केंद्र सरकार ने पेट्रोकेमिकल्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ी राहत दी है। पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के चलते पेट्रोकेमिकल्स से लेकर तमाम चीजों की ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित है। इसकी वजह से भारतीय उद्योगों पर पड़ रहे असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की समिति ने पेट्रोकेमिकल्स और पॉलिमर्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को अस्थायी रूप से खत्म कर दिया है। यह छूट 2 अप्रैल से 30 जून तक लागू रहेगी, जिससे घरेलू उद्योगों की लागत घटेगी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा।
40 से ज्यादा केमिकल्स पर जीरो ड्यूटी
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक 40 से अधिक केमिकल प्रोडक्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) को तीन महीने के लिए शून्य कर दिया गया है। इसमें एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, मेथनॉल और विनाइल क्लोराइड जैसे अहम केमिकल्स शामिल हैं, जो कई इंडस्ट्रीज की बैकबोन माने जाते हैं।

प्रोडक्ट पहले BCD (%) कैटेगरी
एनहाइड्रस अमोनिया 6.5% बेसिक केमिकल
टोल्यून (Toluene) 6.5% एरोमैटिक केमिकल
स्टाइरीन (Styrene) 6.5% मोनोमर
डाइक्लोरोमीथेन 6.5% सॉल्वेंट
विनाइल क्लोराइड मोनोमर (VCM) 6.5% मोनोमर
मेथनॉल 6.5% फीडस्टॉक केमिकल
आइसोप्रोपाइल अल्कोहल (IPA) 6.5% इंडस्ट्रियल सॉल्वेंट
मोनोएथिलीन ग्लाइकोल (MEG) 6.5% इंटरमीडिएट
प्यूरिफाइड टेरेफ्थेलिक एसिड (PTA) 6.5% पॉलिएस्टर रॉ मैटेरियल
फिनॉल 6.5% इंडस्ट्रियल केमिकल
एसीटिक एसिड 6.5% इंटरमीडिएट
टोल्यून डायआइसोसाइनेट (TDI) 7.5% पॉलियूरीथेन फीडस्टॉक
पॉलीओल्स 7.5% पॉलियूरीथेन इंटरमीडिएट
ABS 7.5% पॉलिमर
PVC 10% पॉलिमर
PET 10% पॉलिमर
पॉलीयूरीथेन 7.5% पॉलिमर
एपॉक्सी रेजिन 7.5% स्पेशलिटी केमिकल
किन सेक्टर्स को मिलेगा सीधा फायदा
इस फैसले का सबसे बड़ा असर कंस्ट्रक्शन, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर पर पड़ेगा। पॉलिमर्स और रेजिन जैसे ABS, PVC, PET और पॉलीयूरीथेन की लागत घटने से इन इंडस्ट्रीज के लिए इनपुट कॉस्ट कम होगी और मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है।
इंपोर्ट लागत घटेगी, लेकिन चुनौतियां बरकरार
ड्यूटी हटने से इंपोर्ट की लैंडेड कॉस्ट कम होगी, खासकर उन केमिकल्स में जहां भारत आयात पर ज्यादा निर्भर है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि सप्लाई टाइटनेस और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याएं इस राहत के असर को कुछ हद तक सीमित कर सकती हैं।
एंटी-डंपिंग ड्यूटी जारी रहेगी
सरकार ने साफ किया है कि इस फैसले से एंटी-डंपिंग और सेफगार्ड ड्यूटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी जहां पहले से ये ड्यूटी लागू है, वहां वह जारी रहेगी।
FTA देशों का एडवांटेज घटेगा
इस कदम से FTA और CEPA के तहत मिलने वाला टैरिफ एडवांटेज अस्थायी रूप से कम हो सकता है। क्योंकि अब सभी देशों के लिए बेसिक ड्यूटी समान रूप से शून्य हो गई है, जिससे कीमतों का अंतर कम हो जाएगा।

