ईटी-2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है। उनका आरोप है कि लगातार हो रहे पेपर लीक सरकार की परीक्षा प्रणाली की विफलता को उजागर करते हैं और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर दबाव बनाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र टीईटी के पेपर लीक ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने में सरकार की विफलता को उजागर किया है। दीपके ने यहां प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि नीट विवाद के बाद, पेपर लीक होने के कारण महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET-2026) को रद्द करना सरकार की परीक्षा आयोजित करने में विफलता का एक और उदाहरण है। वह महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 को निर्धारित तिथि से महज एक दिन पहले स्थगित किए जाने का जिक्र कर रहे थे। यह फैसला तब लिया गया जब कथित तौर पर प्रश्न पत्र के कुछ हिस्से लीक हो गए। पेपर लीक होने के कारण भिवंडी से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया और एक ‘अंतरराज्यीय गिरोह’ का भंडाफोड़ हुआ।

“भाजपा सरकार एक भी परीक्षा ठीक से आयोजित नहीं कर सकती”
अभिजीत दीपके ने कहा, “पहले नीट और अब महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा भी लीक हो गई और आखिरी समय पर रद्द कर दी गई। विद्यार्थी और शिक्षक 2017 से ही टीईटी घोटालों के बारे में आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार प्रशासन व्यवस्था को ठीक करने के बजाय हमारे युवाओं का भविष्य बर्बाद करने पर तुली है।” CJP के संस्थापक ने आरोप लगाया, “अब यह साफ हो गया है। महाराष्ट्र में टीईटी पेपर लीक से साबित होता है कि चाहे राज्य स्तर हो या राष्ट्रीय स्तर भाजपा सरकार एक भी परीक्षा ठीक से आयोजित नहीं कर सकती। वह बस राजनीतिक पार्टियों को तोड़ सकती है और दूसरे दलों के विधायकों और सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल कर सकती है।”

