NATIONAL : ‘कठिन दौर में साझेदारी ही प्रगति का रास्ता’, सूरीनाम में जयशंकर का वैश्विक संदर्भ में भारत की भूमिका पर जोर

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सूरीनाम में आयोजित कार्यक्रम में वैश्विक चुनौतियों के बीच देशों के बीच सहयोग और भरोसेमंद साझेदारी की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत विकास, बहुपक्षवाद और मानवीय सहयोग के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सूरीनाम की राजधानी पारामारीबो में कहा कि मौजूदा कठिन वैश्विक परिस्थितियों में प्रगति के लिए देशों के बीच साझेदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद साझेदार की भूमिका निभा रहा है।पारामारीबो में ‘प्रगति के लिए साझेदारी’ विषय पर सूरीनामी समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए जयशंकर ने गुरुवार को इस बात पर जोर दिया। मंत्री कैरिबियाई क्षेत्र की तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण पर सूरीनाम पहुंचे हैं।

एस. जयशंकर ने कहा कि दुनिया इस समय बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी, यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसी घटनाओं ने वैश्विक हालात को और कठिन बना दिया है।

कोविड से लेकर पश्चिम एशिया संघर्ष का दिया हवाला
मंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, “एक कठिन दुनिया के बावजूद प्रगति की आवश्यकता है। यह साझेदारी के माध्यम से सबसे अच्छा हासिल किया जाता है।” अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि दशक की शुरुआत कोविड-19 महामारी से हुई, जिसके बाद यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध हुआ। जयशंकर ने कहा, “कठिन दुनिया शब्द थोड़ा कम करके आंका गया है। हम आज वित्त, संसाधनों, प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी, भूगोल के हथियारकरण को देख रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में राष्ट्र एक अधिक समावेशी दुनिया, सतत विकास और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अधिक सम्मान के संदर्भ में प्रगति देखना चाहेंगे। उन्होंने एक विश्वसनीय भागीदार की उन विशेषताओं पर प्रकाश डाला, जो राष्ट्रीय हित को वैश्विक भलाई के साथ जोड़ सकती है।उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान विभिन्न देशों को टीके की आपूर्ति करने के भारत के उदाहरण का हवाला देते हुए कहा, “एक अच्छे भागीदार की विशेषताओं में से एक ऐसा राष्ट्र है, जो अपने राष्ट्रीय हित को वैश्विक भलाई के प्रति प्रतिबद्धता के साथ सामंजस्य बिठाने में सक्षम है।”

जयशंकर ने एक्स पर कहा, “यह वही भारत है जो सूरीनाम के विकास पथ में भागीदार बनेगा। भारत-सूरीनाम की कहानी का अगला अध्याय संयुक्त रूप से लिखेगा।” उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “यह एक कठिन दुनिया है, लेकिन हमें प्रगति की आवश्यकता है, हमें साझेदारी की आवश्यकता है, वे मौजूद हैं… हम उच्च स्तर की प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प के साथ ऐसा करते रहेंगे।”

इस कार्यक्रम में सूरीनाम के विदेश मंत्री मेल्विन बौवा भी उपस्थित थे, जिसका आयोजन कैरिबियाई राष्ट्र के विदेश मंत्रालय द्वारा किया गया था। बाद में जयशंकर ने सूरीनाम में इंडिया हाउस में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत एक पौधा भी लगाया। बुधवार को जयशंकर ने बौवा और कृषि मंत्री माइक नोएर्सलिम के साथ भारतीय सहायता से निर्मित एग्रो पैशन फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी के हस्तांतरण समारोह में भाग लिया था।

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