NCLT ने सुभाष चंद्र की दिवालिया प्रक्रिया से जुड़े मामले की सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय बेंच का गठन किया है। इससे पहले दो सदस्यीय बेंच में बहुमत की राय नहीं बन सकी थी। अब ₹6.25 करोड़ के रिपेमेंट प्लान पर 1 सितंबर 2026 को सुबह 10:15 बजे सुनवाई होगी।
सुभाष चंद्र से जुड़े दिवालिया मामले में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने बड़ा कदम उठाया है। मामले की सुनवाई अब पांच सदस्यीय बेंच करेगी। इससे पहले दो सदस्यीय बेंच इस मामले में किसी एक राय पर नहीं पहुंच पाई थी। ऐसे में सुभाष चंद्र की ओर से पेश किए गए 6.25 करोड़ रुपये के रिपेमेंट प्लान पर अंतिम फैसला नहीं हो सका था।
अब पांच सदस्यीय बेंच इस मामले की सुनवाई 1 सितंबर 2026 को सुबह 10:15 बजे करेगी। इस सुनवाई पर सभी की नजरें रहेंगी, क्योंकि इससे यह साफ हो सकता है कि सुभाष चंद्र के मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाएगी।

दो सदस्यीय बेंच में नहीं बन पाई सहमति
मामले की सुनवाई पहले NCLT की दो सदस्यीय बेंच कर रही थी। हालांकि, दोनों सदस्यों के बीच मामले को लेकर एक जैसी राय नहीं बन सकी। किसी मामले में जब बेंच के सदस्यों के बीच सहमति नहीं बनती है और बहुमत की राय सामने नहीं आती, तो अंतिम आदेश देना मुश्किल हो जाता है।
यही स्थिति सुभाष चंद्र के मामले में भी सामने आई। दो सदस्यीय बेंच ने माना कि मामले में कोई बहुमत वाली राय सामने नहीं आई है। इसलिए बेंच की ओर से अंतिम आदेश पारित नहीं किया जा सका।
₹6.25 करोड़ के रिपेमेंट प्लान पर नजर
इस मामले में सुभाष चंद्र की ओर से 6.25 करोड़ रुपये के भुगतान से जुड़ा एक रिपेमेंट प्लान पेश किया गया है। इसी प्रस्ताव और उससे जुड़े अन्य मुद्दों पर NCLT में सुनवाई चल रही है।
अब पांच सदस्यीय बेंच मामले को नए सिरे से देखेगी। बड़ी बेंच के सामने मामले के सभी संबंधित पहलुओं पर विचार किया जाएगा। इसके बाद यह तय हो सकता है कि भुगतान योजना को लेकर क्या फैसला लिया जाए और सुभाष चंद्र से जुड़ी दिवालिया प्रक्रिया को आगे किस तरह बढ़ाया जाए।
1 सितंबर को होगी अहम सुनवाई
NCLT की पांच सदस्यीय बेंच 1 सितंबर 2026 को सुबह 10:15 बजे इस मामले की सुनवाई करेगी। दो सदस्यीय बेंच में अंतिम आदेश नहीं आने के बाद अब बड़ी बेंच का गठन इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुभाष चंद्र का नाम जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज से जुड़े विवादों और वित्तीय मामलों के कारण पहले भी सुर्खियों में रहा है। अब 6.25 करोड़ रुपये के रिपेमेंट प्लान और दिवालिया मामले पर NCLT की पांच सदस्यीय बेंच क्या रुख अपनाती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।


