़ लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु हरे-भरे और छायादार वातावरण का आनंद ले सकें. इसकी सेवा बाबा कश्मीर सिंह भूरीवाला से प्रदान की जाएगी.

उन्होंने कहा कि समागम में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी मोहन सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, बाबा इंद्रजीत सिंह रकबेवाले, बाबा बिशन सिंह तरना दल बाबा बकाला, शिरोमणि कमेटी के सदस्य एस. रणधीर सिंह चीमा की तस्वीरें केंद्रीय सिख संग्रहालय में लगाने की मंजूरी भी दी गई है.

 

UP : CA और उसके दोस्तों को फर्जी रेप में फंसाने वाली लड़की गिरफ्तार, निकली गैंगस्टर संजय सूरी गैंग की मेंबर

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जांच में सामने आया कि पकड़ी गई युवती कुख्यात गैंगस्टर संजय सूरी और उसकी पत्नी ज्योति सूरी की गैंग की सक्रिय सदस्य है. संजय सूरी पर पहले से रंगदारी, मारपीट, धोखाधड़ी, दस्तावेजों की जालसाजी और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे मामलों में 16 से अधिक केस दर्ज हैं. गिरफ्तार युवती पर भी गाजियाबाद के विभिन्न थानों में पांच मुकदमे दर्ज हैं.

यूपी के गाजियाबाद में गैंगस्टर गिरोह की सदस्य एक युवती को कविनगर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है. युवती ने एक सीए और उसके दो दोस्तों पर झूठे गैंग रेप के आरोप लगाकर उन्हें फंसाने की कोशिश की थी. जांच में आरोप निराधार पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया.

एसीपी कविनगर स्वतंत्र कुमार सिंह के अनुसार, 8 मई को युवती ने मधुबन बापूधाम थाने में शिकायत दी थी कि आरोपी विनीत गर्ग और उसके साथियों ने उसे पहले नशीला पदार्थ खिलाकर कुछ वर्ष पहले दुष्कर्म किया और फिर उसके अश्लील वीडियो व फोटो बना लिए थे. बाद में बीती 5 मई को उन वीडियो को लौटाने के बहाने उसे कविनगर थाना क्षेत्र में स्थित पहलवान ढाबे बुलाया गया. जहां आरोपी और उसके साथियों ने वीडियो देने के बहाने कार को अंदर बैठा लिया और उसके बाद कार में उसे सुनसान जगह ले जाकर दोबारा सामूहिक दुष्कर्म का दावा किया गया.

लेकिन पुलिस की विवेचना में इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई. सीसीटीवी फुटेज में युवती ढाबे पर अकेले आती-जाती नजर आई. मेडिकल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म या चोट के कोई संकेत नहीं मिले. मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से भी सामने आया कि घटना के समय युवती और आरोपी अलग-अलग स्थानों पर थे जिसके सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को मिले हैं.

जांच में यह भी सामने आया कि युवती कुख्यात गैंगस्टर संजय सूरी और उसकी पत्नी ज्योति सूरी की गैंग की सक्रिय सदस्य है. संजय सूरी पर पहले से रंगदारी, मारपीट, धोखाधड़ी, दस्तावेजों की जालसाजी और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे मामलों में 16 से अधिक केस दर्ज हैं. गिरफ्तार युवती पर भी गाजियाबाद के विभिन्न थानों में पांच मुकदमे दर्ज हैं.

एसीपी कविनगर स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि युवती ने जानबूझकर झूठा केस दर्ज कराया ताकि गिरोह की रंजिश को पूरा करने के लिए उन लोगों को फंसाया जा सके और झूठे गैंग रेप के आरोप में फंसा कर अवैध उगाही की साजिश को अंजाम दिया जा सके. फिलहाल, पुलिस ने बीएनएस की धारा 231 के तहत झूठी साक्ष्य देने और मिथ्या आरोप लगाने के आरोप में युवती गिरफ्तार किया है जिसे जेल भेजा गया है.

वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इस तरह के झूठे मुकदमों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि निर्दोष लोगों को फंसाने वालों पर लगाम लगाई जा सके.

NATIONAL : जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा नया सेमीकंडक्टर प्लांट, कैबिनेट ने दी मंजूरी

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इस प्रोजेक्ट में देश की आईटी कंपनी HCL और ताइवानी इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गज Foxconn मिलकर निवेश कर रही हैं. दोनों कंपनियां मिलकर यहां डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स बनाएंगी, जिनका इस्तेमाल मोबाइल फोन, लैपटॉप, कारों, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल डिवाइसेज़ की स्क्रीन में होता है.

भारत में सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय कैबिनेट सरकार ने उत्तर प्रदेश में एक और सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दे दी है. यह यूनिट नोएडा के पास जेवर एयरपोर्ट के नजदीक यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में स्थापित की जाएगी.इस प्रोजेक्ट में देश की आईटी कंपनी HCL और ताइवानी इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गज Foxconn मिलकर निवेश कर रही हैं. दोनों कंपनियां मिलकर यहां डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स बनाएंगी, जिनका इस्तेमाल मोबाइल फोन, लैपटॉप, कारों, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल डिवाइसेज़ की स्क्रीन में होता है.

सरकार के मुताबिक, यह यूनिट हर महीने करीब 20,000 वेफर्स और 3.6 करोड़ चिप बनाने की क्षमता रखेगी. इस प्रोजेक्ट में लगभग 3,700 करोड़ रुपये का निवेश होगा.सरकार ने बताया कि देश में सेमीकंडक्टर उद्योग तेजी से आकार ले रहा है. इससे पहले देश में पांच सेमीकंडक्टर यूनिट्स का निर्माण कार्य चल रहा है. यह छठी यूनिट भारत को इस रणनीतिक उद्योग में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और अहम कदम होगी.

वहीं, देश के अलग-अलग राज्यों में सेमीकंडक्टर डिजाइन से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं. फिलहाल 270 से ज्यादा शिक्षण संस्थानों और 70 स्टार्टअप्स में छात्र और युवा उद्यमी इस क्षेत्र में नए-नए डिज़ाइन और उत्पादों पर काम कर रहे हैं. अब तक छात्रों द्वारा डिजाइन किए गए 20 प्रोटोटाइप को SCL मोहाली में टेप आउट भी किया जा चुका है.

सरकार का मानना है कि मोबाइल, लैपटॉप, मेडिकल डिवाइसेज, रक्षा उपकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच यह नई यूनिट भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगी.

NATIONAL : कर्नल सोफिया कुरैशी पर मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर HC सख्त, कहा- ‘4 घंटे में…

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हाईकोर्ट ने मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए विवादित बयान पर लिया स्वतः संज्ञान लिया है. कोर्ट ने मंत्री पर एफआईआर दर्ज करने निर्देश दिए हैं.

कर्नल सोफिया पर विवादित बयान देने पर कैबिनेट मंत्री विजय शाह पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट सख्त हो गया है. अदालत ने विजय शाह पर चार घंटे में एफआईआर दर्ज करने को लेकर डीजीपी को निर्देश दिए हैं. हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि हर हाल इस मामले पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए.

हाईकोर्ट में जस्टिस अतुल श्रीधरन की डिवीजन बेंच ने कहा है कि विजय शाह पर एफआईआर तत्काल दर्ज होनी चाहिए. बेंच ने कहा कि कल सुबह सबसे पहले इस मामले पर अगली सुनवाई करेंगे.

बता दें कि मंत्री विजय शाह के बयान से बवाल मचा हुआ है. बुधवार (14 मई) को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी समेत कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल श्यामला हिल्स थाने पहुंचा. कांग्रेस ने उठाई विजय शाह के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है. कांग्रेस गुरुवार (15 मई) को मध्य प्रदेश के सभी थानों में कल शिकायती आवेदन भी देगी.

मंत्री विजय शाह के बयान पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विजय शाह ने सेना का अपमान किया है और उन्हें एक मिनट भी मंत्री पद पर रहने का अधिकार नहीं है. उनके बयान से देश के लोग खुश नहीं हैं. हमने श्यामला हिल्स थाने में इसको लेकर आवेदन दिया है साथ ही हमने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी पत्र लिखा है.

 

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