NATIONAL : ‘अपने CM को देखें पहले…’, वंदे मातरम पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सिद्धारमैया-रेवंत रेड्डी का वीडियो दिखा कांग्रेस को घेरा

0
808

INDIA गठबंधन में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर विवाद बढ़ गया है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला श्रीनगर फिल्म फेस्टिवल में पूरे 3 मिनट 10 सेकेंड तक राष्ट्रगीत के सम्मान में खड़े रहे. इसे लेकर कांग्रेस ने उनपर निशाना साधा था. अब नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कर्नाटक और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों के वीडियो शेयर कर कांग्रेस के विरोध का जवाब दिया है.

राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर INDIA गठबंधन के भीतर तकरार बढ़ गई है. श्रीनगर फिल्म फेस्टिवल में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला राष्ट्रगीत के सम्मान में पूरे 3 मिनट 10 सेकेंड तक खड़े थे, जिसे लेकर अब नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता तनवीर सादिक ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कर्नाटक और तेलंगाना के कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं. इनमें वो भी वंदे मातरम के पूरे वर्जन के दौरान सम्मान में खड़े नजर आ रहे हैं.

दरअसल कांग्रेस ने उमर अब्दुल्ला के पूरे राष्ट्रगीत को गाए जाने पर ऐतराज जताया था. इसके जवाब में तनवीर सादिक ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के वे वीडियो पोस्ट किए हैं. वीडियो में दोनों नेता वंदे मातरम के पूरे वर्जन के दौरान सम्मान में खड़े दिखे. तनवीर सादिक ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर तंज कसा. उन्होंने लिखा, ‘जनाब तारिक कर्रा साहब, प्लीज अपने कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों को देखें और अपने मूल्यवान विचार सभी के साथ शेयर करें. थैंक्यू.’

इससे पहले, कांग्रेस नेता तारिक हमीद ने उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘राष्ट्रीय प्रतीक, गीत और परंपराएं हर भारतीय के दिल में एक खास जगह रखते हैं. इनकी असली ताकत हमारे जैसे विविधतापूर्ण देश को एक सूत्र में बांधने की क्षमता में है. इसलिए ये चिंता की बात है कि हमारे गठबंधन सहयोगियों ने पूरा वर्जन गाने का विकल्प चुना.’

वहीं, कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने उमर अब्दुल्ला का वीडियो शेयर करते हुए कहा था, ‘वंदे मातरम का पूरा वर्जन उस साझा और बहुलवादी संस्कृति के साथ मेल नहीं खाता, जिसकी कल्पना हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी. हमारे लिए महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और मौलाना आजाद का फैसला सबसे ऊपर है.’

वेणुगोपाल ने आगे कहा, ‘हम सम्मान के साथ अपने सहयोगियों से अपील करते हैं कि वो स्वतंत्रता सेनानियों की समझ का सम्मान करें और उसी वर्जन के साथ खड़े हों जिसे उन्होंने अपनाया था.’

बता दें कि कांग्रेस का तर्क है कि 1937 में वंदे मातरम के चुनिंदा हिस्सों को इसलिए अपनाया गया था ताकि इसका सांप्रदायिकीकरण न हो सके. हालांकि, नेशनल कॉन्फ्रेंस के कर्नाटक और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों के वीडियो सामने लाए जाने के बाद कांग्रेस बैकफुट पर दिख रही है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here