NATIONAL : देशभर में हीटवेव का कहर: अप्रैल से जून तक 12 से अधिक राज्यों में पड़ेगी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, केंद्र ने जारी किया अलर्ट

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देश में बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को अलर्ट जारी किया है। IMD के अनुसार कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा रहने और हीटवेव चलने की संभावना है, जिसे लेकर स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

देश में बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। गर्मी के असर को कम करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव पुण्या सलीला श्रीवास्तव (Punya Salila Srivastava) ने 23 अप्रैल 2026 को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर तैयारियां मजबूत करने को कहा है।

इस पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि आने वाले महीनों में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। आईएमडी (IMD Alert) के ताजा पूर्वानुमान (barish kab hogi) के अनुसार अप्रैल से जून 2026 के बीच देश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। खासकर पूर्व, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में हीटवेव के ज्यादा दिन देखने को मिल सकते हैं। ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में तेज गर्मी (Aaj Ka Mausam) का असर ज्यादा रहने की आशंका है। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।

मौसम विभाग लगातार लोगों को सावधान रहने की सलाह दे रहा है। केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं। हीट स्ट्रोक प्रबंधन इकाइयों को सक्रिय रखा जाए और एंबुलेंस सेवाओं को पूरी तरह तैयार रखा जाए। साथ ही, लोगों को समय-समय पर चेतावनी और सलाह जारी करने को भी कहा गया है, ताकि वे गर्मी से बचाव कर सकें। सरकार ने यह भी कहा है कि हीट स्ट्रोक से जुड़े मामलों की जानकारी तुरंत मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड की जाए, ताकि हालात पर नजर रखी जा सके।

बेहतर योजना और समन्वय के जरिए ही इस चुनौती से निपटा जा सकता है। राज्यों से यह भी अपील की गई है कि वे अपनी तैयारियों की नियमित समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी व्यक्ति की जान लापरवाही के कारण न जाए। इस समय देश के कई हिस्सों में गर्मी (Kal Ka Mausam) ने पहले ही गंभीर रूप ले लिया है। उत्तर भारत, पश्चिम भारत और मध्य भारत के कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। कुछ जगहों पर हालात और भी ज्यादा खराब हैं। बांदा में तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे अधिक तापमान में से एक है।

इसके अलावा अमरावती, वर्धा, जैसलमेर और अकोला जैसे शहरों में भी तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया है। बाड़मेर और खजुराहो में भी तेज गर्मी देखने को मिल रही है, जहां पारा 46 डिग्री के आसपास बना हुआ है। वहीं कोटा, चित्तौड़गढ़, झांसी, यवतमाल और चंद्रपुर जैसे शहरों में तापमान 45 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। चिंता की बात यह है कि कई जगहों पर तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है, जो हीटवेव की स्थिति को और गंभीर बनाता है। ऐसे में लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है।

राजधानी दिल्ली में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। यहां आज तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। रिज इलाके में 43.8 डिग्री और सफदरजंग में करीब 42.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। कुल मिलाकर अगर कहा जाए तो इस साल गर्मी का असर काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर स्थिति से निपटने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन लोगों को भी अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

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