NATIONAL : राहुल गांधी के भाषण पर लोकसभा में दूसरे दिन भी हंगामा, सदन में किताब-पत्रिका के आधार पर बोलने को लेकर क्या हैं नियम

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लोकसभा के बजट सत्र में लगातार दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर हंगामा हुआ है. कांग्रेस नेता ने मंगलवार को भी कारवां पत्रिका में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब पर आधारित लेख का हवाला देने की कोशिश की.

उन्होंने जब ऐसा करना शुरू किया तो इस पर सत्ता पक्ष की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई. उस समय सदन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे.

वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि “सदन को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए. हम शांतिपूर्ण तरीक़े से नेता प्रतिपक्ष को सुनना चाहते हैं. इस मुद्दे पर कल चेयर ने फ़ैसला दिया था. जब फ़ैसला दिया जा चुका है तो ये बार-बार उसी मुद्दे का हवाला नहीं दे सकते हैं.”

संसद परिसर के बाहर रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी की वजह से बाक़ी सांसदों को बोलने का मौक़ा नहीं मिल पा रहा है और वो (राहुल गांधी) जिस मुद्दे पर बोलना चाह रहे हैं उस पर स्पीकर का फ़ैसला आ चुका है.

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विषय पर नहीं आते हैं और अप्रकाशित किताब का हवाला देने पर तुले हुए हैं.

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राहुल गांधी ने दूसरे दिन क्या कहा?
मंगलवार को दोपहर दो बजे राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए. उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति के भाषण में एक बहुत ही ज़रूरी बात राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है- पाकिस्तानियों, चीनियों और हमारे बीच संबंध के बारे में है. इस लेख में एक बहुत ही ज़रूरी बात है जिसे मैंने प्रमाणित किया है. इसमें पीएम के रिएक्शन के बारे में बताया गया है. हमारे राष्ट्रपति का भाषण उस रास्ते के बारे में था जो भारत को अपनाना है.”

“इंटरनेशनल मामलों में मुख्य मुद्दा चीन और अमेरिका के बीच टकराव है. यह हमारे राष्ट्रपति के भाषण का मुख्य हिस्सा है. मैं बस इतना कह रहा हूं कि मुझे चीन और भारत के बीच जो हुआ और हमारे पीएम ने उस पर कैसे रिएक्ट किया, उसके बारे में एक बयान देने दीजिए. मुझे क्यों रोका जा रहा है?”

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