NATIONAL : डिफेंस सेक्टर में आएगी बड़ी क्रांति! DRDO की घातक मिसाइल तकनीक से अब निजी कंपनियां बनाएंगी हथियार

0
51

क्या भारत का डिफेंस सेक्टर अब पूरी तरह बदलने वाला है? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO की घातक मिसाइल तकनीकों को भारतीय निजी रक्षा कंपनियों को भी देने की मंजूरी दे दी है.

भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO की ओर से विकसित सभी पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों की तकनीक भारतीय रक्षा कंपनियों को सौंपने की अनुमति दे दी है. इस मंजूरी के बाद घरेलू रक्षा उद्योग निर्धारित मानकों और नियामकीय शर्तों के अनुरूप देश में ही मिसाइलों का निर्माण कर सकेंगे.

इस निर्णय को रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को गति देने वाला अहम कदम माना जा रहा है. इससे निजी कंपनियों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की भूमिका और मजबूत होगी. साथ ही, डीआरडीओ की ओर से विकसित उन्नत तकनीकों को प्रयोगशालाओं से निकालकर बड़े स्तर पर उत्पादन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.

रक्षा मंत्रालय का मानना है कि इस पहल से देश की निर्माण क्षमता बढ़ेगी और रक्षा क्षेत्र का औद्योगिक ढांचा और अधिक सशक्त होगा. इसके अलावा एमएसएमई, स्टार्टअप्स और अन्य तकनीकी साझेदारों को भी रक्षा आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे, जिससे स्वदेशी रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी.

सरकार का लक्ष्य रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू स्तर पर अत्याधुनिक सैन्य तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना है. यह कदम भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ नवाचार और तकनीकी सुधारों को भी प्रोत्साहित करेगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here