NATIONAL : सुधर जाओ, वरना हम सुधार देंगे; CJP प्रोटेस्ट के बीच सौरव दास की दिल्ली पुलिस को धमकी

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ मुंबई में विरोध प्रदर्शन कर रही है। प्रोटेस्ट में पहले दिन काफी भीड़ इकट्ठा हुई। इस दौरान दिल्ली में भी लेफ्ट और अन्य संगठनों ने विरोध प्रदर्शन बुलाया था, लेकिन पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिसकर्मियों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस को धमकी दी है और दावा किया है कि उसने फिर से बर्बरता की है। दास ने दिल्ली पुलिस से कहा कि वह सुधर जाए, नहीं तो हम सुधार देंगे।

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, ”दिल्ली पुलिस ने फिर बर्बरता की। सुधर जाएं, वरना हम सुधार देंगे।” वहीं, सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (सीईसी) के इस्तीफे की मांग को लेकर शिवाजी पार्क में जुटे प्रदर्शनकारियों को जेल भेजने की शुक्रवार को चुनौती दी। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इतनी अक्षम है कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दो महीने के भीतर ही उन्हें एक और प्रदर्शन करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ सिर्फ एक नारा है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ‘एक राष्ट्र, एक पार्टी’ चाहती है। दीपके ने दावा किया कि मतदाताओं के नाम हटाये जाने के बाद भाजपा ने उन राज्यों में जीत हासिल की, जहां मोदी लहर के दौरान भी नहीं जीती थी। सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार इस्तीफा दें और आपराधिक कार्रवाई का सामना करें।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को सड़कों पर उतरे विपक्षी दलों के नेताओं और छात्र संगठनों के करीब 600 प्रदर्शनकायों को पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास से हिरासत में ले लिया , हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। आम आदमी पार्टी (आप), वामदलों, एनएसयूआई और आइसा के कार्यकर्ता मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गड़बड़ियों और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। हिरासत में लिए गए लोगों में आप नेता आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह, संजीव झा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और ऐसे कई अन्य नेता शामिल थे।

छात्र संगठनों के गठबंधन ने गांधी जयंती के अवसर पर इस प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम ठीक से नहीं किया गया। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने भी गांधी जयंती के अवसर पर मुंबई में इसी तरह के प्रदर्शन का आह्वान किया था। आप नेता आतिशी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि फतेहपुर बेरी थाने में भी क्रांतिकारियों का हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी और जोर देकर कहा कि “ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा।” प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर न बढ़ने की हिदायत दी गयी, क्योंकि प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली थी।

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