MAHARASHTRA : प्याज के फसल हुए बर्बाद, अब किसानों ने CM देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर की ये मांग

0
121

महाराष्ट्र में मई माह की असामान्य 1007 प्रतिशत बारिश ने प्याज किसानों की कमर तोड़ दी है, जिससे भारी फसल नुकसान हुआ. परेशान किसान अब प्रति एकड़ 1 लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

महाराष्ट्र के नाशिक जिले के प्याज किसानों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर प्रति एकड़ 1 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है. किसानों का कहना है कि मई महीने में असामयिक और अत्यधिक बारिश के कारण उनकी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है.

इस साल महाराष्ट्र में मई में सामान्य से 1007 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है, जहां सामान्य रूप से मई में 14.4 एमएम बारिश होती है, वहीं इस बार यह आंकड़ा 159.4 एमएम तक पहुंच गया. विशेष रूप से नाशिक-पुणे-अहिरगांव बेल्ट में भारी वर्षा हुई.पुणे और अहिरगांव में सामान्य वर्षा का लगभग 3 चौथाई से अधिक हिस्सा सिर्फ मई में ही बरस गया, जिससे प्याज की तैयार खड़ी फसल नष्ट हो गई. आमतौर पर मई में बारिश नहीं होती, लेकिन इस बार असामान्य मौसम ने किसानों को भारी आर्थिक झटका दिया है.

किसानों की समस्या सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं है. उन्हें पहले से ही मंडियों में प्याज के कम दामों से जूझना पड़ रहा है. नाशिक जिले की लासलगांव मंडी में प्याज की थोक कीमतें 1,100 से 1,200 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रही हैं, जो उत्पादन लागत तक भी नहीं पहुंच पा रही हैं.भरत दिघोले ने बताया, “किसानों को मजबूरी में अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है. सरकार को इन हालातों में किसानों को तुरंत राहत पहुंचानी चाहिए.”

बेहतर दाम दिलाने और बाजार में स्थिरता लाने के लिए किसानों ने राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) और उपभोक्ता मंत्रालय (NCCF) से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्याज खरीद शुरू करने की मांग की है.किसानों का सुझाव है कि प्याज का न्यूनतम खरीद मूल्य 2,000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए ताकि उन्हें उत्पादन लागत से नीचे फसल बेचने की नौबत न आए. इस वर्ष की प्राकृतिक आपदा और बाजार की गिरती कीमतों ने किसानों को दोहरी मार दी है, जिससे वे सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षा कर रहे हैं.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here