SPORTS : लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर यास्तिका भाटिया का धमाका, टेस्ट शतक जड़कर रचा इतिहास, ऐसा करने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनीं

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भारतीय महिला विकेटकीपर यास्तिका भाटिया ने इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के तीसरे दिन लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर शतक जड़कर इतिहास रच दिया है। वे लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं।

लंदन: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने रविवार को लंदन के ऐतिहासिक क्रिकेट मैदान लॉर्ड्स पर इतिहास रच दिया है। यास्तिका इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। बड़ौदा में जन्मी इस खिलाड़ी ने धैर्य, जज्बे और शानदार स्ट्रोक-प्ले का मुजाहिरा करते हुए महज 145 गेंदों में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टेस्ट शतक पूरा किया। उनकी इस ऐतिहासिक पारी में 12 शानदार चौके शामिल रहे। यास्तिका की यह उपलब्धि इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि कुछ समय पहले वे घुटने की बेहद गंभीर चोट से जूझ रही थीं, जिसने उनके करियर पर संकट खड़ा कर दिया था। इस जानलेवा चोट को मात देकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहीं यास्तिका ने दोपहर के सत्र में बेहद ही आक्रामक और यादगार अंदाज में इस कीर्तिमान को छुआ।

नर्वस नाइंटीज का नहीं दिखा कोई दबाव
मैच के तीसरे दिन यास्तिका भाटिया लंच ब्रेक के समय 91 रनों पर नाबाद खेल रही थीं। जब लंच के बाद का खेल शुरू हुआ, तो उनके चेहरे पर नर्वस नाइंटीज का कोई भी खौफ नजर नहीं आया। उन्होंने इंग्लैंड की तेज गेंदबाज इसी वोंग की गेंदों पर बैकवर्ड पॉइंट क्षेत्र में लगातार दो शानदार चौके जड़े और फिर कवर्स की दिशा में एक सिंगल लेकर अपना ऐतिहासिक शतक पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम हमेशा के लिए सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया।

हालांकि, सुबह के खेल की शुरुआत में किस्मत ने भी यास्तिका का पूरा साथ दिया। दिन की अपनी पहली ही गेंद पर इंग्लैंड की लॉरेन बेल की एक खूबसूरत डिलीवरी यास्तिका के ऑफ-स्टंप को छूती हुई निकल गई, लेकिन खुशकिस्मती से गिल्लियां नीचे नहीं गिरीं। इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाते हुए यास्तिका ने एक बेहद सुव्यवस्थित और आक्रामक पारी खेली, जिसमें उन्होंने सीधे शॉट और कवर्स क्षेत्र को मुख्य रूप से अपना निशाना बनाया।

शतक के बाद भावुक हुईं यास्तिका
जैसे ही यास्तिका ने अपने करियर का यह सबसे बड़ा रन पूरा किया, वे मैदान पर बेहद भावुक हो गईं। उन्होंने घुटनों के बल बैठकर लॉर्ड्स की ऐतिहासिक पिच को चूमा, जबकि स्टेडियम में मौजूद तमाम दर्शकों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस युवा खिलाड़ी का अभिवादन किया। यास्तिका इस ऐतिहासिक मैच में अपनी साथी खिलाड़ी क्रांति गौड़ के बाद लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड में शामिल होने वाली दूसरी भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। क्रांति गौड़ ने मैच के दूसरे दिन शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट चटकाकर इस बोर्ड में पहले ही अपनी जगह पक्की कर ली थी।

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