Business : खत्म हुआ 5 साल का इंतजार, अब एक साल की नौकरी पर भी मिलेगी ग्रैच्युटी; जानें नया नियम?

0
34

‘फिक्स्ड-टर्म’ के तहत एक तय समय के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त कर्मचारी सीधे कंपनी के पेरोल पर रखे जाएंगे. यानी उनकी सैलरी, छुट्टियां और अलाउंस स्थायी कर्मचारियों के जैसे ही मिलेंगे. नए लेबर कोड के तहत ग्रेच्युटी के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. इसके तहत, फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों (FTE) को ग्रैच्युटी पाने के लिए अब पांच साल तक का इंतजार नहीं करना होगा. नियमों में बदलाव के चलते केवल एक साल की निरंतर सर्विस के बाद ही ये ग्रैच्युटी पाने के हकदार होंगे.

पहले कंपनी जब कॉन्ट्रैक्ट पर किसी कर्मचारी को काम पर रखती थी, तो उसे स्थायी या परमानेंट कर्मचारियों जैसे लाभ नहीं मिलते थे. अब ‘फिक्स्ड-टर्म’ के तहत एक तय समय (1 साल या 2 साल) के लिए लिखित कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त कर्मचारी सीधे कंपनी के पेरोल पर रखे जाएंगे. यानी उनकी सैलरी, छुट्टियां और अलाउंस स्थायी कर्मचारियों के जैसे ही मिलेंगे.

मौजूदा कानून (Payment of Gratuity Act, 1972) के मुताबिक, किसी भी कर्मचारी को ग्रैच्युटी तभी मिलती है, जब वह 5 साल तक की सर्विस पूरी कर लेता है. FTE के तहत, अब अगर आपका कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के साथ 1 साल 3 महीने का है, तो आपको पूरे 15 महीनों की ग्रैच्युटी मिलेगी. यह उन लोगों के लिए खुशी की बात है, जो खासतौर पर प्रोजेक्ट-बेस्ड काम करते हैं.

कुल मिलाकर, फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों (FTE) के लिए कम से कम 1 साल की सेवा अनिवार्य है. 1 साल से कम काम करने पर उन्हें ग्रैच्युटी नहीं मिलेगी. 1 साल पूरा होने के बाद आप जितने भी महीने या दिन काम करते हैं, कंपनी उतने समय की ग्रैच्युटी आपको जोड़कर देगी जैसे 1 साल 5 महीना काम किया है, तो आपको 17 महीने की ग्रैच्युटी मिलेगी.

नियमों में यह बदलाव छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाले या फिक्स्ड कॉन्ट्रैक्ट (1 या 2 साल) पर काम करने वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए किया गया है ताकि उन्हें भी उनके काम के बदले रिवॉर्ड के तौर पर ग्रैच्युटी मिल सके और 5 साल तक का लंबा इंतजार न करना पड़े. नए लेबर कोड के मुताबिक, ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन सैलरी बेस्ड होगा होगी, जो कर्मचारी के कुल सीटीसी (कॉस्ट-टू-कंपनी) का कम से कम 50 परसेंट होना चाहिए. नियम के मुताबिक, आपकी सीटी में HRA या Travel जैसे Allowances 50 परसेंट से अधिक नहीं हो सकते. अगर भत्ते 50 परसेंट से ज्यादा है, तो अतिरिक्त राशि आपकी बेसिक सैलरी में जोड़ दी जाएगी. इससे बेसिक सैलरी बढ़ेगी, जिससे ग्रैच्युटी और PF के तौर पर मिलने वाला अमाउंट भी बढ़ जाएगा.

अभी कंपनियां फुल एंड फाइनल सेटलमेंट (F&F) में 30 से 60 दिन तक का समय लगा देती है. नए नियमों के मुताबिक, कर्मचारी के इस्तीफे के बाद या उसे कंपनी से निकाले जाने के बाद या उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो जाने के बाद कंपनी को 2 कार्य दिवसों (48 घंटों) के भीतर उसकी ग्रैच्युटी और बकाए वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here