चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश का चुनाव खत्म होते ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में इजाफा हुआ है। सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी ANI ने जानकारी दी है कि शुक्रवार से कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपये का इजाफा होने जा रहा है।अब राजधानी नई दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3071.50 रुपये हो जाएंगी। हालांकि अच्छी बात यह है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपये का इजाफा होने का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। इससे खाने-पीने की चीजें महंगी होने की आशंका है। अगर ऐसा होता है तो आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
ईरान और अमेरिका के बीच इस समय संघर्ष विराम चल रहा है लेकिन हॉर्मुज जलमार्ग अभी भी बंद है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बढ़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ईरान युद्ध के बाद से बेहद सीमित मात्रा में एलपीजी और तेल टैंकर खाड़ी देशों से भारत आ पाए हैं, ऐसे में यह आशंका जताई जा रही थी कि आने वाले दिनों तेल और गैस के दाम में भारी इजाफा हो सकता है।

दुनिया के कई देशों में ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी हुई है। पाकिस्तान में तो पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। बीते गुरुवार को भी पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा किया है। भारत अभी तक इससे बचा हुआ है।
29 अप्रैल को आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर क्रमशः 14 रुपये एवं 18 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल के अलावा रसोई गैस (एलपीजी) पर भी भारी ‘अंडर-रिकवरी’ यानी नुकसान होने की आशंका है। यह नुकसान वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 80,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
ईरान युद्ध के प्रकोप से ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के बाद से, खुर्जा में अधिकांश मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारखाने गैस आपूर्ति की कमी और ईंधन की बढ़ती लागत के कारण अपने संयंत्रों को चलाने में असमर्थ रहे हैं। कुछ श्रमिकों ने भी काम छोड़कर जाना शुरू कर दिया है।


