अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं ने कई राज्यों में 26 प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच, ट्रस्ट को भंग करने और पूरे चढ़ावे की स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग उठाई है।
इसके साथ ही शनिवार को कांग्रेस ने देश के प्रधानमंत्री से इस मामले पर चुप्पी तोड़ने की मांग भी की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जब मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा का राजनीतिक श्रेय लिया गया था, तो अब कथित गड़बड़ियों पर जवाबदेही से बचा नहीं जा सकता।
‘चढ़ावा चोरी में BJP-RSS के लोग शामिल’
कांग्रेस ने वीडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘देश के करोड़ों लोगों ने आस्था से राम मंदिर में दान किया, लेकिन उनके साथ विश्वासघात हुआ। ‘चढ़ावा चोरी’ महापाप है, इसमें BJP-RSS के लोग शामिल हैं, लेकिन सिर्फ लीपापोती की जा रही है। इतना ही नहीं- राम मंदिर से जुड़ा सारा श्रेय लेने वाले नरेंद्र मोदी आज इस चोरी पर खामोश हैं।’

अभिषेक सिंघवी ने की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की भी मांग की और कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्यसभा सदस्य सिंघवी ने कहा कि लोगों का भरोसा बहाल करने के लिए इस मामले की स्वतंत्र और विश्वसनीय जांच आवश्यक है।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई, मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन में प्रतिष्ठित और स्वतंत्र व्यक्तियों को शामिल करने तथा ट्रस्ट की स्थापना से अब तक के खातों का फोरेंसिक ऑडिट कराने की भी मांग की।
सिंघवी ने कहा, ‘यदि उद्देश्य जनता का विश्वास बहाल करना है, तो उच्चतम न्यायालय के किसी ऐसे वरिष्ठ व्यक्ति की अध्यक्षता में न्यायिक जांच होनी चाहिए, जिनका नाम ही लोगों में भरोसा पैदा करता हो। साथ ही, ट्रस्ट की स्थापना से लेकर अब तक के खातों का फोरेंसिक ऑडिट भी कराया जाना चाहिए।’ उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक की गई गिरफ्तारियां केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित हैं और सवाल किया कि किसी वरिष्ठ अधिकारी की जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई।
पीएम मोदी और गृहमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने कहा, ‘हम इस मुद्दे को पूरे देश में उठा रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। इस लूट ने देश के करोड़ों श्रद्धालुओं को प्रभावित किया है। लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इस मामले पर चुप हैं। केवल उत्तर प्रदेश पुलिस की एक एसआईटी गठित की गई है और इसके पीछे असली दोषियों को बचाने की मंशा है।’
दिल्ली कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि गहरी धार्मिक आस्था से जुड़े स्थल से संबंधित इतने गंभीर मामले पर देश के नेतृत्व की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आना अस्वीकार्य है।
हिमाचल कांग्रेस ने भी खोला मोर्चा
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एचपीसीसी) ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व न्यासी अनिल मिश्रा के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि ‘चढ़ावा चोरी’ के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।


