देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव नतीजों में बड़ा राजनीतिक बदलाव दिख रहा है। पश्चिम बंगाल में भाजपा बहुमत की ओर बढ़ रही है। इससे एनडीए 21 राज्यों में मजबूत हो गया है। वहीं, इंडिया गठबंधन छह राज्यों तक सिमटता नजर आ रहा है। तमिलनाडु में विजय की पार्टी ने चौंकाया है, जबकि केरल में कांग्रेस को राहत मिली है। असम में भी भाजपा ने जीत की हैट्रिक लगाई है।
पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में शानदार फतह हासिल करने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) देश की राजनीति में और भी ज्यादा ताकतवर हो गई है। बंगाल के इतिहास में एक ‘जीत’ का नया अध्याय जोड़ते हुए विपक्ष को करारी मात दी है। इस प्रचंड जीत के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का दबदबा देश के 21 राज्यों में कायम हो गया है। वहीं, केंद्र में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभा रहा इंडिया गठबंधन अब सिकुड़ कर सिर्फ छह राज्यों तक ही सीमित रह गया है। इस नतीजे ने देश के सियासी नक्शे को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है।
चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 147 सीटों के जादुई आंकड़े को आसानी से पार कर लिया है और दोपहर ढाई बजे तक वह 191 सीटों पर बढ़त के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इस ऐतिहासिक जीत की खबर मिलते ही कोलकाता स्थित पार्टी कार्यालय में जश्न का माहौल बन गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को ‘झालमुड़ी’ खिलाकर जीत की खुशी मनाई। केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार भी इस जश्न में शामिल हुए। इसके साथ ही असम में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 79 सीटों पर बढ़त बना ली है, जहां जोरहाट सीट से कांग्रेस के गौरव गोगोई को भाजपा के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 23,182 वोटों से हरा दिया है। इन शानदार नतीजों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचने वाले हैं।

क्या इंडिया गठबंधन और कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी?
इस चुनाव के बाद इंडिया गठबंधन के भविष्य पर अनिश्चितता के भारी बादल मंडराने लगे हैं। भले ही केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने जीत हासिल की हो, लेकिन तमिलनाडु में द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा है। वहां ‘जन नायक’ अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने जबरदस्त उलटफेर करते हुए 234 में से 110 सीटों पर बढ़त बना ली है और विजय के परिवार में जश्न मन रहा है। अब कांग्रेस के पास अपने दम पर देश में सिर्फ तीन राज्यों- कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में ही पूर्ण बहुमत की सरकार बची है। इसके अलावा वह झारखंड में हेमंत सोरेन की पार्टी के साथ गठबंधन में है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, जो केंद्र में भाजपा का विरोध करती है लेकिन वह इंडिया गठबंधन से बाहर है।
21 राज्यों के जादुई आंकड़े तक पहुंचा एनडीए गठबंधन
पश्चिम बंगाल की शानदार फतह के बाद भाजपा ने अपने दम पर 15 राज्यों में सरकार बनाने का आंकड़ा छू लिया है। देश में कुल 29 राज्य हैं और बहुमत के लिए 14.5 राज्यों का आंकड़ा चाहिए होता है, जिसे भाजपा ने अकेले ही पार कर लिया है। इसके अलावा, अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर भाजपा का यह आंकड़ा 21 राज्यों तक पहुंच गया है। इसमें बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी), नगालैंड में नगा पीपुल्स फ्रंट और मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी के साथ गठबंधन की सरकारें शामिल हैं। इसका सीधा मतलब है कि देश के एक बहुत बड़े हिस्से पर अब सीधे तौर पर एनडीए का राज हो गया है।


