Rajouri में बरकरार ‘रहस्यमयी बीमारी’ का खौफ, Delhi से आई डॉक्टरों की विशेष टीम

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली की चार डॉक्टरों की विशेष टीम शनिवार शाम मेडिकल कॉलेज राजौरी पहुंची। टीम का उद्देश्य हाल ही में बडाल गांव में फैली रहस्यमय बीमारी की जांच करना है, जिससे अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 13 मासूम बच्चे भी शामिल हैं।

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टीम के सदस्यों ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती 11 मरीजों से विस्तार से बातचीत की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति का गहराई से मूल्यांकन किया। मरीजों से यह जानने की कोशिश की गई कि जिस दिन वे बीमार हुए थे, उस दिन उन्होंने क्या खाया था और उनकी दिनचर्या में क्या बदलाव हुआ था। मरीजों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. ए.एस. भाटिया ने टीम को बताया कि जब ये मरीज अस्पताल लाए गए थे, तब उनकी हालत बेहद गंभीर थी। हालांकि, समय पर उपचार शुरू करने के बाद उनकी हालत में तेजी से सुधार हुआ है और अब सभी मरीज खतरे से बाहर हैं।

एम्स की टीम ने मेडिकल कॉलेज के दौरे के बाद बडाल गांव में विशेष रूप से बनाए गए स्वास्थ्य शिविरों का भी निरीक्षण किया। वहां उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर बीमारी के फैलाव के कारणों को समझने की कोशिश की। टीम ने शिविरों में रह रहे लोगों की स्वास्थ्य जांच की और बीमारी के संभावित स्रोतों का पता लगाने के लिए विभिन्न नमूने भी एकत्रित किए।

मिली जानकारी के अनुसार, एम्स की टीम रविवार को भी बडाल गांव में रुककर अपनी जांच जारी रखेगी और अन्य प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेगी। टीम की प्राथमिकता बीमारी के कारणों का पता लगाकर स्थिति को नियंत्रण में लाना है।

गौरतलब है कि बडाल गांव में फैली इस रहस्यमय बीमारी ने इलाके में दहशत फैला दी है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इस पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

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