बीकानेर पुलिस ने ‘ऑपरेशन शॉक वेव’ (SHOCKWAVE) में पाकिस्तान से ड्रोन द्वारा भेजी गई ₹50 करोड़ की हेरोइन और ₹1.5 करोड़ के 11 विदेशी हथियार जब्त कर बड़ी नार्को-आर्म्स तस्करी साजिश का पर्दाफाश किया है. खाजूवाला में हुई इस कार्रवाई में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ. यह सफलता सीमा पार से होने वाली ड्रोन तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसके तार पंजाब तक जुड़े हैं.
Bikaner News: राजस्थान के बीकानेर जिले में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे खाजूवाला क्षेत्र में बीकानेर पुलिस ने पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश को नाकाम करने में सफलता पाई है. इसे पुलिस की नार्को-आर्म्स सिंडिकेट पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. ‘ऑपरेशन शॉक वेव’ (SHOCKWAVE) के तहत पुलिस ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की 10 किलोग्राम ‘999 मार्का’ अफगान हेरोइन और डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक कीमत के 11 विदेशी अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं. इस कार्रवाई में पाली निवासी वीरेंद्र को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें नामजद किया गया है.

बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के नेतृत्व में चलाए गए. इस अभियान में पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस (HUMINT) के आधार पर कार्रवाई की. पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के माध्यम से मादक पदार्थ और हथियार भारतीय सीमा में गिराए जाने वाले हैं. सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और ड्रोन ड्रॉपिंग के तुरंत बाद खेप को इंटरसेप्ट कर लिया.
बरामद हथियारों में दो तुर्की निर्मित Zigana पिस्टल, चार Glock पिस्टल और पांच स्टार मार्क 30 बोर पिस्टल शामिल हैं. इसके अलावा 22 मैगजीन और 100 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस अंतरराष्ट्रीय नार्को-आर्म्स सिंडिकेट के तार पंजाब तक जुड़े हुए हैं. पुलिस अब पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में जुटी है.
एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह पुलिस की निगरानी में हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर सीमा पार की तस्करी को सफल नहीं होने दिया जाएगा.
खुफिया जानकारी पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, इस ऑपरेशन की सफलता के पीछे मजबूत मुखबिर तंत्र और सटीक खुफिया जानकारी की अहम भूमिका रही. ऑपरेशन में साइबर एक्सपर्ट एएसआई दीपक यादव, कांस्टेबल श्रीराम और खाजूवाला थाना प्रभारी अशोक विश्नोई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पूरे अभियान के दौरान आईजी ओमप्रकाश और एसपी मृदुल कच्छावा स्वयं मौके पर मौजूद रहे और कार्रवाई की लगातार निगरानी करते रहे.
स्वतंत्रता दिवस से पहले मिली इस बड़ी सफलता को सीमा सुरक्षा और पाकिस्तान समर्थित ड्रोन तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बीकानेर पुलिस की सबसे प्रभावी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है. पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

