नासिक पुलिस की एसआईटी टीसीएस में कुछ महिला कर्मचारियों का यौन उत्पीड़न किए जाने के नौ मामलों की जांच कर रही है।
नासिक की एक अदालत ने शनिवार को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) कर्मचारी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। निदा खान टीसीएस के नासिक दफ्तर में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से संबंधित मामले में आरोपी है।नासिक पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) टीसीएस के नासिक दफ्तर में पुरुष कर्मियों द्वारा कुछ महिला कर्मचारियों का यौन उत्पीड़न किए जाने के नौ मामलों की जांच कर रहा है। एसआईटी ने नौ एफआईआर दर्ज कर एक महिला ऑपरेशन मैनेजर सहित आठ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है।

इस मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार, निदा खान ने कथित तौर पर महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह दी थी।अभियोजन पक्ष ने अदालत में निदा खान से हिरासत में पूछताछ पर जोर दिया। लोक अभियोजक अजय मिसर ने पत्रकारों से कहा, “यह एक गंभीर अपराध है। निदा खान मुख्य आरोपियों में से एक है, इसलिए उससे हिरासत में पूछताछ जरूरी है। अदालत ने आज निदा खान की जमानत याचिका खारिज कर दी।”
टीसीएस ने पिछले महीने कहा था कि कंपनी की नीति है कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और जबरदस्ती को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


