संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में विपक्ष के हंगामे, बिना चर्चा के विधेयक पारित होने के आरोप, सांसद पप्पू यादव के विरोध के तरीके और लगातार चुनाव हारने वाली पार्टियों की राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता संसद का कामकाज सुचारु रूप से चलाकर जरूरी विधेयकों और राष्ट्रीय महत्व के कार्यों को पूरा करना है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया है जिसमें विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार ने बिना चर्चा किए नए बिलों को संसद से पास करा दिया। विपक्ष के इन आरोपों का जवाब देते हुए रिजिजू ने कहा कि ऐसे आरोप कोई नई बात नहीं हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार इस तरह के आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता सूचीबद्ध विधेयकों को पारित कराना और संसद के तय कामकाज को पूरा करना है। आखिर देश को आगे बढ़ाने के लिए कानून बनाने पड़ते हैं।

संसद चलाने का उद्देश्य ही क्या रह जाएगा?
संसद को बजट और अन्य महत्वपूर्ण मामलों को भी मंजूरी देनी होती है। अगर लगातार हंगामे के कारण सरकार जरूरी विधेयक भी पारित नहीं करा पाए, तो फिर संसद चलाने का उद्देश्य ही क्या रह जाएगा? उन्होंने कहा कि सरकार विधेयक पारित कराती रहेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष बाद में यह आरोप न लगाए कि बिना चर्चा के बिल पारित किए गए, क्योंकि चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया गया है।
क्या संसद वेशभूषा बदलने की जगह है?
सांसद पप्पू यादव के विरोध-प्रदर्शन के तरीके पर किरेन रिजिजू ने कहा कि लोकसभा स्पीकर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संसद वेशभूषा बदलकर प्रदर्शन करने का मंच नहीं है। उन्होंने कहा कि सांसदों को अपनी गरिमा और गंभीरता बनाए रखनी चाहिए। अगर कोई सांसद है, तो उसका व्यवहार भी उसी गरिमा के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद नाटकबाजी की जगह नहीं है और स्पीकर इस बारे में पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं, इसलिए उन्हें इसे दोहराने की जरूरत नहीं है।

