Wednesday, February 11, 2026
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दिल्ली की 12 सीटों पर बीजेपी की सियासी जंग, क्या पार्टी तोड़ेगी अपनी पुरानी हार का रिकार्ड?

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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपनी पुरानी हार का हिसाब चुकता करने के लिए मैदान में है। लेकिन पार्टी के लिए सबसे बड़ा चुनौती इन 12 सीटों पर है, जहां BJP को लंबे समय से सफलता नहीं मिल पाई है। इनमें से कुछ सीटों पर तो बीजेपी को 1993 के बाद से कोई जीत हासिल नहीं हुई है। इन सीटों पर जीत पाने के लिए बीजेपी की रणनीतियों का बार-बार फेल होना पार्टी के लिए एक बड़ा सवाल बन चुका है।

आइए, जानते हैं दिल्ली की उन 12 सीटों के बारे में जिन पर बीजेपी की चुनावी रणनीति का सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। क्या इस बार बीजेपी इन सीटों पर अपनी हार का सिलसिला तोड़ पाएगी?

BJP के लिए बड़ी चुनौती, 12 सीटों पर लगातार हार

दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद से बीजेपी के लिए कुछ सीटें ऐसी बनी हुई हैं, जहां पार्टी को लंबे समय से जीत नहीं मिली है। 2008 के परिसीमन के बाद से बीजेपी को इन 12 सीटों पर कोई सफलता नहीं मिली। इनमें से 9 सीटें ऐसी हैं जिनपर बीजेपी 1993 के बाद से जीतने में असफल रही है। इन सीटों में मटिया महल, बल्लीमारान, अंबेडकर नगर, सीलमपुर, ओखला, सुल्तानपुर माजरा, मंगोलपुरी, जंगपुरा और देवली शामिल हैं। इनमें से कुछ सीटें अनुसूचित जाति (दलित) के लिए आरक्षित हैं, तो कुछ मुस्लिम बहुल इलाकों में आती हैं। इन सीटों पर BJP की रणनीतियों को सफल बनाने के लिए पार्टी ने नए तरीके अपनाए हैं, लेकिन अब तक सफलता की कोई ठोस उम्मीद नहीं जगी है।

दलित और झुग्गी बस्तियों में बीजेपी की रणनीति

इन 12 सीटों में से 5 सीटें सुल्तानपुर माजरा, अंबेडकर नगर, देवली, मंगोलपुरी और कोंडली अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों पर झुग्गी बस्तियों की आबादी निर्णायक भूमिका निभाती है। इन बस्तियों में लगभग 20 लाख लोग रहते हैं, जो पहले कांग्रेस के समर्थक रहे थे, लेकिन अब आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी योजनाओं के तहत इनका समर्थन हासिल किया है। बीजेपी इस बार दलित और झुग्गी बस्तियों के वोटरों को साधने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। पार्टी के नेता घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं और झुग्गियों में ‘प्रवास’ कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, जिसमें बीजेपी कार्यकर्ता बस्तियों में रुककर लोगों की समस्याओं को समझने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा बीजेपी ने दलित वोटों को अपनी ओर खींचने के लिए 55 दलित नेताओं को इन सीटों पर उम्मीदवार के रूप में उतारा है। पार्टी ने अलग-अलग जातियों से ताल्लुक रखने वाले नेताओं को टिकट दिया है, ताकि जातीय समीकरण को साधा जा सके। बीजेपी का मानना है कि इन सीटों पर जीत के लिए दलित और मुस्लिम वोटों का विभाजन अहम हो सकता है।

नई दिल्ली सीट पर बीजेपी का बड़ा दाव

नई दिल्ली सीट इस चुनाव में सबसे चर्चित सीट बन चुकी है। यह सीट आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए एक बड़ा चुनौती बन चुकी है। अरविंद केजरीवाल इस सीट से तीन बार जीत चुके हैं और इस बार भी चौथी बार जीत की उम्मीद में हैं। बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा को इस सीट से मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर खास बात यह है कि यहां मुस्लिम और ओबीसी मतदाताओं की तादाद ज्यादा है, और बीजेपी ने इस बार अपने उम्मीदवार के रूप में वाल्मिकी समुदाय के उम्मीदवार को टिकट दिया है। बीजेपी की पूरी कोशिश है कि वह हिंदू वोटों को एकजुट करके इस सीट पर जीत हासिल कर सके।

मुस्लिम बहुल सीटों पर बीजेपी की रणनीति

दिल्ली में मटिया महल, सीलमपुर, ओखला और बल्लीमारान सीटें मुस्लिम बहुल हैं। इनमें से ओखला सीट पर आम आदमी पार्टी के बड़े मुस्लिम चेहरे अमानतुल्लाह खान चुनावी मैदान में हैं। बीजेपी ने यहां मनीष चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। इन सीटों पर बीजेपी की रणनीति हिंदू और मुस्लिम वोटों के बीच विभाजन को बढ़ाना है। इसके लिए पार्टी ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम और मंदिरों में पूजा पाठ आयोजित किए हैं, ताकि हिंदू वोटरों को एकजुट किया जा सके। बीजेपी का मानना है कि इस बार मुस्लिम वोटों के विभाजन से पार्टी को फायदा हो सकता है, और वह इन सीटों पर अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।

बसपा का वोट और बीजेपी की उम्मीदें

दिल्ली में 2015 विधानसभा चुनावों के मुकाबले 2020 में बीजेपी का वोट शेयर करीब 6 फीसदी बढ़ा था। यह वृद्धि ज्यादातर सुरक्षित सीटों पर देखी गई थी। इन सीटों पर बसपा का वोट शेयर भी काफी प्रभावी था, लेकिन 2008 के बाद से पार्टी का प्रदर्शन गिरते हुए देखा गया है। अब बीजेपी ने उम्मीद जताई है कि इस चुनाव में बसपा के दलित वोट भी बीजेपी के पक्ष में जाएंगे, जिससे पार्टी को इन सीटों पर फायदा हो सकता है।

भारत में Apple Intelligence के साथ खोले जाएंगे चार नए स्टोर्स, Ceo टिम कुक ने की पुष्टि

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Apple के सीईओ टिम कुक ने हाल ही में पुष्टि की कि कंपनी का AI-पावर्ड सूट, Apple Intelligence इस साल अप्रैल से भारत में लॉन्च होने वाला है। यह Apple के लिए एक बड़ा कदम है, क्योंकि अभी तक भारत में AI से जुड़ी सेवाओं का सीमित उपयोग देखा गया था। अब भारतीय यूजर्स को iPhone, iPad और Mac डिवाइस पर AI-ड्रिवन टूल्स का इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा, जिसमें राइटिंग टूल्स, स्मार्ट रिप्लाई और ChatGPT जैसे फीचर्स शामिल होंगे।

कुक का बयान और भारत पर फोकस

Apple के लेटेस्ट अर्निंग कॉल के दौरान टिम कुक ने बताया कि Apple Intelligence का रोलआउट कई भाषाओं के सपोर्ट के साथ होगा, जिनमें सिंगापुर और भारत के लिए लोकलाइज्ड इंग्लिश शामिल है। इसका मतलब यह है कि अब भारतीय यूजर्स को AI टूल्स का फायदा मिलेगा। कुक ने भारत को लेकर Apple के बढ़ते फोकस को भी हाइलाइट किया। उन्होंने बताया कि भारत अब Apple के लिए एक प्रमुख बाजार बन चुका है और दिसंबर 2024 तिमाही के दौरान देश में रिकॉर्ड सेलिंग की गई है। इस तिमाही में iPhone भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला स्मार्टफोन मॉडल रहा।

भारत में स्टोर और AI का विस्तार

टिम कुक ने यह भी घोषणा की कि Apple भारत में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए चार नए स्टोर्स खोलने जा रहा है, जो मौजूदा रिटेल स्टोर्स में शामिल होंगे। कुक ने कहा- भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है और PC और टैबलेट के लिए तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। इसलिए यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।

Apple Intelligence का वैश्विक विस्तार

Apple Intelligence का लॉन्च भारत के अलावा सिंगापुर जैसे देशों में भी किया जाएगा और यह एक ग्लोबल एक्सपांसन का हिस्सा है। कुक ने बताया कि इस AI सूट को फ्रेंच, जर्मन, इतालवी, स्पेनिश, जापानी, कोरियाई और सिंप्लीफाइड चीनी जैसे भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा। भारत के लिए इसमें लोकलाइज्ड इंग्लिश वर्जन भी पेश किया जाएगा।

Apple Intelligence सूट किसके लिए होगा उपलब्ध?

Apple Intelligence AI सूट का लाभ केवल iPhone 16 सीरीज और iPhone 15 Pro मॉडल्स के यूजर्स को मिलेगा। हालांकि, अगर आप इन डिवाइस का उपयोग करते हैं और AI फीचर्स का उपयोग करना चाहते हैं, तो आपको अपने डिवाइस की रीजनल सेटिंग्स बदलने की जरूरत होगी। इसके लिए आपको Setting > General > Language & Region में जाकर इंग्लिश (US) या Apple Intelligence को सपोर्ट करने वाली कोई भी भाषा अपनी डिवाइस की प्राइमरी भाषा के तौर पर चुननी होगी।

सीयूईटी पीजी परीक्षा के लिए बढ़ी डेट, अब इस डेट तक भरें जाएंगे फॉर्म

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राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने सीयूईटी पीजी 2025 के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। यदि आपने अभी तक आवेदन नहीं किया है तो आपके पास एक और मौका है। अब आप 8 फरवरी 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, पंजीकरण शुल्क का भुगतान करने की अंतिम तिथि भी 9 फरवरी 2025 तक बढ़ा दी गई है। यह बदलाव उम्मीदवारों से प्राप्त अनुरोधों के बाद किया गया है, जिससे सभी को एक और मौका मिल सके।

महत्वपूर्ण तिथियां:

  • ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 8 फरवरी 2025, रात 11:00 बजे तक
  • शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 9 फरवरी 2025, रात 11:50 बजे तक
  • सुधार विंडो: 10 से 12 फरवरी 2025 तक खुली रहेगी
  • परीक्षा तिथि: 13 मार्च से 31 मार्च 2025 तक

परीक्षा के लिए शेड्यूल और बदलाव

सीयूईटी पीजी परीक्षा 2025 की अवधि में एक बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां परीक्षा 105 मिनट लंबी होती थी, अब यह 90 मिनट की होगी। हालांकि, प्रश्नों की संख्या 75 ही रहेगी, जैसे पिछले साल थी। परीक्षा दो से तीन शिफ्टों में आयोजित की जाएगी और प्रत्येक शिफ्ट की अवधि एक घंटे 30 मिनट होगी।

क्या है CUET PG परीक्षा?

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) पीजी, स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित एक प्रवेश परीक्षा है। इस परीक्षा के माध्यम से देशभर की विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला लिया जाता है। CUET PG 2025 में कुल 157 विषयों की परीक्षा होगी, जो देशभर के 312 शहरों में आयोजित की जाएगी। इसमें भारत के बाहर के 27 शहर भी शामिल हैं।

कितने विषय होंगे उपलब्ध?

CUET PG 2025 में कुल 157 विषयों की परीक्षा होगी। यह परीक्षा सभी प्रमुख विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित की जाएगी।

कैसे करें आवेदन?

  1. ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले, सीयूईटी पीजी के लिए आधिकारिक वेबसाइट exam.nta.ac.in/CUET-PG/ पर जाएं।
  2. नया पंजीकरण करें: होमपेज पर “CUET-PG 2025 के लिए पंजीकरण अभी लाइव है” विकल्प पर क्लिक करें।
  3. आवेदन पत्र भरें: यहां से “नया पंजीकरण” विकल्प पर क्लिक करके सभी आवश्यक जानकारी भरें और सभी दस्तावेज़ों को अपलोड करें।
  4. शुल्क का भुगतान करें: आवेदन शुल्क का भुगतान करें और फिर शुल्क भुगतान की एक कॉपी अपने पास सुरक्षित रखें।
  5. अंतिम तिथि का ध्यान रखें: आवेदन की अंतिम तिथि 8 फरवरी है, तो जल्द से जल्द आवेदन करें।

IMD ने जारी किया अलर्ट, फरवरी में तापमान बढ़ने से बढ़ सकती है परेशानी

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अगर पिछले महीने आपको सर्दी के बजाय ज्यादा गर्मी महसूस हुई, तो इसमें कोई अजीब बात नहीं है। दरअसल, जनवरी जैसे ठंडे महीने में इस बार मौसम कुछ अलग ही था। साल की शुरुआत रिकॉर्ड तोड़ तापमान के साथ हुई। भारतीय मौसम विभाग ने जनवरी के तापमान के बारे में जो आंकड़े दिए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। इस महीने न्यूनतम, अधिकतम और औसत तापमान में सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है।

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जनवरी रहा सबसे गर्म-

पिछले 125 सालों में जनवरी का यह तीसरा सबसे गर्म महीना रहा। इस बार देश का औसत तापमान 18.98 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग एक डिग्री ज्यादा है। सुबह और रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री से अधिक बढ़ा हुआ था। न्यूनतम तापमान के हिसाब से यह जनवरी अब तक की पांचवीं सबसे गर्म रही। औसत तापमान के हिसाब से, 1958 की जनवरी सबसे गर्म थी, जबकि न्यूनतम तापमान के लिए 1911 की जनवरी रिकॉर्ड पर है। 21वीं सदी में, 2009 में सबसे ज्यादा औसत तापमान था।

देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी इलाकों में जनवरी का तापमान सबसे ज्यादा बढ़ा और यह इतिहास की दूसरी सबसे गर्म जनवरी रही। इस क्षेत्र में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.77 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। हैरान करने वाली बात यह है कि इस साल जनवरी में देश के किसी भी हिस्से में सामान्य से कम तापमान नहीं देखा गया।

फरवरी भी गर्म रहने की संभावना-

फरवरी भी गर्म रहने की संभावना है। दिल्ली और उसके आसपास के इलाके नॉर्थ वेस्ट इंडिया में आते हैं, जहां जनवरी का औसत तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। 125 साल के रिकॉर्ड में यह नॉर्थवेस्ट इंडिया के लिए 13वीं सबसे गर्म जनवरी रही। चिंता की बात यह है कि फरवरी भी पूरे देश के लिए सामान्य से ज्यादा गर्म रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि इस महीने में सामान्य से कम बारिश होगी।

गृह मंत्रालय को 2.33 लाख करोड़ रुपये आवंटित, पुलिस बलों को मिलेगा इसका बड़ा हिस्सा

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केंद्रीय बजट 2025-26 में शनिवार को गृह मंत्रालय को 2,33,210.68 करोड़ रुपये आवंटित किये गए, जिसमें से 1,60,391.06 करोड़ रुपये सीआरपीएफ, बीएसएफ और सीआईएसएफ जैसे केंद्रीय पुलिस बलों को दिये जाएंगे। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल(सीआईएसएफ) आंतरिक सुरक्षा, सीमा की रखवाली और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। केंद्रीय बजट 2024-25 में केंद्रीय गृह मंत्रालय को 2,19,643.31 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जम्मू कश्मीर को 41,000.07 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश बन गया। बजट में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को 6,212.06 करोड़ रुपये, चंडीगढ़ को 6,187.48 करोड़ रुपये, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को 2,780 करोड़ रुपये, लद्दाख को 4,692.15 करोड़ रुपये, लक्षद्वीप को 1,586.16 करोड़ रुपये तथा पुडुचेरी को 3,432.20 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

बजट में जनगणना से जुड़े काम के लिए मात्र 574.80 करोड़ रुपये (2024-25 में 572 करोड़ रुपये) आवंटित किए गए हैं, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस कवायद में और देरी होगी। जनगणना 2020-21 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अर्धसैनिक बलों में सीआरपीएफ को 35,147.17 करोड़ रुपये ,बीएसएफ को 28,231.27 करोड़ रुपये, सीआईएसएफ को 16,084.83 करोड़ रुपये, भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को 10,370 करोड़ रुपये, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को 10,237.28 करोड़ रुपये और असम राइफल्स को 8,274.29 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। खुफिया ब्यूरो (आईबी) को 3,893.35 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल(एनडीआरएफ) को 1,922.59 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। सीमा अवसंरचना एवं प्रबंधन के लिए 5,597.25 करोड़ रुपये, पुलिस अवसंरचना के विकास के लिए 4,379.20 करोड़ रुपये, महिला सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के लिए 960.12 करोड़ रुपये, सुरक्षा संबंधी व्यय के लिए 4,876.34 करोड़ रुपये और (सीमावर्ती क्षेत्रों में) ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के लिए 1,056.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

बजट में मंत्रिमंडल को 1,024.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके अंतर्गत मंत्रिपरिषद, कैबिनेट सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), सरकार के आतिथ्य पर होने वाले व्यय आते हैं। वहीं, प्राकृतिक आपदाओं के कारण राहत सहित विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों के लिए 2,721.20 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। सुरक्षित शहर परियोजना के लिए 215.34 करोड़ रुपये, राज्य सरकारों को अनुदान सहायता 3,494.39 करोड़ रुपये, केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को अनुदान सहायता 1,515.02 करोड़ रुपये तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र पर पूंजीगत परिव्यय के लिए 810.00 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

Budget 2025: बिहार के लिए बजट में हुई घोषणाओं पर गदगद हुए चिराग

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहयोगी एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने शनिवार को केंद्रीय बजट को संपूर्ण बजट बताते हुए इसकी सराहना की और कहा कि इसमें हर क्षेत्र का ध्यान रखा गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष से एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव संबंधी विधेयकों का समर्थन करने को कहा ताकि केंद्रीय बजट को लेकर होने वाली इस बहस को समाप्त किया जा सके कि इसमें भविष्य में चुनाव वाले राज्यों को फायदा पहुंचाया गया है।

आम बजट में बिहार के लिए कई घोषणाएं
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से शनिवार को पेश किए गए आम बजट में मखाना बोर्ड की स्थापना, पश्चिमी कोसी नहर के लिए वित्तीय सहायता और आईआईटी पटना की क्षमता में विस्तार समेत कई अन्य घोषणाएं कर बिहार को खासा तवज्जो दी गयी है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता ने विपक्ष पर यह कटाक्ष उस समय किया जब उसके कुछ सांसदों ने केंद्रीय बजट में बिहार केंद्रित घोषणाओं को इस साल के अंत में बिहार में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से जोड़ा। पासवान ने कहा कि बजट के समय देश के किसी न किसी हिस्से में हमेशा चुनाव हो रहे होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने ‘‘एक देश, एक चुनाव” के लिए कानून प्रस्तावित किया है और विपक्ष को भी उनका समर्थन करना चाहिए।

‘यदि विपक्ष को इतनी आपत्ति है, तो…’
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘यदि विपक्ष को इतनी आपत्ति है, तो उसे एक साथ चुनाव कराने की अवधारणा का समर्थन करना चाहिए और इस बहस को हमेशा के लिए समाप्त कर देना चाहिए। अगली बार जब बजट पेश किया जायेगा तो कोई न कोई चुनाव अवश्य हो रहा होगा।” पासवान ने इसे संपूर्ण बजट बताते हुए इसकी सराहना की और कहा कि इसमें हर क्षेत्र का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘एक बिहारी के तौर पर मैं इस बात से खुश हूं कि इस बजट में हवाई अड्डे के विस्तार, आईआईटी विस्तार और कोसी नदी के लिए प्रावधान किए गए हैं।”

‘यह जनता जर्नादन का बजट, 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाएं पूरी होंगी’, पीएम मोदी ने की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शानदार बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह बजट हर भारतीय के सपनों को पूरा करना वाला है। ये जनता जर्नादन का बजट है। यह नागरिकों की जेब भरने वाला बजट है। बजट ग्रोथ को तेज गति से आगे बढ़ाएगा।

PunjabKesariबजट हर भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला- पीएम मोदी 
केंद्रीय बजट 2025 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का बजट है। यह हर भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला बजट है। हमने युवाओं के लिए कई क्षेत्र खोले हैं। आम नागरिक विकसित भारत के मिशन को आगे बढ़ाने जा रहा है।”

वित्त मंत्री की पूरी टीम को बधाई देता हूं- पीएम मोदी 
केंद्रीय बजट 2025 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “यह बजट एक फोर्स मल्टीप्लायर है। यह बजट बचत, निवेश, खपत और विकास को तेजी से बढ़ाएगा। मैं इस जनता जनार्दन के बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं।”

बजट में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए- प्रधानमंत्री 
केंद्रीय बजट 2025 पर पीएम मोदी ने कहा, “आमतौर पर बजट का फोकस इस बात पर होता है कि सरकारी खजाना कैसे भरा जाएगा, लेकिन यह बजट इसके ठीक उलट है। यह बजट देश के नागरिकों की जेब कैसे भरेगा, देश के नागरिकों की बचत कैसे बढ़ेगी और देश के नागरिक विकास में कैसे भागीदार बनेंगे… यह बजट इसके लिए बहुत मजबूत आधारशिला रखता है। सुधारों के लिहाज से इस बजट में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। परमाणु ऊर्जा में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करना ऐतिहासिक है। यह देश के विकास में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी का बड़ा योगदान सुनिश्चित करेगा।”

 

रोजगार के सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “बजट में हर तरह से रोजगार के सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। मैं उन सुधारों की चर्चा करना चाहूंगा जो आने वाले समय में बहुत बड़ा बदलाव लाने वाले हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिए जाने से भारत में बड़े जहाजों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति मिलेगी। हम सभी जानते हैं कि जहाज निर्माण सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला सेक्टर है। इसी तरह देश में पर्यटन की भी बहुत संभावनाएं हैं। 50 महत्वपूर्ण पर्यटन स्टेशनों पर होटल बनाए जाएंगे, पहली बार होटलों को इंफ्रास्ट्रक्चर के दायरे में लाने से पर्यटन को बहुत बढ़ावा मिलेगा। इससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को ऊर्जा मिलेगी, जो रोजगार का बहुत बड़ा सेक्टर है।”

कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति का आधार बनेगा बजट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस बजट में एक करोड़ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए ‘ज्ञान भारत मिशन’ शुरू किया गया है। भारतीय ज्ञान परंपरा से प्रेरित एक राष्ट्रीय डिजिटल रिपोजिटरी बनाई जाएगी, यानी तकनीक का भरपूर उपयोग किया जाएगा। बजट में किसानों के लिए की गई घोषणा कृषि क्षेत्र और पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक नई क्रांति का आधार बनेगी…’किसान क्रेडिट कार्ड’ की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपए की जाएगी, जिससे उन्हें और मदद मिलेगी।”

केंद्र सरकार के बजट पर CM मान ने Tweet कर लिखी ये बात, पढ़ें…

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केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश बजट में एक बार फिर पंजाब की अनदेखी की गई।

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केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों और युवाओं को कुछ नहीं दिया है। केंद्र द्वारा ना तो किसानों को फसल पर MSP दी गई, न ही राज्य को किसी इंडस्ट्री के लिए पैकेज दिया है। पंजाब को ऐसा कुछ नहीं दिया गया जो उसके आर्थिक और भविष्य में सुधार ला सके। यह बजट केवल चुनावी बजट है, जिसमें केवल बिहार राज्य के लिए ही घोषणा है। एक बार बजट में केंद्र सरकार ने पंजाब और पंजाबियों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। पर पंजाब को हम अपने बलबूते पर पैरों पर खड़े करके रहेंगे।

झारखंड में है एक ऐसी गुफा जहां राजा रानी मनाते थे सुहागरात, दूर-दूर से इसे देखने आते हैं लोग

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बचपन में हमने अक्सर राजा-रानी की कहानियां सुनी है, लेकिन उनके निजी जीवन के बारे में हमने शायद ही कभी सुना होगा। इस खबर में राजा-रानी के निजी जीवन के बारे में लिखा हुआ है।

PunjabKesariदरअसल, झारखंड के हजारीबाग की इस्को गुफा में 5000-10000 साल पुरानी चट्टानी चित्रकला है, जिसमें शिकार, नृत्य और प्राचीन समाज की झलक है।

PunjabKesariहजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड से 25 किलोमीटर दूरी पर यह इस्को गुफा है। इस गुफा में आज भी हजारों वर्ष पहले बनाए गए चट्टानी चित्रकला है।

कहा जाता है कि इस चट्टानी चित्रकला को बादाम राजा ने बनवाया था और उनकी सुहागरात के लिए तैयार किया गया था। बादाम राजा के शादी के अवसर पर इस गुफा को उनके सुहागरात के लिए तैयार किया गया था। इसमें कोहबर कला झलकती है।

PunjabKesariदूर-दूर से लोग इस गुफा को देखने आते हैं। इसके बारे में जानने के लिए लोग अधिक उत्साहित रहते है। सौंदर्य और चित्रकारी देखने पर लोग दंग रह जाते हैं।

PunjabKesariहजारों वर्ष बने इन चित्रों में शिकार, नृत्य, प्राचीन समाज और दैनिक दिनचर्या को दिखाया गया है।

Budget 2025: ऑटो सेक्टर के लिए खास ऐलान, अब सस्ती होंगी इलेक्ट्रिक कारें

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश कर दिया है। इस बजट में उन्होंने ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए भी ऐलान किया है। मंत्री ने इलेक्ट्रिक कारों की कीमतों को कम करने की बात की। कीमतें कम होने से अब इन कारों को सस्ते दामों पर खरीद सकते हैं। इसके अलावा लिथियम ऑयन बैटरी पर लगने वाले टैक्स को कम किया जाएगा।

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बजट की पेशकश के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का फोकस ईवी सेक्टर पर रहने वाला है। इसी के चलते इस दिशा में सरकार कदम उठा रही है।

सरकार ने इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने का प्लान करने वालों के लिए बड़ी राहत दी है। 2024 में ऑटो सेक्टर में जो सुस्ती थी, अब उसे बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस बजट में सरकार ने न केवल ऑटो कंपनियों, बल्कि आम लोगों की जेब का भी ध्यान रखा है। इलेक्ट्रिक गाड़ियां सस्ती होने से उन लोगों को फायदा होगा जो नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने का सोच रहे हैं। इसके अलावा, कंपनियों की ईवी सेल्स भी बढ़ सकती हैं।

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