अगर आपको साउथ इंडियन खाना पसंद है, तो आपको रवा डोसा जरूर पसंद आइगा. यह सामान्य डोसे से थोड़ा अलग होता है. इसके लिए चावल और उड़द दाल को घंटों भिगोकर पीसने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि इसे सूजी और कुछ दूसरी चीजों की मदद से आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है. इसकी खासियत है इसका पतला, कुरकुरा और जालीदार टेक्सचर, जो इसे बाजार में मिलने वाले डोसे जैसा बनाता है.
रवा डोसा सुबह के नाश्ते, शाम की भूख या हल्के डिनर के लिए अच्छा विकल्प है. इसे नारियल की चटनी, टमाटर की चटनी या सांभर के साथ परोसा जाता है. हालांकि कई लोगों की शिकायत होती है कि घर पर इसे बनाते समय अक्सर डोसा तवे पर चिपक जाता है या बाजार जैसा कुरकुरा नहीं बन पाता. इसकी मुख्य वजह घोल की सही मात्रा, तवे का तापमान और डोसा बनाने का तरीका होता है. ऐसे में आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान और सही रेसिपी.
ऐसे करें घोल तैयार
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में सूजी, चावल का आटा और मैदा डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें जीरा, हरी मिर्च, अदरक, हरी धनिया, काली मिर्च और नमक डालें. यदि आप दही का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो उसे भी मिला सकते हैं. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए पतला घोल तैयार करें. रवा डोसे का घोल सामान्य डोसे के घोल से ज्यादा पतला होना चाहिए. इसके बाद घोल को लगभग 20 से 30 मिनट के लिए ढककर रख दें. इस दौरान सूजी पानी सोख लेगी और घोल थोड़ा गाढ़ा हो जाइगा. अब डोसा बनाने से पहले इसमें फिर से पानी मिलाकर इसे सही कर लें. घोल इतना पतला होना चाहिए कि तवे पर डालने पर आसानी से फैल सके.

तवे पर डोसा बनाएं
अब लोहे का तवा या उपयुक्त नॉन-स्टिक तवा गर्म करें. तवा बहुत ज्यादा गर्म हो, तो आंच थोड़ी कम कर दें. अब घोल को चम्मच या कटोरी से तवे पर किनारों से बीच की ओर धीरे-धीरे डालें. इसे सामान्य डोसे की तरह गोल फैलाने की जरूरत नहीं है. घोल अपने आप फैलकर जालीदार आकार बनाएगा. डोसे के किनारों पर थोड़ा तेल या घी डालें. इसे मध्यम आंच पर तब तक पकाएं, जब तक किनारे सुनहरे और कुरकुरे न हो जाएं. इसके बाद सावधानी से पलटें और दूसरी तरफ भी कुछ देर सेंक लें. डोसा तैयार होने पर इसे मोड़कर प्लेट में निकाल लें.
इन बातों का रखें ध्यान
रवा डोसा कुरकुरा बनाने के लिए घोल पतला रखना सबसे जरूरी है. यदि घोल गाढ़ा होगा, तो डोसा जालीदार नहीं बनेगा. हर डोसा बनाने से पहले घोल को अच्छी तरह मिलाएं, क्योंकि सूजी नीचे बैठ जाती है. तवे पर घोल डालने से पहले उसका तापमान भी सही रखें. अगर तवा बहुत गर्म होगा, तो घोल ठीक से नहीं फैलेगा. वहीं डोसे को पलटने की जल्दी न करें. जब तक नीचे की सतह अच्छी तरह सुनहरी और कुरकुरी न हो जाए, उसे तवे से न हटाएं. तैयार रवा डोसे को नारियल की चटनी और सांभर के साथ गर्मागर्म परोसें.


