NATIONAL : मायावती ने अखिलेश पर कसा तंज: कहा- वोटों की खातिर गिरगिट की तरह रंग बदल रहे सपा सुप्रीमो

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लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर रंग को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने सपा के लाल रंग को लेकर अखिलेश पर तंज कसा है. साथ ही पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के छात्र क्रिकेट की ड्रेस का कलर नीला करने पर भी अखिलेश को आधे हाथों लिया.

मायावती ने कहा कि अब मुसलमान भी समाजवादी पार्टी से रूठ गए हैं, इसीलिए उन्होंने लाल कलर को भगवा ज्यादा किया है. इससे अन्य जाति धर्म के लोग उन्हें वोट करें, लेकिन ऐसा भी नहीं होगा. मुसलमान उनकी हकीकत जान चुका है और अब वह पहले की तरह बहुजन समाज पार्टी के साथ आ रहा है और 2007 की तरह ब्राह्मण समाज भी पहले से ही बसपा के साथ है. सपा का कुछ होने वाला नहीं है.

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट की है. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए समाजवादी पार्टी प्रमुख का प्रचारित ‘पीडीए रथ’ सपा के अपने लाल रंग का कम और आरएसएस/भाजपा के ‘भगवा’ रंग का (भगवाकरण) ज़्यादा है. ऐसे में लोगों में चर्चा यही है कि यह सब उनका वोटों के स्वार्थ की ख़ातिर गिरगिट की तरह लगातार रंग बदलना है या फिर मुसलमानों पर से सपा प्रमुख का वोट पाने का भरोसा उठ जाना है?

मायावती ने कहा कि वैसे भी यूपी के ख़ासकर मुस्लिम समाज को इस कड़वी हकीकत का पूरी तरह से अहसास है कि पिछले चुनावों में सपा को अधिकांश एकतरफा वोट देने के बावजूद यह पार्टी (सपा) यूपी व केंद्र की सत्ता में भाजपा को सरकार बनाने से नहीं रोक पाई. अब भी वो सोच रहे हैं कि इस पार्टी को बार-बार वोट देकर अपना वोट ख़राब क्यों किया जाए. और इस मामले में अब वे अपर कास्ट में से ख़ासकर ब्राह्मण समाज की तरह ही अपना रवैया काफी तेज़ी से बीएसपी के पक्ष में बदल रहे हैं, क्योंकि बीएसपी यूपी में खासकर अपराध नियंत्रण व शान्ति-व्यवस्था के मामलों में क़ानून द्वारा क़ानून के राज के साथ ही व्यापक जनहित, जनकल्याण और विकास के मामलों में भी बेहतरीन आयरन लेडी राज यहां कई बार स्थापित करके दिखा चुकी हैं. जिसकी सर्वसमाज के हित व कल्याण में प्रदेश को सख़्त ज़रूरत भी है.

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इसके साथ ही सपा को यह भी जनता को ज़रूर बता देना चाहिए कि अब इनके ‘पीडीए’ की असली वास्तविकता क्या है? क्योंकि चुनावी स्वार्थ में अब तक इन्होंने कभी ‘पीडी’ को ‘पिछड़ा, दलित’ बताया तो कभी ‘पीडी’ को ‘पण्डित’ बताया है और कभी अपने आपको ‘अम्बेडकरवादी’ दर्शाने के चक्कर में बीएसपी का ‘नीला’ रंग वाला वस्त्र धारण कर तस्वीरें खिंचवाई है, लेकिन इसको लोगों ने फौरन ही फेक अम्बेडकरवादी कहकर रिजेक्ट भी कर दिया.

इसके विपरीत बीएसपी सर्वसमाज के लिए ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है. सभी को रोटी-रोज़गार-युक्त आत्म-सम्मान व स्वाभिमान का जीवन जीने की पक्षधर है, इसीलिए सर्वसमाज में बीएसपी का अपना सम्मान है.

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