लघु दुकानदार कल्याण योजना की शुरुआत में धर्मशाला की इस बेटी का है अहम रोल

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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू द्वारा लघु दुकानदारों और रेहड़ी-ठेली वाले दुकानदारों के लिए लाए गए लघु दुकानदार कल्याण योजना में लचीलापन लाने और इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान करने के फैसले पर धर्मशाला में सब्जी की दुकान चलाने वाली अमरजोत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। बेटी अमरजोत ने मुख्यमंत्री द्वारा किए गए इस प्रयास को छोटे दुकानदारों और उनके जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

यह योजना शिमला में मुख्यमंत्री के बजट भाषण में की गई घोषणा के बाद चर्चाओं में आई। मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि यह योजना अमरजोत से धर्मशाला के कचहरी बाजार में हुई मुलाकात के बाद ही लाने का विचार आया। बेटी अमरजीत ने बताया कि शीतकालीन प्रवास के दौरान जब मुख्यमंत्री कचहरी अड्डा में घूम रहे थे और वहां पर वह एक रेहड़ी पर मूंगफली खरीद रही थी। ऐसे में जब मुख्यमंत्री आए तो तब मैं पीछे हट गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उसको बुलाया और उन्होनें साथ बैठकर मूझे चाय भी पिलाई।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने अमरजोत से पूछा कि वह क्या करती है और उनके माता-पिता के बारे में जानकारी ली। अमरजोत ने बताया कि वह सड़क के किनारे सब्जी की दुकान चलाती हैं और उनके माता-पिता का निधन हो चुका है। मुख्यमंत्री ने तुरंत कहा, “आज से तुम मेरी बेटी हो, और मैं तुम्हारा ख्याल रखूंगा।” मुख्यमंत्री ने फिर अमरजोत से दुकान चलाने में आ रही समस्याओं के बारे में पूछा और इन समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने लघु दुकानदार कल्याण योजना में सुधार करते हुए इसमें लचीलापन लाने और इसके लिए 100 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट बनाने का निर्णय लिया। अमरजोत ने कहा, “मुख्यमंत्री ने अपने वादे को निभाया है और मेरी समस्याओं का समाधान निकाला है। वह सच में मुझे अपनी बेटी मानते हैं और इस फैसले से मेरे जैसे छोटे दुकानदारों के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा।”

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