NATIONAL : कॉकरोच जनता पार्टी बोली- CEC के हर फैसले की हो जांच, ज्ञानेश कुमार को बताया गद्दार

0
254

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP और लेफ्ट छात्र संगठनों ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें संगठन ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है.मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठन AISF ने मोर्चा खोल दिया है. बुधवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग दोहराई.

केवल पद से हटाना पर्याप्त नहीं जांच होनी
सौरव दास ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को केवल पद से हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए और दोष साबित होने पर कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए.

उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार और उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों की जांच के लिए एक स्वतंत्र कमेटी बनाई जाए.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि ज्ञानेश कुमार गद्दार हैं, देशद्रोही हैं. अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि ज्ञानेश कुमार झूठे नंबर वन हैं.
सौरव दास ने दावा किया कि अगर ऐसे लोग सिस्टम में बैठे रहेंगे तो देश की तरक्की कभी नहीं होगी.

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
CJP ने ऐलान किया है कि 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा.
सौरव दास ने देशभर के युवाओं और समर्थकों से दिल्ली पहुंचने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जाएगा.

CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी 2 अक्टूबर की रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रदर्शन का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को देशभर से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे.

दीपके ने अपने पोस्ट में कहा था कि अगर पुलिस प्रदर्शनकारियों को किसी जगह रोकती है, तो वहीं से आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने और महात्मा गांधी के रास्ते पर चलने की बात कही.

पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP और लेफ्ट से जुड़े नेताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए.
सौरव दास ने आरोप लगाया कि पहले हुए प्रदर्शनों के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर संगठन चिंतित हैं.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया था.
दास ने दावा किया कि कुछ लोगों को चोटें आईं और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया.

10 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर CJP ने क्या कहा?
सौरव दास ने कहा कि सरकार को इस बात का डर है कि अगर देश का युवा एकजुट हो गया तो राजनीतिक स्थिति बदल सकती है. उन्होंने युवाओं से 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने की अपील की.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here