BUSINESS : देश में उर्वरकों का रिकॉर्ड भंडार: मांग से 51% ज्यादा स्टॉक, कीमतों में नहीं होगा बदलाव, किसानों को बड़ी राहत

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खरीफ 2026 से पहले केंद्र सरकार ने देश में उर्वरकों का रिकॉर्ड भंडार सुनिश्चित किया है। वर्तमान में देश के पास 199.65 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक उपलब्ध है, जो अनुमानित मांग का 51% से अधिक है। सरकार ने घरेलू उत्पादन, आयात और वैश्विक निविदाओं के जरिए आपूर्ति मजबूत की है, जबकि किसानों के लिए उर्वरकों की कीमतें स्थिर रखी गई हैं।

उर्वरक विभाग में अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने बताया कि उर्वरक स्टॉक आवश्यकता से 51% से अधिक है।
उर्वरक विभाग में अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने बताया कि उर्वरक स्टॉक आवश्यकता से 51% से अधिक है।

खरीफ 2026 सीजन से पहले केंद्र सरकार ने उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की है। सरकार के अनुसार देश में वर्तमान समय में उर्वरकों का भंडार मजबूत और स्थिर स्थिति में है, जिसके चलते किसानों को पीक सीजन में किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने खरीफ सीजन के लिए 390.54 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता का अनुमान लगाया है, जबकि देश में अभी 199.65 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक उपलब्ध है। यह कुल मांग का 51 प्रतिशत से अधिक है और सामान्य स्टॉक स्तर से काफी ज्यादा माना जा रहा है।

उर्वरक विभाग में अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने बताया है कि “खरीफ 2026 सीजन के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DoAFW) द्वारा आकलित उर्वरक आवश्यकता के आधार पर वर्तमान स्टॉक 51% से अधिक है। यह हमारे सामान्य आवश्यकता स्तर 33% से काफी ज्यादा है, जिसे हम आमतौर पर बनाए रखते हैं। उर्वरकों का स्टॉक संतोषजनक स्थिति में है। प्रमुख उर्वरकों की एमआरपी लगभग पहले जैसी ही बनी हुई है।”

घरेलू उत्पादन-आयात से बढ़ी उपलब्धता
पश्चिम एशिया में हालिया संकट के बाद सरकार ने उर्वरकों की आपूर्ति मजबूत करने के लिए घरेलू उत्पादन और आयात दोनों पर जोर दिया। देश में कुल 97 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। इसमें घरेलू उत्पादन का योगदान 76.78 लाख टन रहा, जबकि करीब 19.94 लाख टन उर्वरक आयात के जरिए भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचाया गया।

यूरिया के मामले में 46.28 लाख टन घरेलू उत्पादन और 12.51 लाख टन आयात हुआ है। वहीं डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी जैसे उर्वरकों की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है। सरकार ने मई और जून के दौरान भारतीय बंदरगाहों तक पहुंचने के लिए लगभग 7 लाख टन एनपीके उर्वरक भी सुरक्षित कर लिया है।

भविष्य की मांग को लेकर सरकार सतर्क
सरकार ने आने वाले महीनों में उर्वरकों की मांग को देखते हुए वैश्विक स्तर पर खरीद प्रक्रिया भी तेज कर दी है। भारतीय उर्वरक कंपनियों ने 12 लाख टन डीएपी, 4 लाख टन टीएसपी और 3 लाख टन अमोनियम सल्फेट खरीदने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किए हैं।

किसानों के लिए कीमतों में नहीं कोई बदलाव
किसानों के लिए राहत की बात यह है कि सरकार ने प्रमुख उर्वरकों की अधिकतम खुदरा कीमतों (MRP) में कोई बदलाव नहीं किया है। उर्वरक विभाग कंपनियों को सब्सिडी भुगतान नियमित रूप से कर रहा है, जिससे बाजार में आपूर्ति बनी हुई है। उपलब्धता की स्थिति की लगातार निगरानी के लिए सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (EGoS) की अब तक आठ बैठकें हो चुकी हैं।

सरकार का कहना है कि बेहतर योजना, अग्रिम भंडारण और मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के कारण देश में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है। इससे किसानों को खरीफ सीजन में किफायती दरों पर आसानी से उर्वरक उपलब्ध हो सकेंगे।

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