घर के मेन दरवाज़े पर लगी नेम प्लेट सिर्फ़ घर की पहचान का ज़रिया ही नहीं है, बल्कि वास्तु शास्त्र में इसे एनर्जी से भी जोड़ा जाता है। वास्तु की मान्यता के अनुसार, अगर नेम प्लेट सही दिशा में, सही जगह पर और सही मटीरियल से बनाई जाए, तो घर में शुभता और पॉज़िटिव माहौल बना रहता है। वहीं, नेम प्लेट लगाते समय की गई कुछ छोटी-छोटी गलतियां वास्तु के नज़रिए से ठीक नहीं मानी जाती हैं। आइए जानते हैं, घर के मेन दरवाज़े पर नेम प्लेट लगाते समय किन वास्तु नियमों का ध्यान रखना चाहिए।
वास्तु शास्त्र में नेम प्लेट का महत्व
वास्तु शास्त्र में घर के मेन दरवाज़े को एनर्जी के आने की एक अहम जगह माना जाता है। इसलिए, मेन दरवाज़े पर लगी नेम प्लेट को भी खास महत्व दिया जाता है। मान्यता के अनुसार, साफ़-सुथरी, सुंदर और सही तरीके से लगी नेम प्लेट घर की अच्छी पहचान और पॉज़िटिविटी का प्रतीक होती है। इसलिए, नेम प्लेट चुनते समय उसके डिज़ाइन और जगह का ध्यान रखना चाहिए।
नेम प्लेट की दिशा पर ध्यान दें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, नेम प्लेट को मेन गेट पर सही और शुभ जगह पर लगाना चाहिए। पूर्व दिशा को पॉजिटिव एनर्जी और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इसलिए, हो सके तो नेम प्लेट लगाते समय पूर्व दिशा का ध्यान रखना सही रहता है। हालांकि, दिशा घर के स्ट्रक्चर और मेन दरवाज़े की जगह को ध्यान में रखकर चुननी चाहिए।

नेम प्लेट पर अच्छी लाइट होनी चाहिए
नेम प्लेट ऐसी जगह लगानी चाहिए जहां से उस पर लिखा नाम आसानी से पढ़ा जा सके। इसके लिए, नेम प्लेट के ऊपर फोकस लाइट लगाने की सलाह दी जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, हल्की पीली लाइटिंग पॉजिटिविटी का प्रतीक है। सही लाइटिंग होने से नेम प्लेट दिन और रात दोनों समय साफ दिखाई देती है और घर के मेन दरवाज़े की सुंदरता भी बढ़ाती है।
नेम प्लेट पर ऐसे निशान लगाने से बचें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, देवी-देवताओं की तस्वीरें या मूर्ति बनाने की जगह नेम प्लेट पर स्वास्तिक या ‘ॐ’ जैसे शुभ निशान लगाए जा सकते हैं। इन निशानों को शुभता और पॉजिटिविटी का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, ये बातें धार्मिक और वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं।
लकड़ी या पत्थर की नेम प्लेट चुनें
वास्तु एक्सपर्ट्स की मान्यताओं के अनुसार, लकड़ी या पत्थर से बनी नेम प्लेट ज़्यादा शुभ मानी जाती है। इसकी तुलना में, प्लास्टिक की नेम प्लेट इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही, नेम प्लेट को मेन दरवाज़े के दाईं ओर लगाना शुभ माना जाता है।
नाम लिखने का तरीका भी ज़रूरी है
नेम प्लेट पर घर के मालिक का नाम लिखा होना चाहिए। ज़रूरत हो तो, उसके प्रोफेशन को भी साथ में दिखाया जा सकता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, सुनहरे रंग के अक्षर सम्मान, प्रतिष्ठा और पॉजिटिविटी का प्रतीक माने जाते हैं।
इसके अलावा, नेम प्लेट को हमेशा साफ़ और अच्छी हालत में रखना चाहिए। अगर उस पर धूल जम गई हो, अक्षर फीके पड़ गए हों या नेम प्लेट टूटी हो, तो उसे ज़रूरत के हिसाब से साफ़ कर देना चाहिए या बदल देना चाहिए। रेगुलर सफ़ाई और सही देखभाल से नेम प्लेट सुंदर दिखती है। ध्यान रखें कि ये वास्तु से जुड़ी पारंपरिक मान्यताएं हैं; इस बात का कोई साइंटिफिक सबूत नहीं है कि दिशा, रंग या मटीरियल का घर की खुशहाली पर कोई खास असर होता है।


