उत्तर प्रदेश में नवरात्रि से पहले एक बार फिर से गरबा और डांडिया के कार्यक्रमों में ग़ैर हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई है. फर्रुखाबाद में विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट पारुल तरार एक ज्ञापन सौंपा गया है. उन्होंने मांग की कि जनपद में होने वाले सामूहिक डांडिया और गरबा कार्यक्रमों में पुरुषों और विशेष वर्ग लोगों को एंट्री करने की अनुमति न दी जाए.
विश्व हिन्दू परिषद ने मांग की नवरात्रि में जनपद में आयोजित होने वाले तमाम डांडिया और गरबा के कार्यक्रमों में ग़ैर हिन्दुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में आधार कार्ड देखकर ही प्रवेश कराया जाए. इसके साथ ही इन संगठनों ने मांग की राम बारात शोभायात्रा में निकलने वाली झांकियों व नाचते हुए देवी-देवताओं का नृत्य पूर्ण रूप से बंद किया जाना चाहिए.
गरबा-डांडियां में गैर हिन्दुओं की एंट्री पर रोक
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ मुस्लिम युवक सोशल मीडिया आर्टिस्ट बनकर कार्यक्रमों में घुसपैठ करते हैं और हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर ‘लव जिहाद’ करते हैं. संगठन का कहना है कि डांडिया और गरबा एक पारंपरिक हिंदू देवी-देवताओं की आराधना का पर्व है, जिसमें मुस्लिम युवकों के पहुंचने से धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचती है.

वीएचपी ने सिटी मजिस्ट्रेट को दिया ज्ञापन
विश्व हिन्दू परिषद ने कहा कि पिछले साल भी गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में ऐसे कुछ गैर हिन्दु युवकों को पकड़ा गया था, जिन्हें पुलिस प्रशासन को सौंपा गया था. अंत में निवेदन किया गया है कि ऐसे लोगों को कार्यक्रमों में जाने की परमिशन नही दी जानी चाहिए. वहीं रामलीला मंडलों द्वारा यदि कोई अश्लील गानों पर नृत्य कराया जाता है, तो इसकी सूचना संबंधित मंडलों को देकर उसे तुरंत बंद कराया जाए.
वीएचपी ने साफ किया है कि उनके कार्यकर्ता इन तमाम कार्यक्रमों पर पर नज़र रखेंगे ताकि ऐसे लोगों को हिन्दुओं के कार्यक्रमों में आने से रोका जा सके. उनके कार्यकर्ता जिला और पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर उनकी मदद करेंगे और हिन्दू आयोजनों से उन लोगों को दूर रखेंगे जिनकी कोई आस्था नहीं है.


