फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-बी मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से करारी शिकस्त दी। लंबे समय तक संघर्षपूर्ण रहे इस मुकाबले में स्विस टीम ने अंतिम 20 मिनट में आक्रामक खेल दिखाते हुए चार गोल दागे और टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की।
लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले का पहला हाफ गोलरहित रहा। दोनों टीमों ने सावधानीपूर्वक खेल दिखाया, लेकिन कोई भी पक्ष बढ़त हासिल नहीं कर सका। दूसरे हाफ में स्विट्जरलैंड ने दबाव बढ़ाया और मैच के अंतिम चरण में बोस्नियाई रक्षा पंक्ति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
74वें मिनट में युवा खिलाड़ी जोहान मंजाम्बी ने शानदार गोल कर स्विट्जरलैंड का खाता खोला। इसके बाद 84वें मिनट में रूबेन वर्गस ने बढ़त को दोगुना कर दिया। 90वें मिनट में मन्जांबी ने अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया और मैच लगभग स्विट्जरलैंड की झोली में डाल दिया।

रेड कार्ड बना टर्निंग पॉइंट
बोस्निया-हर्जेगोविना की मुश्किलें 80वें मिनट में और बढ़ गईं, जब डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच को अंतिम खिलाड़ी के रूप में फाउल करने पर सीधे लाल कार्ड दिखाया गया। इसके बाद टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हो गई और स्विट्जरलैंड ने इसका पूरा फायदा उठाया।
अंतिम मिनटों में गोलों की बारिश
इंजरी टाइम में बोस्निया-हर्जेगोविना के एरमिन माहमिक ने 90+3 मिनट में शानदार गोल कर अंतर कम किया और स्कोर 3-1 कर दिया। हालांकि, इसके तुरंत बाद स्विट्जरलैंड को पेनल्टी मिली, जिसे कप्तान ग्रेनिट झाका ने 90+7 मिनट में गोल में बदलकर टीम की 4-1 की शानदार जीत पर मुहर लगा दी।
ग्रुप-बी में मजबूत हुई स्विट्जरलैंड की स्थिति
पहले मैच में ड्रॉ खेलने के बाद स्विट्जरलैंड के लिए यह जीत बेहद अहम रही। इस परिणाम के साथ स्विस टीम ने ग्रुप-बी में नॉकआउट चरण की अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। वहीं बोस्निया-हर्जेगोविना के लिए अब अगले मुकाबले में जीत लगभग अनिवार्य हो गई है। करीब 70 मिनट तक संतुलित दिखने वाला मुकाबला अंतिम चरण में पूरी तरह स्विट्जरलैंड के नाम रहा। मन्जांबी और वर्गास की प्रभावशाली मौजूदगी, झाका की कप्तानी और बोस्निया के रेड कार्ड ने मैच का रुख बदल दिया। स्विट्जरलैंड ने दिखा दिया कि दबाव के क्षणों में वह किसी भी टीम के खिलाफ घातक साबित हो सकता है।

