UPI के नए MDR नियम से SIP, नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, बिजली बिल और इंश्योरेंस ऑटो पे पर क्या असर पड़ेगा? जानिए 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नियम और किन यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लगेगा.
यूपीआई को लेकर पिछले कुछ दिनों से एक खबर ने लोगों को कन्फ्यूज कर दिया है. 15 अक्टूबर 2026 से कुछ यूपीआई पेमेंट पर MDR लागू होने वाला है. इसके बाद 2,000 रुपए से ज्यादा के कुछ मर्चेंट पेमेंट पर 0.4 फीसदी तक MDR लगेगा. ऐसे में जिन लोगों के खाते से हर महीने नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, बिजली का बिल, इंश्योरेंस या म्यूचुअल फंड एसआईपी का पैसा अपने आप कटता है, उनके मन में सवाल है कि क्या अब इन पेमेंट पर भी ज्यादा पैसा देना पड़ेगा?
बता दें कि यूपीआई ऑटो पे पर नया MDR चार्ज नहीं लगने वाला है. NPCI ने इसकी साफ जानकारी दी है कि यानी अगर आपने किसी ओटीटी सब्सक्रिप्शन, एसआईपी, इंश्योरेंस या बिल के लिए यूपीआई ऑटो पे सेट कर रखा है तो आपका पेमेंट महंगा नहीं होने वाला है.

यूपीआई ऑटो पे क्या है?
यूपीआई ऑटो पे ऐसी सुविधा है जिसके जरिए आप पहले से ही पेमेंट की डेट फिक्स कर लेते हैं और फिर तय तारीख पर पैसा आपके बैंक अकाउंट से अपने आप कट जाता है.
जैसे आपने नेटफ्लिक्स को ऑटो पे लगा रखा है तो हर महीने आपको खुद से यूपीआई खोलकर पेमेंट करने की जरूरत नहीं पड़ती है. तय तारीख पर पैसा अपने आप कट जाता है. इसी तरह म्यूचुअल फंड एसआईपी, बिजली का बिल, मोबाइल बिल, इंश्योरेंस प्रीमियम, EMI भी यूपीआई ऑटो पे से खुद ही कट जाते हैं.
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15 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है?
15 अक्टूबर 2026 से पर्सन टू मर्चेंट यूपीआई ट्रांजेक्शन पर MDR लागू होने वाला है. मर्चेंट पेमेंट में 2000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी MDR का लगेगा. वहीं, 75000 रुपए या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर 300 रुपए का फ्लैट चार्ज कटेगा..
लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हर यूपीआई यूजर को 2000 रुपए से ज्यादा का पेमेंट करने पर अपनी जेब से अलग चार्ज देना होगा. MDR सिर्फ मर्चेंट ही भरेंगे, ग्राहक नहीं. सरकार और NPCI ने साफ किया है कि आम यूजर्स के लिए यूपीआई पेमेंट फ्री ही रहने वाला है.
एसआईपी के लिए क्या नियम है?
मान लीजिए आपकी हर महीने 10000 रुपए की एसआईपी है और आपने उसका पेमेंट यूपीआई ऑटो पे से सेट किया हुआ है. हर महीने तय तारीख पर 10000 रुपए आपके अकाउंट से कटते हैं.
नए नियम के बाद भी ये पेमेंट उसी तरह चलता रहेगा. यूपीआई ऑटो पे के जरिए होने वाली इस एसआईपी पर MDR नहीं लगेगा और ना ही आपके एसआईपी के पैसे बढ़ेंगे. लेकिन अगर आप म्यूचुअल फंड में एक ही बार एक नया यूपीआई पेमेंट करते हैं तो कैपिटल मार्केट पेमेंट के लिए 0.02 फीसदी MDR का प्रावधान है, वो भी 300 रुपए तक की लिमिट है.
ओटीटी सब्सक्रिप्शन पर कितना लगेगा चार्ज?
अगर आपके नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम , जियो हॉटस्टार या किसी दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म का पेमेंट यूपीआई ऑटो पे से होता है तो सिर्फ इस नए MDR नियम की वजह से उस ऑटो पे पेमेंट पर नया चार्ज नहीं लगेगा. यानी महीने की सब्सक्रिप्शन फीस जितनी है, ऑटो पे के जरिए उतना ही पैसा कटेगा.
बिजली, मोबाइल बिल और EMI का क्या होगा?
अगर आपका बिजली का बिल, मोबाइल बिल या EMI पेमेंट यूपीआई ऑटो पे से अपने आप कटता है तो उस पेमेंट पर भी MDR नहीं लगने वाला है.
इंश्योरेंस प्रीमियम पर कितने पैसे बढ़े?
इंश्योरेंस पेमेंट जिसका 2,000 रुपए से ज्यादा है, उसपर 5 रुपए का MDR तय किया गया है. लेकिन अगर प्रीमियम यूपीआई ऑटो पे से ही कट रहा है तो उस ऑटो पे कोई MDR लागू नहीं होगा. लेकिन अगर आपका 50,000 रुपए का सालाना इंश्योरेंस प्रीमियम यूपीआई ऑटो पे से अपने आप कटता है तो अब आपके खाते से 200 रुपए एक्स्ट्रा भी कटेंगे.

