पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत 142 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए सोमवार को शाम छह बजे आधिकारिक रूप से प्रचार अभियान समाप्त हो गया। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रचार के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शीर्ष नेताओं ने मतदाताओं को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
सोमवार को प्रचार की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैरकपुर जनसभा से हुई, जहाँ उन्होंने जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि बीजेपी की जीत के बाद वह जल्द ही कोलकाता का दौरा करेंगे।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान रैली में उपस्थित लोगों से सीधा संवाद करते हुए उन्हें पत्र लिखने के लिए भी प्रोत्साहित किया। प्रधानमंत्री के अलावा गृहमंत्री अमित शाह ने कोलकाता के बेहाला पश्चिम इलाके में एक भव्य रोड शो के जरिए बीजेपी के लिए समर्थन मांगा, जिसे पिछले 15 वर्षों से टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बंगाल के चुनावी दंगल में हिस्सा लिया और अंतिम चरण के लिए कई रैलियों को संबोधित किया। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर सहित कोलकाता के विभिन्न हिस्सों में लगभग 14 किलोमीटर लंबी पदयात्रा की और 200 रैलियों के साथ अपने अभियान का समापन किया।
टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में चुनावी मोर्चा संभाला और लगभग 100 रैलियों के साथ अपना प्रचार अभियान पूरा किया। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में मुकाबला काफी रोचक हो गया है, जहाँ बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने भी ममता बनर्जी के खिलाफ पदयात्रा कर प्रचार किया।
प्रचार के अंतिम दिन चुनावी सरगर्मी के बीच राज्य के कई हिस्सों से हिंसक झड़पों की सूचना मिली है। हुगली, वर्धमान, दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों में छिटपुट हिंसा की घटनाओं के बावजूद सभी राजनीतिक दलों ने तय समय पर अपनी गतिविधियां समाप्त कर दीं।

