BUSINESS : जोमैटो-ब्लिंकिट को चलाने वाली कंपनी का मुनाफा 346% बढ़ा, रेवेन्यू में भी 196% का उछाल

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इटरनल का Q4 में कंसोलिडेटेड मुनाफा 346% बढ़कर 174 करोड़ रुपए और रेवेन्यू 196% बढ़कर 17,292 करोड़ रुपए पहुंचा। Zomato फूड डिलीवरी के बिजनेस में सुधार जारी है और Blinkit में तेज ग्रोथ दिखी है। कंपनी ने कॉम्पिटिशन के असर की बात कही, लेकिन लंबी अवधि में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद जताई है।

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट को ऑपरेट करने वाली कंपनी इटरनल मार्च तिमाही के नतीजों में जबरदस्त उछाल दिखाया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालान आधार पर 346% बढ़कर 174 करोड़ रुपए पहुंच गया। वहीं, ऑपरेशंस से आने वाले रेवेन्यू भी तेजी से बढ़ा और 196% की बढ़त के साथ 17,292 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। कंपनी के मुताबिक, समान आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ 64% YoY रही। कंपनी के मुताबिक, 64% की रेवेन्यू ग्रोथ में कुछ हिस्सा अकाउंटिंग बदलाव का भी है, क्योंकि अब कंपनी केवल कमीशन नहीं, बल्कि बेचे गए सामान की पूरी कीमत को रेवेन्यू में दिखा रही है।

जोमैटो के फूड डिलीवरी बिजनेस में लगातार तीसरी तिमाही में सुधार देखने को मिला है। कंपनी के मुताबिक, इस सेगमेंट का नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) सालाना आधार पर 19% बढ़ा है, जो उसके लंबे समय के 20%+ ग्रोथ लक्ष्य के करीब पहुंच रहा है। हालांकि, तिमाही आधार पर इसमें 0.9% की हल्की गिरावट दर्ज की गई। फूड डिलीवरी से जुड़े ऑर्डर्स की टोटल वैल्यू में 22.5% YoY की बढ़त हुई। इसके साथ ही कंपनी के मुनाफे के लिहाज से भी सुधार देखने को मिला। एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 5.5% तक पहुंच गया और कुल एडजस्टेड EBITDA 532 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 24% ज्यादा है। इस सेगमेंट से कंपनी का रेवेन्यू 30% बढ़कर 3,125 करोड़ रुपए हो गया।

ब्लिंकिट यानी कंपनी का क्विक कॉमर्स बिजनेस काफी तेजी से बढ़ रहा है। इस सेगमेंट का नेट ऑर्डर वैल्यू 95% YoY और 8% QoQ बढ़ा है। तिमाही के दौरान 216 नए स्टोर जोड़े गए, जिससे कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 2,243 हो गई। ब्लिंकिट का एडजस्टेड EBITDA बढ़कर 37 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछली तिमाही के 4 करोड़ रुपए से काफी ज्यादा है। वहीं, इस बिजनेस का रेवेन्यू 674% YoY की जबरदस्त बढ़त के साथ 13,232 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो इसकी तेज ग्रोथ को दिखाता है।

इटरनल का कहना है कि फिलहाल बाजार में ज्यादा कॉम्पिटिशन की वजह से कुछ समय के लिए असर पड़ सकता है। खासकर आक्रामक डिस्काउंटिंग के कारण कम मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर ज्यादा फोकस हो रहा है, जिससे ग्रोथ की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है। हालांकि, कंपनी मानती है कि लंबी अवधि में कॉम्पिटिशन फायदेमंद होती है। जब कई कंपनियां मिलकर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाती हैं, नए ग्राहक जोड़ती हैं और लोगों में जागरूकता बढ़ाती हैं, तो पूरा बाजार तेजी से बढ़ता है। कंपनी के अनुसार, FY23 से FY26 के बीच ब्लिंकिट का नेट ऑर्डर वैल्यू 104% CAGR से बढ़ा है। हालांकि अब बड़ा बेस बनने के कारण ग्रोथ थोड़ी धीमी हो सकती है। आने वाले तीन सालों में कंपनी को उम्मीद है कि नेट ऑर्डर वैल्यू 60% से ज्यादा CAGR से बढ़ेगा, यानी यह बिजनेस अगले तीन साल में करीब चार गुना तक बढ़ सकता है।

कंपनी का कहना है कि क्विक कॉमर्स अभी भी देश के सिर्फ 15-20 बड़े शहरों और सीमित कैटेगरी तक ही सीमित है। ऐसे में नए शहरों में विस्तार, ज्यादा प्रोडक्ट्स जोड़ने और ग्राहकों की बढ़ती मांग के साथ इस सेक्टर में आगे काफी बड़ी ग्रोथ की संभावना है।

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