NATIONAL : विपक्ष के बिना क्या पास हो पाएगा महिला आरक्षण बिल, NDA के पास कितनी ताकत? जानें पूरा नंबर गेम

0
98

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन और परिसीमन से जुड़े विधेयक संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में पेश किए जाने हैं. आइए जानते महिला आरक्षण का नंबर गेम क्या है.

संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र गुरुवार (16 अप्रैल) से शुरू होने जा रहा है. जिसमें ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण कानून) में संशोधन और परिसीमन से जुड़े विधेयक पेश किए जाने हैं. सरकार की तैयारी है कि साल 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण और परिसीमन की प्रक्रिया को लागू कर दिया जाए. इसे पारित कराने के लिए लोकसभा और राज्यसभा दोनों में दो तिहाई बहुमत की जरूरत होगी. आइए समझते हैं कि दोनों सदनों का नंबर गेम क्या है.

पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, आज से संसद के विशेष सत्र में हमारा देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है. हमारी माताओं और बहनों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है, और इसी भावना के साथ हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं.’

विधेयक पास करने के लिए क्या है नंबर गेम?

131वां संविधान संशोधन बिल पास कराने के लिए बीजेपी सरकार को दो तिहाई वोटों की जरूरत पड़ेगी. लोकसभा की कुल 543 सीटों में से 3 सीटें रिक्त हैं. यानि कुल 540 लोकसभा के सांसद हैं. 540 सांसदों का दो तिहाई 360 होगा. यानि 360 वोटों की जरूरत पड़ेगी. NDA के पास 293 सांसद हैं. इंडिया गठबंधन के पास 232 सांसद हैं, निर्दलीय सांसदों की संख्या 7 है. अन्य छोटे दलों के सांसदों की संख्या 8 है. वहीं राज्यसभा में यह 163 है. एनडीए के अभी 142 सदस्य हैं, यानी यहां वहां 21 वोटों से दूर है.

NDA के दलों में किसके पास कितने सांसद

  1. BJP- 240
  2. ⁠TDP- 16
  3. ⁠JDU- 12
  4. ⁠Shivsena- 7
  5. ⁠LJP (R)- 5
  6. ⁠Jansena Party- 2
  7. ⁠Janta Dal (S)- 2
  8. ⁠RLD- 2
  9. ⁠AGP- 1
  10. ⁠NCP- 1
  11. ⁠SKM- 1
  12. ⁠AJSU- 1
  13. ⁠Apna Dal (S)- 1
  14. ⁠UPPL- 1
  15. ⁠oth- 1

विपक्षी दलों की संख्या

  1. कांग्रेस- 98
  2. ⁠सपा- 37
  3. ⁠TMC- 28
  4. ⁠DMK- 22
  5. ⁠shivsena (UBT)- 9
  6. ⁠NCP (SP)- 8
  7. ⁠CPI (M)- 4
  8. ⁠RJD- 4
  9. ⁠IUML- 3
  10. ⁠AAP- 3
  11. ⁠JMM- 3
  12. ⁠CPI- 2
  13. ⁠VCK- 2
  14. ⁠CPI (ML)- 2
  15. ⁠NC- 2
  16. ⁠Kerala Congress- 1
  17. ⁠MDMK- 1
  18. ⁠AIMIM- 1
  19. ⁠RSP- 1
  20. ⁠ASP- 1

अन्य-
Independent- 7
YSRCP- 4
RLP- 1
BAP- 1
SAD- 1
ZPM- 1

कहां फंसा पेंच?

विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के समर्थन में हैं, लेकिन सरकार के इसे परिसीमन और 2029 के चुनाव से जोड़ने की वजह से वह इन विधेयकों का विरोध करने पर मजबूर है. अगर विपक्ष के सांसदों का सरकार को समर्थन नहीं मिलता है तो विधेयक को पारित कराना आसान नहीं होगा.

क्या बोले संजय राउत ?

शिवसेना(UBT) सांसद संजय राउत ने कहा, ‘कल विपक्षी दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई, उसमें राहुल गांधी भी मौजूद थे. हमारी पार्टी का महिला आरक्षण को लेकर कोई विरोध नहीं है, लेकिन जिस तरह से भाजपा इस बिल की आड़ में अपना राजनीतिक खेल कर रही है, उस पर हमारा विरोध है. आपको अपने हिसाब से आंकड़े बनाने हैं, परिसीमन करना है और राजनीति करनी है. आपको नारी शक्ति बिल का नाम बदलकर भाजपा शक्ति बिल कर देना चाहिए.’

प्रमोद तिवारी ने सरकार पर साधा निशाना

महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में समर्पित है. जब ये 2023 में आया था तब भी हमने समर्थन दिया था हमारी कोशिश थी राजीव गांधी का सपना पूरा करने की…भाजपा आरक्षण के नाम पर समाज में जहर बोना चाहती है। जिस तरीके से परिसीमन के नाम पर इसमें जहर का इंजेक्शन डाला गया है वे जान बूझकर 2 राज्यों के चुनाव के समय विशेष सत्र बुलाना, भाजपा की नीति और नियत पर सवाल खड़ा करता है.’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here