पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर 6 अक्तूबर को उपचुनाव होने वाले हैं. लेकिन इससे पहले आरोप-प्रत्यारोप की सियासत जारी है. उपचुनाव से पहले बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. उन्होंने दावा किया है कि पांच साल पहले बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पूर्वी मेदिनीपुर के नंदीग्राम में ममता बनर्जी ने पैर में चोट लगने का झूठा प्रचार किया था. इसके लिए सीएम शुभेंदु ने अस्पताल के कागजात भी सबूत के तौर पर पेश किया.
सीएम शुभेंदु ने कहा कि राज्य सरकार ममता के इस ‘झूठे प्रचार’ की जांच शुरू करेगी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उपचुनाव खत्म होने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई के बारे में बताया जाएगा.
अधिकारी ने सबसे पहले शुक्रवार को नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान इस बारे में बात की. इसके अगले दिन अधिकारी ने नबन्ना में राज्य सचिवालय में एक ऑफिशियल प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जब वह SSKM अस्पताल की 11 मार्च 2021 की रिपोर्ट का हवाला दे रहे थे, तो मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने 2020 के चुनाव के वक्त चोट लगने को लेकर झूठ बोला था.

‘फ्रैक्चर के कोई सबूत नहीं’
सीएम शुभेंदु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेस का एक डॉक्यूमेंट सामने रखा. उन्होंने कहा, “इस घटना से नंदीग्राम के लोगों का अपमान हुआ है. इस डॉक्यूमेंट पर एक नज़र डालें. ‘फ्रैक्चर या डिसलोकेशन का कोई सबूत नहीं.”
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मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ CID की जांच का भी संकेत दिया है. उन्होंने कहा, “चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद, CID जांच जारी रहेगी. अगर कोई घटना होती है, तो पुलिस या CID जांच कर सकती है. लेकिन अगर कोई फेक कैंपेन चलाता है, नंदीग्राम के लोगों का अपमान करता है, मीडिया ट्रायल करता है और बंगाल के लोगों को गुमराह करता है तो उनके खिलाफ BNS के तहत कार्रवाई की जाएगी.”
2021 में क्या हुआ था?
2021 के विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी के पैर में अचानक फ्रैक्चर हो गया था. इससे उन्हें चुनाव के आखिर तक व्हीलचेयर पर रहना पड़ा था. माना जाता है कि उनके फ्रैक्चर ने उनकी पार्टी को राज्य भर के वोटरों से भारी सहानुभूति दिलाने में मदद की थी. जब BJP ने TMC के खिलाफ अपनी पूरी ताकत लगा दी थी, फिर भी नंदीग्राम चुनाव में ममता बनर्जी ने भारी बहुमत से बंगाल जीता था.


