WORLD : होर्मुज में बारूदी सुरंग से टकराए दो तेल टैंकर, परखच्चे उड़े, ईरान की IRGC ने क्या बताया?

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होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग से टकराने से दो तेल टैंकरों में भयावह विस्फोट हुआ है। ईरान की आईआरजीसी ने इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। आईआरजीसी ने कहा है कि अमेरिकी सेना जानबूझकर तेल टैंकरों को बारूदी सुरंग वाले रास्तों पर भेज रही है। इस घटना से भारत की टेंशन बढ़ने की आशंका है।

तेहरान: ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने बताया है कि शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के गुजरने वाले दो तेल टैंकर बारूदी सुरंग से टकरा गए। इससे दोनों जहाजों में भयानक विस्फोट हुआ और अफरा-तफरी मच गई। इन जहाजों के पीछे मौजूद टैंकर अपनी-अपनी जगहों पर ठहर गए और कुछ वापस लौट गए हैं। यह घटना तब हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष जारी है। अमेरिका लगातार ईरान पर हमले कर रहा है। ईरान ने भी इसके जवाब में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हवाई हमले किए हैं। होर्मुज के बंद होने से ऊर्जा आयात के लिए अत्याधिक निर्भर भारत की टेंशन बढ़ सकती है।

IRGC ने होर्मुज में बारूदी सुरंग फटने पर क्या कहा?

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान में कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में बारूदी सुरंगों वाले रास्ते से गुज़रने की कोशिश के दौरान दो तेल टैंकरों में विस्फोट हुआ और उनमें आग लग गई। IRGC ने इस घटना के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। उसने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इन जहाजों को धोखे से खतरनाक रास्ते पर भेज दिया था। दुनिया अब ईरान के खिलाफ अमेरिकी आक्रामकता के नतीजे साफ तौर पर देख रही है।

IRGC ने होर्मुज को बताया पूरी तरह बंद

IRGC की नौसेना ने फिर कहा कि अमेरिकी आक्रामकता के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य “पूरी तरह से बंद” है और जहाजों को चेतावनी दी कि वे बारूदी सुरंगों वाले रास्तों में न जाएं।
बयान में कहा गया, “जब तक अपराधी अमेरिका की आक्रामकता खत्म नहीं होती, तब तक इस क्षेत्र से रासायनिक उर्वरक या तेल और गैस की एक बूंद भी निर्यात करने की कोई संभावना नहीं है।”

भारत की बढ़ेगी टेंशन

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर लड़ाई छिड़ने से भारत की परेशानी बढ़ गई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का 85 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। इनमें से आधे से अधिक ऊर्जा आयात होर्मुज के रास्ते होता है। 28 फरवरी के बाद से होर्मुज के बंद होने से भारत ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। तेल और गैस की कीमतों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। कई इलाकों में रसोई गैस की किल्लत भी महसूस की जा रही है। कुछ दिनों पहले अमेरिका-ईरान समझौते के तहत होर्मुज के खुलने से राहत महसूस की जा रही थी, लेकिन इसके फिर से बंद होने से परेशानी बढ़ सकती है।

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