बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत अपने विचारों को खुले रूप से रखने के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, 2024 में बीजेपी से जुड़ने और हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से सांसद बनने के बाद भी कई मौकों पर उनके बयान पार्टी की राय से अलग नजर आए हैं।
हाल ही में एक इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि वह बीजेपी की “कठपुतली” नहीं हैं। उन्होंने यह भी माना कि भविष्य में ऐसा हो सकता है कि पार्टी किसी मुद्दे पर उनका साथ न दे। इसके साथ ही कंगना ने अपने फिल्मी करियर को लेकर कहा कि आज भी कई निर्देशक उन्हें “बेहद डिमांडिंग एक्ट्रेस” मानते हैं।
कंगना ने आगे कहा कि अब उनकी दिलचस्पी ऐसे किरदार निभाने में ज्यादा है, जो उनकी उम्र के हिसाब से हों और जिनमें उन्हें किसी “खान या कुमार” के साथ कास्ट किया जाए। दूरदर्शन के साथ बातचीत में कंगना ने कहा कि “ऐसा नहीं है कि मैं अपनी पार्टी से दूर जाना चाहती हूं। लेकिन जब बहुत ज्यादा शोर होता है, तो अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए आवाज थोड़ी ऊंची करनी पड़ती है।”

एक्ट्रेस ने कहा “इसलिए कभी-कभी मैं कुछ कड़े बयान देती हूं। मेरा इरादा पार्टी की विचारधारा से अलग होने का बिल्कुल नहीं है। लेकिन अगर कभी एक इंसान के तौर पर मेरी राय अलग हो भी जाए, तो यह याद रखना चाहिए कि मैं कोई कठपुतली नहीं हूं। आज बीजेपी मेरे साथ है, हो सकता है कल न हो। मैं पिछले दो साल से सांसद हूं, जबकि एक अभिनेत्री के तौर पर मेरी पहचान और मेरा करियर पिछले 20 साल से है। मेरी अपनी एक पहचान पिछले 20 सालों से बनी हुई है।”
पहले एक्ट्रेस हूं फिर बीजेपी सांसद
कंगना का कहना था कि वो पहले एक एक्ट्रेस हैं, बाद में बीजेपी सांसद। उनकी पहचान आज भी बतौर अभिनेत्री ज्यादा है। एक्ट्रेस से जब पूछा गया कि उनके अगले 10 साल के प्लान क्या हैं। इस पर कंगना ने कहा कि ये बहुत मुश्किल सवाल है। आज भी कई निर्देशक उनके साथ काम करने के लिए एक्साइटेज हैं और उन्हें फिल्मों के ऑफर का इंतजार है। कंगना का कहना था कि कई डायरेक्टर उनसे पूछते हैं कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी क्यों बनाई।
बॉलीवुड में वापस फिल्मों में काम करने के बारे में एक्ट्रेस ने कहा कि अगर वह दोबारा पूरी तरह फिल्मों में लौटती हैं, तो क्या बॉलीवुड के बड़े प्रोडक्शन हाउस उन्हें काम देंगे। इस पर उन्होंने कहा कि वह पहले खुद ही इन बड़े ऑफर्स को ठुकरा चुकी हैं।
अपनी फिल्म जयललिता का हवाला देते हुए कंगना कहती हैं कि कुछ रोल निभाने के लिए एक खास तरह का व्यक्तित्व, उम्र और अंदाज होना जरूरी है। इसलिए मुझे लगता है कि ये भूमिकाएं मेरे लिए किसी खान या कुमार के साथ पारंपरिक हीरोइन का किरदार निभाने से ज्यादा बेहतर और सहज हैं।

