सुप्रीम कोर्ट ने 1999 के ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों की हत्या के दोषी रविंद्र पाल उर्फ दारा सिंह ने जुलाई 2024 सुप्रीम कोर्ट में माफी याचिका डाली थी। याचिका में था कि वह जेल में 25 साल से ज्यादा वक्त गुजार चुका है और उसे अपने किए पर पछतावा है।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टुअर्ट स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या मामले में उम्रकैद काट रहे रविंद्र पाल उर्फ दारा सिंह की सजा में छूट की याचिका पर फैसला लेने में देरी को लेकर मंगलवार को ओडिशा सरकार को कड़ी फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को इस तरह लंबित नहीं रख सकती और उसे याचिका पर निर्णय लेकर अदालत को इसकी जानकारी देनी होगी।
पीठ ने इस पर नाराजगी जताई कि राज्य सरकार यह तक बताने की स्थिति में नहीं है कि दारा सिंह की रेमिशन याचिका पर कोई फैसला लिया गया है या नहीं। अदालत ने कहा कि आप इसे खारिज करना चाहते हैं तो कर दीजिए। हां या ना, फैसला लीजिए। हम उस पर विचार करेंगे। दो साल से आप मामले में देरी कर रहे हैं। आप इसे इस तरह लंबित नहीं रख सकते।
राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि मामले में स्थगन की मांग वाला पत्र भेजा गया है, क्योंकि एडवोकेट ऑन रेकॉर्ड अस्वस्थ हैं। इस पर अदालत ने 19 अगस्त को पारित अपने आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने राज्य सजा समीक्षा बोर्ड को दारा सिंह की याचिका पर फैसला लेने और अदालत को इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया था।

अधिकारी को करेंगे तलब
राज्य सरकार के वकील ने मामले को 17 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। इस पर पीठ ने कहा कि हम अगली तारीख पर इसे स्थगित नहीं करने वाले हैं। अदालत ने चेतावनी दी कि राज्य सरकार फैसला लेकर उसे सूचित करे, अन्यथा संबंधित अधिकारी को अदालत में तलब किया जाएगा।
ईसाई क्या सोचेंगे?
सुप्रीम कोर्ट ने 1999 के ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों की हत्या के दोषी रविंद्र पाल उर्फ दारा सिंह ने जुलाई 2024 सुप्रीम कोर्ट में माफी याचिका डाली थी। याचिका में था कि वह जेल में 25 साल से ज्यादा वक्त गुजार चुका है और उसे अपने किए पर पछतावा है। इस पर पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार को निर्णय लेने को कहा, लेकिन अभी तक राज्य सरकार कुछ पेपरवर्क बाकी होने की बात कहकर इसे टालती आई है। असल में, दारा सिंह को रिहा करने का देश के 3 करोड़ ईसाइयों के बीच गलत संदेश जा सकता है।

