संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर आठ घंटे तक चर्चा होगी. सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनने के बाद गतिरोध समाप्त हुआ है. कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के बहस में हिस्सा लेने की संभावना है. NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद लाए गए इस विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा माफिया के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है.
संसद के मानसून सत्र में कई दिनों से जारी गतिरोध के बाद मंगलवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर विस्तृत चर्चा होगी.
संसद के मानसून सत्र में कई दिनों से जारी गतिरोध के बाद मंगलवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर विस्तृत चर्चा होगी. सरकार और विपक्ष के बीच बनी सहमति के बाद सदन में इस अहम विधेयक पर करीब आठ घंटे तक बहस कराने का फैसला लिया गया है. माना जा रहा है कि NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर यह संसद की सबसे महत्वपूर्ण चर्चाओं में से एक होगी.

समाचार एजेंसी एएनआई सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के फ्लोर लीडर्स के साथ बैठक की थी. इसी बैठक में गतिरोध खत्म करने और विधेयक पर विस्तार से चर्चा कराने पर सहमति बनी. इसके बाद संसद में इस बिल पर व्यापक बहस का रास्ता साफ हो गया.
राहुल गांधी संभालेंगे कांग्रेस का मोर्चा
कांग्रेस ने भी इस चर्चा में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने का फैसला किया है. सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पार्टी की ओर से इस विधेयक पर मुख्य वक्ता होंगे. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के भी बहस में हिस्सा लेने की संभावना है. इससे पहले मंगलवार सुबह विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में अंतिम रणनीति तय की जाएगी.
सोमवार को सरकार इस विधेयक पर चर्चा शुरू कराना चाहती थी, लेकिन विपक्ष के हंगामे और लगातार नारेबाजी के कारण कार्यवाही बाधित होती रही. इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी. अब दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के बाद मंगलवार को विधेयक पर विस्तृत बहस होगी.
क्या है एंटी पेपर लीक बिल?
देशभर में NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार ने मौजूदा कानून को और सख्त बनाने के लिए यह संशोधन विधेयक पेश किया है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसे लोकसभा में पेश किया था. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य पेपर लीक, संगठित नकल गिरोह और परीक्षा माफिया पर कड़ा शिकंजा कसना है.
बिल में क्या-क्या बड़े प्रावधान?
प्रस्तावित संशोधन के तहत परीक्षा में धांधली करने वालों के लिए सजा को काफी सख्त किया गया है. अब ऐसे मामलों में कम से कम पांच साल और अधिकतम दस साल तक की जेल हो सकती है. साथ ही दोषियों पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा.
अगर कोई संगठित गिरोह या परीक्षा माफिया इस तरह के अपराध में शामिल पाया जाता है, तो उसके लिए कम से कम सात साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.
फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
विधेयक में यह भी प्रस्ताव है कि पेपर लीक और परीक्षा धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएं, ताकि मुकदमों का जल्द निपटारा हो सके और दोषियों को समय पर सजा मिले.सरकार का दावा है कि यह कानून देश की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा.

