एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने सोमवार को टेक्सास के स्टारबेस से अपने विशाल स्टारशिप-सुपर हेवी रॉकेट को लॉन्च किया। यह स्टारशिप की 14वीं परीक्षण उड़ान है और मिशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पहली बार इसे पृथ्वी की कक्षा में भेजने की योजना बनाई गई है। इस मिशन में 26 स्टारलिंक V3 सैटेलाइट भी अंतरिक्ष में तैनात किए जाने हैं।
पहली बार पृथ्वी की कक्षा में पहुंचेगा स्टारशिप
स्पेसएक्स की योजना के मुताबिक स्टारशिप करीब 275 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए पृथ्वी के लगभग छह चक्कर लगाएगा। पूरा मिशन करीब 10 घंटे चलने की उम्मीद है। इसके बाद स्टारशिप के प्रशांत महासागर में चिली के पश्चिमी तट के पास स्प्लैशडाउन करने की योजना है। यह उड़ान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे स्टारशिप को पूरी तरह और तेजी से दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले अंतरिक्षयान के रूप में विकसित करने के अगले चरण की शुरुआत होगी।
26 स्टारशिप V3 सैटेलाइट होंगे तैनात
इस मिशन में पहली बार स्टारलिंक V3 सैटेलाइट तैनात किए जाएंगे। स्पेसएक्स के अनुसार 26 सैटेलाइटों को कक्षा में भेजने की योजना है। कंपनी का कहना है कि नई पीढ़ी के ये सैटेलाइट स्टारलिंक नेटवर्क की क्षमता और इंटरनेट सेवा की गति को काफी बढ़ाने में मदद करेंगे। स्टारलिंक V3 सैटेलाइट को ज्यादा डेटा क्षमता, अधिक पावर और बेहतर नेटवर्क क्षमता के लिए डिजाइन किया गया है। उपलब्ध मिशन विवरण के अनुसार प्रत्येक सैटेलाइट करीब 1 Tbps डाउनलिंक क्षमता जोड़ सकता है।

407 फीट ऊंचा है स्टारशिप
स्टारशिप-सुपर हेवी की ऊंचाई करीब 124.4 मीटर यानी लगभग 407 फीट है। इसमें दो मुख्य हिस्से हैं सुपर हैवी बूस्टर और स्टारशिप ऊपरी चरण। दोनों को भविष्य में तेजी से दोबारा इस्तेमाल किए जाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। स्पेसएक्स के लिए इसका लक्ष्य केवल एक बड़ी रॉकेट उड़ान भरना नहीं है। कंपनी लंबे समय से ऐसे लॉन्च सिस्टम को विकसित कर रही है, जिसका इस्तेमाल भविष्य में चंद्रमा और मंगल से जुड़े मिशनों के लिए भी किया जा सके।
बूस्टर के सामने भी बड़ी चुनौती
फ्लाइट 14 में सुपर हेवी बूस्टर के लिए लॉन्च के बाद सफल चढ़ाई, स्टेज सेपरेशन, बूस्टबैक बर्न और लैंडिंग बर्न महत्वपूर्ण परीक्षण होंगे। इसके बाद बूस्टर की लैंडिंग की योजना खाड़ी में एक समुद्री क्षेत्र में है। पिछले परीक्षण में सामने आई समस्याओं को देखते हुए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में बदलाव किए गए हैं।

