NATIONAL : प्रमोशनल शूट के बहाने बुलाया, गला दबाकर कर दी हत्या… सोशल मीडिया स्टार कमल कौर केस में बड़ा खुलासा

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प्रमोशनल शूट के बहाने लुधियाना की सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर कमल कौर उर्फ कंचन कुमारी को बठिंडा बुलाया गया और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी गई. इस मामले में बठिंडा पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि हत्या की साजिश रचने वाला मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह अब भी फरार है. पुलिस के मुताबिक, अमृतपाल कमल के सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे बोल्ड और कथित आपत्तिजनक कंटेंट से नाराज था.

पंजाब के बठिंडा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने इस सनसनीखेज केस में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अमृतपाल सिंह मेहरों फिलहाल फरार है. बता दें कि कमल कौर की लाश आदेश यूनिवर्सिटी की पार्किंग में खड़ी कार की पिछली सीट पर मिली थी. जब स्थानीय लोगों ने वाहन से बदबू आने की सूचना दी, तो पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.

जांच के दौरान सामने आया कि कमल कौर को अमृतपाल मेहरों ने एक प्रमोशनल शूट के बहाने बठिंडा बुलाया था. जैसे ही वह शहर पहुंची, पहले से साजिश रच चुके जसप्रीत सिंह और निमरतजीत सिंह ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव को उसी कार में छोड़कर फरार हो गए. कार पर नंबर प्लेट भी फर्जी थी, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके.

एसएसपी बठिंडा अवनीत कोंडल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अमृतपाल सिंह मेहरों इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड है. उसे कमल कौर द्वारा सोशल मीडिया पर डाले जा रहे कंटेंट को लेकर आपत्ति थी. पुलिस का कहना है कि आरोपी कमल कौर के उन वीडियोज और कंटेंट से नाखुश थे. उन्होंने इसे ‘मोरल पुलिसिंग’ के नाम पर व्यक्तिगत मामला बना लिया.

कमल कौर की हत्या के बाद शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी, जिससे पहचान मुश्किल हो गई. पुलिस अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के जरिए हत्या की टाइमिंग और अन्य पहलुओं का पता लगाने में जुटी है. अमृतपाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.कंचन कुमारी सोशल मीडिया पर कमल कौर भाभी नाम से मशहूर थीं. इंस्टाग्राम पर उनके 3.83 लाख फॉलोअर्स और यूट्यूब चैनल ‘फनी भाभी टीवी’ पर 2.36 लाख सब्सक्राइबर्स थे. उनका कॉन्टेंट बोल्ड होता था. इसको लेकर पहले भी उन्हें धमकियां मिल चुकी थीं, जिनमें एक पाकिस्तानी गैंगस्टर का नाम सामने आया था.

अमृतपाल मेहरों का बैकग्राउंड भी विवादों से जुड़ा रहा है. वह मोगा के मेहरों गांव का रहने वाला है और साल 2022 में शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के टिकट पर धर्मकोट तरनतारन से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है. मेहरों 12वीं पास है. मेहरों ने साल 2014 में आईटीआई जिला मोगा से डीजल मैकेनिक के रूप में डिप्लोमा किया है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ साल 2022 में लुधियाना में कांग्रेस प्रमुख राजा वारिंग को धमकाने का मामला दर्ज किया गया था. अब कमल कौर की हत्या के मामले में फरार है.

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