NATIONAL : “यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, युवाओं के भविष्य की चोरी है”, महाराष्ट्र TET-2026 पेपर लीक पर राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला

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महाराष्ट्र टीईटी-2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक के बाद इसे स्थगित किए जाने पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) के कथित पेपर लीक और पोस्टपोन होने को युवाओं के भविष्य के साथ “चोरी” बताया। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व ट्वीटर) लिखा कि, “एक और पेपर लीक, एक और परीक्षा रद्द। इस बार महाराष्ट्र का TET। देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है। यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।”

पोस्टपोन हुई TET-2026 की परीक्षा?
अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र में रविवार को आयोजित होने वाली टीईटी-2026 परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय ठाणे जिले के भिवंडी में हुई पुलिस कार्रवाई के बाद लिया गया, जहां कुछ लोगों के पास ऐसे प्रश्न मिले जो कथित तौर पर वास्तविक परीक्षा प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते बताए जा रहे हैं। इस मामले में भिवंडी पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामले की गंभीरता और विस्तृत जांच की जरूरत
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि परीक्षा का निष्पक्ष और पारदर्शी आयोजन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। परिषद ने बताया कि मामले की गंभीरता और विस्तृत जांच की आवश्यकता को देखते हुए 28 जून 2026 को निर्धारित टीईटी-2026 परीक्षा को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया गया है। वहीं, ठाणे जिला प्रशासन के अनुसार शनिवार तड़के पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि कुछ लोगों के पास परीक्षा प्रश्नपत्र से जुड़ी अनधिकृत जानकारी मौजूद है। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई के दौरान कथित पेपर लीक का मामला सामने आया, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई।

वहीं इससे पहले राहुल गांधी ने देश में पार्टी नेताओं से युवाओं के मुद्दों को लेकर चलाए जा रहे ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को सफल बनाने में सहयोग का आह्वान किया है। भारतीय युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) का यह अभियान प्रश्न पत्र लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा की बढ़ती लागत से जुड़ा है। पार्टी महासचिवों, प्रभारियों, प्रदेश अध्यक्षों, जिला अध्यक्षों और विभिन्न विभागों के प्रमुखों को लिखे एक पत्र में राहलु गांधी ने कहा कि भारत के युवा अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहे हैं और प्रश्न पत्र लीक, परीक्षाओं का रद्द होना, बार-बार पुनर्परीक्षाएं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, सरकारी पदों के खाली रहने, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा की बढ़ती लागत ने युवाओं और उनके परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है।

कोटा से हुई ‘छात्रों की गूंज’ की शुरूआत
राहुल ने कहा कि कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ रैली से उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा की एक श्रृंखला की शुरुआत की थी। उनके मुताबिक, मौजूदा शिक्षा व्यवस्था युवाओं पर अत्यधिक दबाव डालती है और उन्हें बेहतर भविष्य बनाने में सहयोग देने के बजाय उनके परिवारों को कर्ज, तनाव और कष्ट के दुष्चक्र में धकेल देती है। उन्होंने कहा कि युवाओं के उत्पीड़न और शोषण की सच्चाई को उजागर करना और इस संदेश को पूरे देश में समन्वित एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाना आवश्यक है। कांग्रेस नेता ने पार्टी पदाधिकारियों से भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई द्वारा देशभर में चलाए जाने वाले ’छात्रों की गूंज’ अभियान को पूर्ण समर्थन और सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आइए, हम सब मिलकर अपने युवाओं को इस दमनकारी व्यवस्था से मुक्त करें और ऐसी नई व्यवस्था की नींव रखें, जो उन्हें वह अवसर और सहयोग प्रदान करे, जिसके वे हकदार हैं।”

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