WORLD : कौन थे कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन, जिनके लिए भारत में 13 जुलाई को मनाया जाएगा शोक?

0
19

कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा की मृत्यु 74 साल की उम्र में हुई थी. उनके निधन के बाद भारत ने 13 जुलाई को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा किया है. आइए जानते हैं अमीर शेख हमद बिन के निधन पर क्यों शोक मनाया जा रहा है?

शेख हमद के नेतृत्व में कतर ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई. वैश्विक मीडिया नेटवर्क अल जजीरा को नई पहचान मिली और कतर ने खेल, कूटनीति तथा निवेश के क्षेत्र में भी अपनी छाप छोड़ी. उनके कार्यकाल में ही कतर को फीफा विश्व कप 2022 की मेजबानी का अधिकार मिला, जिसने देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को और बढ़ाया. कतर के पूर्व शासक शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने शिक्षा से लेकर कच्चे तेल की खोज में बड़ा योगदान रहा है. उनके निधन के बाद भारत सरकार ने 13 जुलाई को एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है.

ये फैसला दोनों देशों के मजबूत रिश्तों और शेख हमद के योगदान को सम्मान देने के लिए लिया गया है. आखिर शेख हमद कौन थे और उन्होंने ऐसा क्या किया कि उनके सम्मान में भारत भी राष्ट्रीय शोक मना रहा है?

शेख हमद बिन खलीफा अल थानी कतर के पूर्व शासक थे. उन्होंने 1995 में देश की सत्ता संभाली और करीब 18 सालों तक कतर का नेतृत्व किया. उनके शासनकाल में कतर ने विकास की ऐसी रफ्तार पकड़ी कि वो दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में शामिल हो गया. साल 2013 में उन्होंने स्वेच्छा से सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी, जो वर्तमान में कतर के अमीर हैं.

छोटे देश को बनाया वैश्विक ताकत
जब शेख हमद ने सत्ता संभाली, तब कतर एक छोटा खाड़ी देश था मगर उन्होंने प्राकृतिक गैस और ऊर्जा संसाधनों का बेहतर उपयोग कर देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. आज कतर दुनिया के सबसे बड़े तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) निर्यातकों में गिना जाता है. इसका बड़ा श्रेय शेख हमद की दूरदर्शी नीतियों को दिया जाता है.

शेख हमद ने सिर्फ आर्थिक विकास पर ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आधुनिक बुनियादी ढांचे पर भी बड़े पैमाने पर निवेश किया. उनके कार्यकाल में ग्लोबल यूनिवर्सिटी, अस्पताल, सड़कें और अन्य सुविधाएं विकसित की गईं. इसी वजह से कतर ने कुछ ही वर्षों में वैश्विक स्तर पर अलग पहचान बनाई.

भारत ने क्यों घोषित किया राष्ट्रीय शोक?
भारत सरकार ने शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर 13 जुलाई को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. इस दिन पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुक दिया गया है और सरकारी स्तर पर कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा. ये कदम भारत और कतर के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों और शेख हमद के योगदान के सम्मान में उठाया गया है.

शेख हमद बिन खलीफा अल थानी को आधुनिक कतर का निर्माता माना जाता है. उन्होंने अपने नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और विकास की नीतियों से कतर को दुनिया के सबसे प्रभावशाली और समृद्ध देशों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. ये कारण है कि उनके निधन पर सिर्फ कतर ही नहीं, बल्कि भारत समेत कई देशों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया.

भारत के साथ रहे मजबूत रिश्ते
शेख हमद के शासनकाल में भारत और कतर के संबंध लगातार मजबूत हुए. ऊर्जा, व्यापार, निवेश और रोजगार जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा. कतर भारत के लिए एलएनजी का प्रमुख आपूर्तिकर्ता रहा है, जबकि वहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था में खास भूमिका निभाते हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here