NATIONAL : चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान, 6 अक्टूबर को नगांव लोकसभा और 5 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव

0
12

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम व रेजीनगर, तमिलनाडु की मदुरंतकम व धारापुरम, पुडुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा सीटों औरअसम की नगांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव कराने की घोषणा की है।

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने सोमवार को तीन राज्यों की पांच विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराने की घोषणा की, जिनमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा रिक्त की गई नंदीग्राम सीट भी शामिल है। शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया था, जहां उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था।

6 अक्टूबर को होंगे उपचुनाव
चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी की पांच विधानसभा सीट के साथ-साथ असम के नगांव लोकसभा क्षेत्र में भी 6 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। नगांव सीट प्रद्युत बारदोलोई ने रिक्त की थी, जिन्होंने 2024 में कांग्रेस के टिकट पर इस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी। वह भाजपा में शामिल हो गए और हाल में हुए विधानसभा चुनाव में दिसपुर से विजयी हुए।

कब खाली हुई थी नंदीग्राम सीट
शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाई है। उन्होंने अप्रैल में हुए विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर, दो सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में 15,105 मतों के अंतर से हराया और बाद में नंदीग्राम सीट छोड़ दी। उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम में भी बनर्जी को हराया था।

हुमायूं कबीर की रेजीनगर सीट पर भी दोबारा चुनाव
पश्चिम बंगाल की एक और सीट, जिस पर उपचुनाव होने वाला है, वह है रेजीनगर। यह सीट आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई थी। कबीर तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता हैं। पार्टी से निकाले जाने के बाद उन्होंने एजेयूपी का गठन किया तथा 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नाओदा, दो सीट पर जीत हासिल की थी।

तमिलनाडु की इन सीटों पर भी बाय पोल इलेक्शन
तमिलनाडु में मदुरंतकम (आरक्षित) और धारापुरम (आरक्षित) विधानसभा सीट पर उपचुनाव होंगे। इन निर्वाचन क्षेत्रों में हाल ही में हुए चुनावों में अन्नाद्रमुक उम्मीदवार क्रमश: मरगथम कुमारवेल और पी. सत्यभामा ने जीत हासिल की थी। ये दोनों उन बागी अन्नाद्रमुक विधायकों के समूह में शामिल थे, जिन्होंने विधानसभा में विश्वास मत के दौरान मुख्यमंत्री विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार का समर्थन किया था। बाद में कुमारवेल और सत्यभामा ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हो गए, जिसके कारण उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी।

पुडुचेरी की सीट पर भी इलेक्शन
पुडुचेरी की थट्टनचावडी सीट मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एएनआरसी) के प्रमुख एन. रंगासामी ने रिक्त की थी, जिन्होंने विधानसभा चुनाव में थट्टनचावडी और मंगलम, दो सीट से जीत हासिल की थी। रंगासामी ने मंगलम सीट अपने पास रखने का फैसला किया और थट्टनचावडी सीट से इस्तीफा दे दिया। एएनआरसी नेता ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि पार्टी के पूर्व विधायक अशोक आनंद उपचुनाव में उसकी ओर से उम्मीदवार होंगे।

इन सीटों पर नहीं तय हुई इलेक्शन डेट
चुनाव आयोग ने कहा कि संबंधित जिलों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। लोकसभा की दो अन्य सीट मेघालय में शिलांग और पश्चिम बंगाल में बशीरहाट अभी भी रिक्त हैं और इन संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अब तक चुनाव की तारीखें तय नहीं हुई हैं। इस साल फरवरी में ‘वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी’ (वीपीपी) के सांसद रिकी एंड्रयू जे. सिंगकॉन के निधन के बाद शिलांग सीट रिक्त हो गई थी, जबकि सितंबर 2024 में तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नूरुल इस्लाम के निधन के बाद से बशीरहाट की सीट खाली है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here