संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.) भारत में आने वाले समय में 25 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश करने की तैयारी में है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यू.ए.ई. का लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारत में अपने कुल निवेश को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
नई दिल्लीः संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.) भारत में आने वाले समय में 25 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश करने की तैयारी में है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यू.ए.ई. का लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारत में अपने कुल निवेश को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।गोयल ने भारत-यू.ए.ई. उच्च-स्तरीय कार्य बल की 14वीं बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यू.ए.ई. भारत के बंदरगाह, जहाज निर्माण, लॉजिस्टिक्स, अंतरिक्ष, स्टार्टअप और शेयर बाजार जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसर तलाश रहा है।
पीयूष गोयल ने बताया कि इस अतिरिक्त निवेश का कुछ हिस्सा पहले ही भारत आना शुरू भी हो चुका है। गोयल ने आर.बी.एल. बैंक में करीब 3 अरब डॉलर और सम्मान कैपिटल में करीब 1 अरब डॉलर के निवेश का उदाहरण दिया।

शिपिंग सेक्टर में छह क्षेत्रों पर सहयोग
भारत और यू.ए.ई. ने शिपिंग क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है। इसके लिए दोनों देशों के बीच एक संयुक्त कार्य समूह बनाए जाने की योजना है। इन क्षेत्रों में जहाजों का स्वामित्व, आधुनिक बंदरगाहों का विकास, जहाज निर्माण, जहाजों की मरम्मत एवं रखरखाव, जहाजों को तोड़ना और कंटेनर निर्माण शामिल हैं।
रुपए-दिरहम में बढ़ रहा व्यापार
गोयल ने कहा, ‘हम यह व्यापार केवल रुपए और दिरहम में कर सकते हैं। जब भारत से सामान यू.ए.ई. पहुंचेगा, तो हम रुपए में बोली लगा सकते हैं। जब यू.ए.ई. से सामान भारत पहुंचेगा, तो हम दिरहम में बोली लगा सकते हैं। हम 3 से 6 महीने में रुपए और दिरहम के बीच व्यापार कर सकते हैं। हम एक देश की मुद्रा को दूसरे देश की मुद्रा में डॉलर के जरिये बदल सकते हैं। समय-समय पर इसे अंतरराष्ट्रीय डॉलर वाली मुद्रा में बदला जा सकता है।’
ऊर्जा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने की तैयारी
गोयल ने यह भी कहा कि भारत और यू.ए.ई. ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में ज्यादा सहयोग की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। इसमें रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व, एल.पी.जी. और एल.एन.जी. की आपूर्ति तथा समुद्र के नीचे बिछाई जाने वाली पाइपलाइनें शामिल हैं।


