देश में पिछले 24 घंटे के अंदर अलग-अलग मौसम देखने को मिला। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में कई जगह पारा 40 से 46°C के बीच रहा। हालांकि, आंधी और हल्की बारिश से कई इलाकों में तापमान 2 से 3°C तक घट भी गया।उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश से 13 लोगों की मौत हो गई। सुल्तानपुर में सबसे ज्यादा 7 मौतें हुईं। वहीं, बिहार में भी 5 लोगों की मौत हुई है। पटना में आंधी से दीवार गरिने से 2 लोगों की मौत हो गई। कई जिलों में पेड़ गिर गए। उत्तराखंड के मसूरी में गुरुवार को ओले गिरे।
दिल्ली में गुरुवार को दोपहर बाद ओले गिरे। वहीं राजस्थान के कई जिलों में लगातार दूसरे दिन बारिश जारी है। कोटा में एक मकान पर बिजली गिरी। इधर उत्तराखंड के देहरादून और मसूरी में भी बारिश के साथ ओले गिरे हैं।यूपी का बांदा लगातार तीसरे दिन 45.8°C के साथ सबसे गर्म रहा। राजस्थान-मध्य प्रदेश के ज्यादातर जिलों में तापमान 40°C से ज्यादा रहा। एमपी में भोपाल और सीधी सबसे ज्यादा गर्म रहे। यहां पारा 43°C से ज्यादा रहा।
पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के सभी 7 राज्यों में भी बारिश हुई। मिजोरम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जिलों में स्कूल दूसरे दिन भी बंद रहे। खराब मौसम के चलते केदारनाथ धाम, फाटा, सोनप्रयाग, सर्सी और गुप्तकाशी में हेलीकॉप्टर सेवाएं रोक दी गईं हैं।मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश में आंधी, बारिश और ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा रेड अलर्ट पर हैं।

दरअसल, देश में कई मौसमी सिस्टम एक साथ एक्टिव हो गए हैं। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस, उत्तर से पूर्व तक फैली ट्रफ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, ये तीनों मिलकर अस्थिर मौसम बना रहे हैं। जिन क्षेत्रों तक नमी नहीं पहुंच रही, वहां जमीन बेहद गर्म होने से लू चल रही है।
मौसम के ऐसे हालात पूरी तरह असामान्य नहीं हैं। अप्रैल-मई में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होती हैं। पर इस बार कई सिस्टम एक साथ ज्यादा एक्टिव हैं। इसी कारण मौसम का असर ज्यादा तेज दिख रहा है।वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी ठंडी और नम हवाओं का सिस्टम है। भूमध्यसागर क्षेत्र से उत्तर भारत तक आता है। अभी उत्तरी पाकिस्तान व आसपास के क्षेत्रों पर सक्रिय है। असर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व उत्तराखंड तक है। उत्तर भारत के मैदानों में इसी वजह से आंधी-बारिश हो रही है।ट्रफ लाइन यानी यह कम दबाव की पट्टी है। गर्म और नम हवाओं के मिलने का मार्ग बनाती है। पश्चिमी विक्षोभ की ठंडी और खाड़ी से आई नम हवा ट्रफ के साथ मिलने पर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि होती है।


