लगातार बढ़ रहे इस बीमारी के मरीज, आंकड़े देख रह जाएंगे दंग

0
72

कुछ साल से डायबटीज के साथ हाई ब्लड प्रैशर भी खतरनाक रूप ले रहा है। डॉक्टरों की मानें तो ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं होता कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर है। लोग लक्षणों को अनदेखा करते हैं, जो सबसे खतरनाक है। पी.जी.आई. में विश्व एन. सी. डी. फैडरेशन के स्थापना दिवस पर चंडीगढ़ हैल्थ सैक्रेटरी अजय चगती उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में 35.5 प्रतिशत वयस्क राष्ट्रीय औसत से अधिक हाई ब्लड प्रैशर से पीड़ित हैं। एन.सी.डी. रिस्क फैक्टर डाटा से पता चला कि 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के 50 प्रतिशत लोग इस वक्त हाई ब्लड प्रैशर से पीड़ित हैं।

पी. जी.आई. स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ कई सालों से नॉन कम्युनिकेबल बीमारियों की रोकथाम को लेकर काफी काम कर रहा है। इसके लिए डिपार्टमेंट हर बीमारी का डाटा मैंटेन कर रहा है। चंडीगढ़ की डाटा रिपोर्ट में सामने आया है कि शहर में 50 प्रतिशत लोग हाइपरटेंशन का शिकार हैं।

दिल की बीमारियों और हाई ब्लड प्रैशर में सीधा संबंध 

डॉक्टर्स की मानें तो हाई ब्लड प्रैशर तब होता है जब बी.पी. 140 और 90 से ज्यादा होता है। एक वयस्क के लिए बी.पी. 140/90 से कम होना चाहिए। हाई ब्लड प्रैशर से दिल की बीमारियों और हाई ब्लड प्रेशर में सीधा संबंध है। इसकी वजहसे हार्ट अटैक, हार्ट फैलियर, ब्रेन स्ट्रोक या पैरालाइसिस, रीनल फेलियर और दूसरी कई वस्कुलर बीमारी होने का खतरा रहता है।

दुनियाभर में मृत्यु दर का सबसे बड़ा कारण 

हाईपरटेंशन, डायबटीज दुनियाभर में बीमारियों और मृत्यु दर का सबसे बड़ा कारण बन रही है। डब्ल्यू.एच.ओ. की मानें तो दुनियाभर में हर साल 4.1 करोड़ मौतें एन.सी.डी. बीमारियों से होती है। ताजा बना खाना हो या पैकड, उसमें फैट, नमक या चीनी की मात्रा ज्यादा हो तो यह अक्सर मोटापे और एन.सी.डी. बीमारियों का कारण है। पैक्ड फूड में इन सभी की मात्रा जरूरत से ज्यादा होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here