NATIONAL : राम मंदिर विवाद: कांग्रेस ने भाजपा-आरएसएस पर ‘चोरी पर पर्दा डालने’ का लगाया आरोप

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राम मंदिर में चंदे को लेकर उपजे विवाद बीच कांग्रेस पार्टी ने भाजपा और आरएसएस पर चोरी पर पर्दा डालने का आरोप लगाया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- अयोध्या के भगवान श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी करोड़ों देशवासियों की आस्था के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है। देशवासियों का मानना है कि इस्तीफों और सीमित कार्रवाई के जरिए पूरे मामले की लीपापोती कर असली गुनाहगारों और बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।हमारी मांग की है कि

  1. ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ को तत्काल भंग किया जाए और शंकराचार्यों, धर्माचार्यों, संतों व धार्मिक प्रतिनिधियों को शामिल कर नया ट्रस्ट गठित किया जाए।
  2. उत्तर प्रदेश सरकार की SIT पर जनता भरोसा नहीं करती है। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र रूप से होनी चाहिए।
  3. राम मंदिर के लिए मिले नकद और वस्तु रूप में चंदे का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए।
  4. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ें।
    कांग्रेस ने इस मामले में कई बड़ी मांगें रखी हैं;
    राम मंदिर ट्रस्ट को तुरंत भंग किया जाए
    नया ट्रस्ट बनाया जाए, जिसमें शंकराचार्य, धर्माचार्य और संत शामिल हों
    सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में स्वतंत्र जांच हो
    मंदिर में मिले सभी दान (कैश और सामग्री) का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए
  5. अशोक गहलोत का भी हमला
  6. पूर्व राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मंदिर प्रशासन पर ‘अनधिकृत कब्जा’ कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन सरकार’ होने के बावजूद पहले घटना से इनकार किया गया, फिर एसआईटी बनाई गई, एफआईआर दर्ज हुई और बाद में इस्तीफे लिए गए, यह सब मामले को दबाने की कोशिश दिखाता है।

ट्रस्ट में इस्तीफे और कार्रवाई
इस विवाद के बीच राम मंदिर ट्रस्ट ने अपने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। ट्रस्टी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया है। ट्रस्ट ने यह भी घोषणा की है कि दान व्यवस्था को पूरी तरह बदला जाएगा और नए सीईओ की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
पूरे विवाद पर ट्रस्ट की सफाई
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने इस घटना को ‘दुखद और शर्मनाक’ बताया। हालांकि उन्होंने चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि उनकी नीयत पर कोई सवाल नहीं है और संभव है कि उन्होंने गलत लोगों पर भरोसा किया हो।

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