मध्यप्रदेश हाइकोर्ट ने सिंगरौली जिले के 4 अधिकारियों को अवमानना का नोटिस थमाया है। इनमें सिंगरौली कलेक्टर, SDM देवसर, सरई तहसीलदार और नायब तहसीलदार (सर्किल खनुआ) शामिल हैं। हाइकोर्ट ने एक सप्ताह में सभी अधिकारियों से हलफनामा पेश करने को कहा है। अधिवक्ता ब्रहमेन्द्र पाठक के माध्यम से दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए जबलपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायाधीश विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया है।

ये है पूरा मामला
इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से उच्च न्यायालय में पैरवी कर रहे अधिवक्ता ब्रहमेन्द्र पाठक ने बताया कि ईएमआईएल बंधा कोल माइंस ने पचौर बंधा सहित कुछ अन्य गांवों के विस्थापितों के पुनर्वास के लिए लामीदह में जिस शासकीय भूमि को चिन्हित किया है उस भूमि पर कई दर्जन आदिवासी समाज के लोग निवासरत हैं जिन्हें प्रशासन के द्वारा बिना मुआवजा दिए जबरन हटाया जा रहा है।
अधिवक्ता ब्रहमेंद्र पाठक की ओर से पूर्व में इस मामले में दायर जनहित याचिका में दिए गए तर्क को सही मानते हुए उच्च न्यायालय ने विस्थापितों के पुनर्वास के लिए चिन्हित की गई सिंगरौली जिले की लामीदह गांव की शासकीय भूमि में निवासरत लोगों को हटाने की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए कलेक्टर को 4 सप्ताह के भीतर मामले का निराकरण करने के लिए निर्देशित किया था।
याचिकाकर्ता की ओर से दायर की गई दूसरी जनहित याचिका में दिए गए तथ्यों को हाइकोर्ट ने न्यायालय की अवमानना का मामला मानते हुए मुख्य सचिव राजस्व, कलेक्टर सिंगरौली, SDM देवसर, तहसीलदार सरई, नायब तहसीलदार (वृत्त खनुआ) परियोजना प्रबन्धक ईएमआईएल बंधा कोल माइंस को नोटिस जारी किया है।

संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी कार्यवाही
उच्च न्यायालय ने सभी अधिकारियों को 7 दिवस के भीतर शपथपत्र पेश करने को कहा है। न्यायालय ने नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न न्यायालय की अवमानना की प्रक्रिया शुरू की जाए।







इस मामले में पुलिस रिमाण्ड के दौरान आरोपी राकेश कुमार लिपिक कार्यालय डी.डी.पी.ओ., पलवल ने बताया कि उसने अपने हिस्से में आई उपरोक्त गबन की राशी से अपने पिता, माता व भाभी के नाम पर 19 एकड 28 मरला कृषि भूमि 21,73,19,010/-रू में खरीदी है। इस राशी में से उसके द्वारा 12 करोड रू. नकद राशी के रूप मे अदा की गई है।

यह मामला अक्टूबर 2022 का है, जब शमशेर सिंह ने एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला में शिकायत दर्ज करवाई थी। शमशेर सिंह ने आरोप लगाया था कि चीका पुलिस के ASI सुखबीर सिंह और ASI धर्मपाल ने उसके बेटे सिंगारा सिंह के खिलाफ दर्ज NDPS केस में उन्हें बचाने के लिए रिश्वत मांगी थी।
‘ठेकेदार सक्षम युवा’ योजना यानी युवा अब ठेकेदार बन सकेंगे। इतना ही नहीं, सरकार ने ठेकेदारी से जुड़े कार्यों के लिए युवाओं को प्रशिक्षण देने का भी खाका तैयार कर लिया है। इस योजना पर करीब 67 करोड़ रुपये सरकार खर्च करेगी। पहले चरण में 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। उनके प्रशिक्षण के अलावा युवाओं को एक साल के लिए तीन लाख रुपये तक ब्याज सहित लोन का भी प्रावधान योजना में किया है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद युवाओं को सर्टिफिकेट भी मिलेंगे।
बताया जा रहा है कि यह हादसा रतिया के गांव सरदरेवाला के समीप हुआ। सभी लोग महमड़ा गांव के रहने वाले है। गाड़ी में 14 लोग सवार थे। यह हादसा जीरो विजिब्लिटी होने कारण हुआ। हादसे में अब तक तीन लोगों का रेस्क्यू किया गया है। जिसमें ड्राइवर व एक 10 बच्चे को जिंदा बाहर निकाला है जबकि एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। अधिक धुंध होने के कारण रेस्क्यू अभियान धीमा चला। अभी तक 11 लोग भाखड़ा नहर में लापता, गौतखोरों की मदद से तलाश जारी है। करीब 10-11 घंटे बीत चुके है। आशंका है कि सबकी मौत हो गई है, हालांकि शव नहीं मिल पाए है।