भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो रेट में वृद्धि की घोषणा के बाद बाजार कमजोर रहा। सेंसेक्स 429.11 अंक गिरकर 72,638.70 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 173.05 अंक की गिरावट के साथ 22,603.05 के स्तर पर आ गया।
बाजार में यह कमजोरी संक्षिप्त सुधार के बाद आई। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट को 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50 फीसदी कर दिया। यह केंद्रीय बैंक की लगभग चार साल में पहली दर वृद्धि है। इस नीतिगत निर्णय के बावजूद बाजार में सतर्क प्रतिक्रिया देखने को मिली। हिन्दalco के शेयर में 3 फीसदी की गिरावट आई। Infy के शेयर भी 2 फीसदी नीचे गिरे। निफ्टी मेटल सूचकांक में 2 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो सूचकांक भी 1.5 फीसदी से अधिक गिरा।
आरबीआई का क्या रहा फैसला?
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। समिति ने रेपो रेट को 25 आधार अंक बढ़ा दिया है। अब यह दर 5.50 फीसदी हो गई है। यह केंद्रीय बैंक की लगभग चार साल में पहली दर वृद्धि है। इस दर वृद्धि से बाजार में कमजोरी देखी गई। नीतिगत निर्णय के बावजूद बाजार में सतर्क प्रतिक्रिया रही।
किन क्षेत्रों पर पड़ा असर?
आरबीआई की रेपो रेट वृद्धि के बाद विभिन्न क्षेत्रों में रुझान मिश्रित रहे। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, मीडिया, निजी बैंक और वित्तीय शेयरों ने कुछ मजबूती दिखाई। हालांकि, ऑटो और धातु शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, एफएमसीजी और रियल एस्टेट क्षेत्र भी गिरावट के साथ बंद हुए। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), फार्मा, तेल और गैस, सीमेंट और स्वास्थ्य सेवा के शेयर भी दबाव में रहे।

वैश्विक बाजारों का क्या रहा हाल?
भारतीय बाजार के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी का रुख रहा। लंदन समय के अनुसार सुबह 8:35 बजे स्टॉक्स यूरोप 600 सूचकांक 0.6 फीसदी गिर गया। एसएंडपी 500 वायदा में मामूली बदलाव देखा गया। नैस्डेक 100 वायदा 0.2 फीसदी नीचे आया। डाव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज औसत वायदा भी 0.2 फीसदी गिरा। एमएससीआई एशिया पैशिफिक सूचकांक 0.9 फीसदी और एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स सूचकांक 0.8 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए।

